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अध्याय JEE Mains · Physics

STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति PYQ: JEE Mains Physics प्रश्न – पेज 3

2014–2026 के 166 प्रश्न। पदार्थ तरंग और दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

166प्रश्न
7टॉपिक
2014–2026वर्ष
कठिनाई स्तर
आसान 8% मध्यम 55% कठिन 37%

STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति के सभी प्रश्न

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166 में से 101–150 प्रश्न

  1. 101. समीकरण \(\lambda=\frac{1.227}{ x }\,nm\) का प्रयोग एक इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य ज्ञात करने में किया जा सकता है। इस समीकरण में \(x\) है : जहाँ, \(m =\) इलेक्ट्रान का द्रव्यमान \(P =\) इलेक्ट्रान का संवेग \(K =\) इलेक्ट्रान की गतिज ऊर्जा \(V =\) इलेक्ट्रॉन को त्वरित करने के लिए प्रयुक्त विभव \((volt\) में) 2022 आसान
  2. 102. \(v\) चाल से गतिशील एक इलेक्ट्रान तथा \(c\) चाल से गतिशील एक फोटोन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य समान है। यदि इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा \(E _{ e }\) एवं संवेग \(p _{ e }\) तथा फोटोन के \(E _{ ph }\) एवं \(p _{ ph }\) क्रमश है, तो 2022 मध्यम
  3. 103. विभव \(V _{ p }\) एवं \(V _{ d }\) से त्वरित, प्रोटॉन एवं डयूट्रान की तरंगदैद्यों का अनुपात \(1: \sqrt{2}\) है तो \(V _{ p }\) एवं \(V _{ d }\) का अनुपात होगा:- 2022 मध्यम
  4. 104. \(200\, V\) के विभवान्तर द्वारा एक \(\alpha\)-कण और एक प्रोटॉन को विराम से त्वरित किया गया है। इसके पश्चात इनकी दे ब्रॉग्ली (de Broglie) तरंगदैर्ध्य क्रमश: \(\lambda_{\alpha}\) और \(\lambda_{ p }\) हैं। \(\frac{\lambda_{ p }}{\lambda_{\alpha}}\) का मान है। 2021 मध्यम
  5. 105. \(3-\)विमा में इलेक्ट्रान की एक आदर्श गैस का ताप \(300\; K\) है। \(300\; K\) पर इलेक्ट्रान की डी一ब्रागली तरंगदैर्ध्य का लगभग मान है। \(\left[ m _{ e }=\right.\) इलेक्ट्रान का द्रव्यमान \(=9 \times 10^{-31} \;kg\) \(h =\) प्लांक नियतांक \(=6.6 \times 10^{-34}\; Js\) \(k _{ B }=\) बोल्टजमैन नियतांक \(=1.38 \times 10^{-23} \;JK ^{-1}\) ] 2021 मध्यम
  6. 106. \(491 \;nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रदीप्त करने पर किसी प्रकाश सुग्राही पष्ठ से इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए निरोधी विभव \(0.710\; V\) है। आपतित तरंगदैर्ध्य को परिवर्तित करने पर तरंगदैर्ध्य के नये मान के लिए निरोधी विभव \(1.43 \;V\) है। नयी तरंगदैर्ध्य का मान है। 2021 मध्यम
  7. 107. \(670.5\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी नियोन लैम्प \(0.48\) वोल्ट निरोध विभव के प्रकाश सुग्राही पदार्थ को किरणित करता है। यदि प्रकाश स्त्रोत को \(474.6\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य के दूसरे स्त्रोत से बदल दिया जाए, तो निरोधी विभव क्या होगा ? (वोल्ट मे) 2021 कठिन
  8. 108. \(9.1 \times 10^{-31} \;kg\) द्रव्यमान का कोई कण किसी माध्यम में \(10^{6} \;m / s\) की चाल से गति करता है और किसी विकिरण का कोई फोटॉन जिसका रेखीय संवेग \(10^{-27} \;kg\; m / s\) है निर्वात में गति करता है। फोटॉन की तरंगदैर्ध्य कण की तरंगदैर्ध्य का \(\dots\) गुना है। 2021 मध्यम
  9. 109. चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता \(B\) में स्थित \(1.25 \;eV\) कार्यफलन की किसी धातु पर \(500 \;nm\) तरंगदैर्ध्य का कोई प्रकाश पुन्ज आपतन करता है। चुम्बकीय क्षेत्र \(B\) के लम्बवत् अधिकतम गतिज ऊर्जा से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन \(30 \;cm\) त्रिज्या के वत्तीय चाप में मुड़ जाते हैं। \(B\) का मान \(\times 10^{-7}\; T\) है। दिया है \(hc =20 \times 10^{-26}\; J - m\), इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9 \times 10^{-31} \;kg\) 2021 कठिन
  10. 110. द्रव्यमान \(m\) के इलेक्ट्रोन तथा किसी फोटॉन की ऊर्जाएं \(E\) एकसमान है। इनसे संबद्भ दे-ब्राग्ली तरंग दैर्ध्यो का अनुपात है : 2021 मध्यम
  11. 111. \(E\) गतिज ऊर्जा के एक कण की डी一ब्रागली तरंगदेर्ध्य \(\lambda\) है। कण को कितनी अतिरिक्त ऊर्जा दी जाए कि उसकी डी一ब्रागली तरंगदैर्ध्य प्रारंभिक का \(75 \%\) हो जाए? 2021 कठिन
  12. 112. एक गतिशील प्रोटान तथा इलेक्ट्रान की डी一ब्राग्ली तरंगदैर्ध्य समान है। यदि \(K\) तथा \(P\) क्रमशः गतिज ऊर्जा तथा संवेग प्रदर्शित करते हो, तो। 2021 मध्यम
  13. 113. एक कण इलेक्ट्रॉन की गति से चार गुनी गति से चल रहा है। यदि कण और इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्यो का अनुपात \(2: 1\) हो, तो कण का द्रव्यमान होगा। 2021 मध्यम
  14. 114. एक प्रकाश वैद्युत प्रयोग मे लिथियम \((\phi=2.5 \;eV )\) कैथॉड के साथ \(280\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य का पैराबैंगनी प्रकाश प्रयुक्त होता है। यदि आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(400\) नैनोमीटर कर दी जाए, तो निरोधी विभव में परिवर्तन ज्ञात कीजिए। (\(V\) मे)  \(\left( h =6.63 \times 10^{-34} \;Js , \;c=3 \times 10^{8} \;ms ^{-1}\right)\) 2021 कठिन
  15. 115. इलेक्ट्रॉन की \(\left(\lambda_{e}\right)\), \(\alpha\)-कण की \(\left(\lambda_{\alpha}\right)\) तथा प्रोटॉन की \(\left(\lambda_{ p }\right)\) की दे-ब्राग्ली तरंगदैधर्यों का क्रम क्या होगा? दिया है कि सभी की गतिज ऊर्जा समान है ? 2021 मध्यम
  16. 116. जब किसी धात्विक पृष्ठ पर \(\lambda \) तरंगदैध्र्य का विकरण आपतित होता है तो निरोधी विभव \(4.8\)  वोल्ट है। यदि वही पृष्ठ दुगनी तरंगदैध्र्य के विकरण से दीप्त हो तो निरोधी विभव \(1.6\) वोल्ट हो जाता है। पृष्ठ की देहली तरंगदैध्र्य होगी 2021 कठिन
  17. 117. किसी इलेक्ट्रॉन और किसी प्रोटॉन को एक दूसरे से अत्यधिक दूरी द्वारा पथक किया गया है। यह इलेक्ट्रॉन \(3\; eV\) ऊर्जा के साथ प्रोटॉन की ओर गमन करना आरम्भ करता है। प्रोटॉन इस इलेक्ट्रॉन का प्रग्रहण कर लेता है और द्वितीय उत्तेजक अवस्था का हाइड्रोजन परमाणु बना लेता है। परिणामी फोटॉन \(4000 \;\mathring A\) देहली तरंगदैर्ध्य की किसी प्रकाश सुग्राही धातु पर आपतन करता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या है ? (\(eV\) मे) 2021 मध्यम
  18. 118. किसी इलेक्ट्रॉन और किसी प्रोटॉन से सम्बद्ध दे-ब्रॉग्ली तरंगदैधर्यों का परिकलन इन्हें \(100\; V\) के समान विभव से त्वरित करके किया गया। इनकी तरंगदैध्यों का अनुपात लगभग होना चाहिए लगभग । \(\left( m _{ P }=1.00727\;u , m _{ e }=0.00055 \;u \right)\) 2021 मध्यम
  19. 119. किसी प्रोटॉन और किसी \(\alpha\)-कण की दे ब्राग्ली (de Broglie) तरंगदैर्ध्य समान है। इनके वेगों का अनुपात होगा। 2021 मध्यम
  20. 120. \(m _{ e }\) द्रप्व्यमान के किसी इलेक्ट्रॉन तथा \(m _{ P }\) द्रव्यमान के किसी प्रोटॉन को समान विभवान्तर तक त्वरित किया गया है। इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन से सबंद्ध दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्यो का अनुपात \(\left(\lambda_{ e } / \lambda_{ P }\right)\) होगा। 2021 मध्यम
  21. 121. \(m _{ e }\) द्रव्यमान का एक इलेक्ट्रान और \(m _{ p }=1836 m _{ e }\) द्रव्यमान का एक प्रोटॉन समान समान चाल से गतिमान है। इसकी दे ब्राग्ली (de Broglie) तरंगदैर्ध्यों का अनुपात \(\frac{\lambda_{electron}}{\lambda_ {proton}}\) होगा। 2021 मध्यम
  22. 122. नीचे दो कथन दिए गए है: कथन\(-I :\) दो फोटॉनों जिनके रैखिक संवेग समान हैं, उनकी तरंगदैर्ध्य समान होती है। कथन\(-II :\) यदि किसी फोटॉन की तरंगदैर्ध्य कम हो जाती है तो उस फोटॉन का संवेग और ऊर्जा भी कम हो जाएगी। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में नीचे दिए गए विकल्पों में से उचित उत्तर चुनिए। 2021 मध्यम
  23. 123. प्रकाश वैद्युत प्रयोग में आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने पर। 2021 मध्यम
  24. 124. प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में, निरोधी विभव का मान आपतित विद्युतचुम्बकीय विकिरण के किस गुण पर निर्भर करता है? 2021 आसान
  25. 125. फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करने के लिए सोने (गोल्ड) के किसी पष्ठ पर हाइड्रोजन परमाणु के \(3 \rightarrow 2\) संक्रमण के तदनरूपी विकिरण को गिराया गया है। इन इलेक्ट्रॉनों को \(5 \times 10^{-4} \;T\) के चुम्बकीय क्षेत्र से गुजारा गया है। यह मानिए कि इन इलेक्ट्रॉनों द्वारा चले गए वत्तीय पथ की अधिकतम त्रिज्या \(7\; mm\) है, तब धातु का कार्यफलन होगा। \(\dots \; eV\) (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.1 \times 10^{-31} \;kg\) ) 2021 कठिन
  26. 126. फोटॉनों की दो धाराएँ जिनकी ऊर्जाएँ किसी धातु के कार्यफलन के दो गुने और दस गुने के बराबर है। उत्तरोत्तरतः उस धातु के पष्ठ पर आपतन करते है। इन दोनों प्रकरणों में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात \(x : y\) है। \(x\) का मान होगा। 2021 कठिन
  27. 127. समान कणों की संख्या वाली इलेक्ट्रानों तथा प्रोट्रानों की दो आदर्श गैसों पर विचार कीजिए। दोनों गैसों के ताप समान हैं। इलेक्ट्रान की स्थिति तथा प्रोट्रान की स्थिति ज्ञात करने में अनिश्चितिता का अनुपात होता है। 2021 कठिन
  28. 128. विराम मे स्थित \(4 M\) द्रव्यमान का कोई कण \(M\) और \(3 M\) द्रव्यमान के दो कणों जिनके वेग शून्येतर है में क्षयित होता है। द्रव्यमान \(M\) और द्रव्यमान \(3 M\) की दे-ब्राग्ली तरंगदैर्ध्यों का अनुपात होगा। 2021 मध्यम
  29. 129. यदि एक अपरावर्तित तल, जिसका क्षेत्रफल \(30 \;cm ^{2}\) है, पर \(40\) मिनट तक \(2.5 \times 10^{-6} \;N\) का औसत बल, प्रकाश तरंगों द्वारा आरोपित होता है, तो तल पर गिरने से पहले, प्रकाश का ऊर्जा फ्लक्स \(\dots \;W / cm ^{2}\) होगा। (निकटतम पूर्णांक में) (यहाँ पूर्ण अवशोषण और अभिलम्बवत आपतन की स्थितियों को माना गया है।) 2021 मध्यम
  30. 130. द्रव्यमान \(m _{ A }=\frac{ m }{2}\) वाला एक कण \(A , v _{0}\) वेग से \(x\)-अक्ष के अनुदिश गति करता हुआ विरामावस्था में स्थित द्रव्यमान \(m _{ B }=\frac{ m }{3}\) वाले एक अन्य कण \(B\) से प्रत्यास्थ रूप से टकराता है। यदि टक्कर के बाद दोनों कण \(x\)-अक्ष के अनुदिश गति करते है तो कण \(A\) की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य \(\Delta \lambda\) में परिवर्तन टक्कर से पूर्व इसकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य  \(\left(\lambda_{0}\right)\) के पदों में होगा। 2020 कठिन
  31. 131. एक धातु की सतह क्रमश: \(E _{1}=4\, eV\) और \(E _{2}=2.5\, eV\) की ऊर्जा के फोटानों द्वारा प्रकाशित की जाती है। इन दो स्थितियों में उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतियों का अनुपात \(2\) है। इस धातु का कार्य फलन ( \(eV\) में) होगा। 2020 मध्यम
  32. 132. एक धातु पर पड़ने वाले विकीरण की तरंगदैर्ध्य जब \(500\, nm\) से बदलकर \(200\, nm\) की जाती है, तो इससे उत्सर्जित होने वाले फोटोइलैक्ट्रॉन्स की अधिकतम गतिज ऊर्जा तीन गुना हो जाती है। ऐसी स्थिति में धातु की कार्यफलन निम्न में से किसके निकटतम है? (\(eV\) में) 2020 मध्यम
  33. 133. एक इलैक्ट्रॉन (द्रव्यमान \(m\) ) का प्रांरभिक वेग \(\overrightarrow{ v }= v _{0} \hat{ i }+ v _{0} \hat{ j }\) है तथा यह एक विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=- E _{0} \hat{ k }\) में है। यदि इलैक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तंरग का प्रांरभिक तरंगदैर्ध्य \(\lambda_{0}\) हो तो \(t\) समय के पश्चात इसका तरंगदैर्ध्य होगा। 2020 कठिन
  34. 134. एक इलेक्ट्रॉन, एक द्वि आयनित हीलियम आयन \(\left( He ^{++}\right)\) तथा एक प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा समान हैं। उनकी दे-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्यों \(\lambda_{ e }, \lambda_{ He ^{+}}\)तथा \(\lambda_{ P }\) के बीच सम्बन्ध है। 2020 मध्यम
  35. 135. गतिज ऊर्जा \(E\) के एक कण का डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) है। यदि इसकी ऊर्जा में \(\Delta E\) ऊर्जा और जोड़ी दी जाय तो तरंगदैर्ध्य का मान \(\lambda / 2\) हो जाता है। \(\Delta E\) का मान है। 2020 मध्यम
  36. 136. जब \(4.0\, eV\) ऊर्जा के फोटॉन धातु \(A\) की सतह पर पड़ते हैं, तो इससे उत्सर्जित इलैक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(T _{ A } \,eV\) है और इनका डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य \(\lambda_{ A }\) है। एक दूसरी धातु \(B\) पर \(4.50 \,eV\) ऊर्जा के फोटॉनों के पड़ने पर उत्सर्जित इलैक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(T _{ B }=\left( T _{ A }-1.5\right)\, eV\) है। यदि इनका डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य \(\lambda_{ B }=2 \lambda_{ A }\) है, तो धातु \(B\) के कार्य फलन का मान ............. \(eV\) है। 2020 मध्यम
  37. 137. जब किसी धात्विक सतह पर, \(\lambda-\) तरंगदैर्ध्य का विकिरण का उपयोग किया जाता है तो रोधिका विभव \(V\) है। जब इस सतह पर \(3 \lambda\) तरंगदैर्ध्य्य का विकिरण आपतित होता है तो रोधिका विभव \(\frac{ V }{4}\) है। यदि इस सतह का देहली तरंगदैर्ध्य \(n \lambda\) हो तो \(n\) का मान होगा 2020 मध्यम
  38. 138. प्रकाश विधुत प्रभाव के एक प्रयोग के लिए निरोधी विभव का तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रम के साथ विचरण चित्र में बने ग्राफ से दर्शाया गया है। यदि प्रयोग में आपाती विकिरण की तीव्रता बढ़ाई जाये तो
    2020 मध्यम
  39. 139. तेजी से चलते हुए एक कण की गति एक गतिमान इलेक्ट्रॉन से \(5\) गुना ज्यादा है। कण के डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य और इस इलेक्ट्रॉन के डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का अनुपात \(1.878 \times 10^{-4}\) है। कण का द्रव्यमान लगभग होगा। 2020 मध्यम
  40. 140. तीव्रता \(6.4 \times 10^{-5} \,W / cm ^{2}\) वाले विधुत-चुम्बकीय विकिरण के एक किरणपुंज में तरंगदैर्ध्य \(\lambda=310 \,nm\) हैं। यह किरण पुंज एक धातु (कार्य फलन \(\varphi=2\, eV\) ) की सतह पर लम्बवत् \(1 \,cm ^{2}\) क्षेत्रफल पर पड रहा है। यदि सतह पर पडने वाले \(10^{3}\) फोटॉनों में से केवल एक फोटॉन एक इलैक्ट्रॉन को निष्कासित करता हो और \(1 \,s\) में निष्कासित इलेक्ट्रॉनों की संख्या \(10^{x}\) हो, तो \(x\) का मान है। \(\left( hc =1240 \, eVnm , 1 \,eV =1.6 \times 10^{-19} \,J \right)\) 2020 कठिन
  41. 141. तरंगदैर्ध्य \(6561\;\mathring A\) का विकिरण एक धातु की सतह पर पड़ता है और इससे प्रकाशिक इलैक्ट्रॉन (photoelectrons) पैदा हाते है। इन इलैक्ट्रॉनों को एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र, जिसका मान \(3 \times 10^{-4} \,T\) है, में प्रवेश कराने पर उनके द्वारा बनाये गये सबसे बड़े वृत्तीय पथ की त्रिज्या \(10\, mm\) है। धातु के कार्य फलन का मान निम्न में से किसके निकटतम है ? 2020 कठिन
  42. 142. ऊर्जा \(E\) का एक इलेक्ट्रॉन किरण पुँज एक लक्ष्य से प्रकीर्णित होता है जिसका परमाणु अन्तराल \(1\, A^૦\) है। प्रथम महत्तम तीव्रता \(\theta=60^{\circ}\) पर प्राप्त होती है। तब \(E\) \(......\,eV\) होगा। (दिया है : प्लांक नियतांक \(h =6.64 \times 10^{-34}\, Js\), \(1 eV =1.6 \times 10^{-19} \,J\) इलेक्टॉन का द्रव्यमान \(m =9.1 \times 10^{-31} \,kg\) ) 2020 मध्यम
  43. 143. यह मान लें कि नाइट्रोजन अणु \(400 \,K\) पर वर्गमाध्य मूल वेग से गतिशील है, तब नाइट्रोजन अणुओं की डे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य लगभग \(......\mathring {A}\) है। (दिया है : नाइट्रोजन अणु का भार : \(4.64 \times 10^{-26} \,kg\), वोल्टजमान स्थिरांक : \(1.38 \times 10^{-23}\, J / K\), प्लांक स्थिरांक : \(6.63 \times 10^{-34} \,J . s\) ) 2020 कठिन
  44. 144. द्रव्यमान ' \(m\) ' तथा आवेश ' \(q\) ' के एक कण \(A\) को \(50 \,V\) विभवान्तर से त्वरित करते हैं। द्रव्यमान ' \(4 m\) ' तथा आवेश ' \(q\) ' के दूसरे कण \(B\) को \(2500\, V\) के विभवान्तर से त्वरित करते हैं। इन कणों की दे-ब्राग्ली तरंगदैध्यों के अनुपात \(\frac{\lambda_{ A }}{\lambda_{ B }}\) का सत्रिकट मान ....... है। 2019 मध्यम
  45. 145. दो कण एक दूसरे से लम्बवत् दिशाओं में गतिशील है। इन कणों की डी-ब्रोग्ली तरंग लम्बाइयाँ क्रमशः \(\lambda_{1}\) तथा \(\lambda_{2}\) है। इन कणों का पूर्णतया अप्रत्यास्थ संघट्ट होता है। परिणामी कण की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) इस समीकरण से दी जाती है। 2019 कठिन
  46. 146. एक \(2 \,mW\) लेजर की तरंगदैर्ध्य \(500\, nm\) है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी। [दिया है, प्लांक नियतांक \(h =6.6 \times 10^{-34} \,Js\), प्रकाश की चाल \(c =3.0 \times 10^{8} \,m / s\) ] 2019 कठिन
  47. 147. एक धात्विक प्लेट का क्षेत्रफल \(1 \times 10^{-4} \,m ^{2}\) है तथा इसे \(16\, mW / m ^{2}\) तीव्रता वाले विकिरण से प्रकाशित किया जाता है। धातु का कार्यफलन \(5 \,eV\) है। आपतित फोटॉनों की ऊर्जा \(10 \,eV\) है तथा इसका केवल \(10\, \%\) भाग ही फोटो इलेक्ट्रॉनों को उत्पन्न करता है। प्रति सैकण्ड उत्सर्जित फॉटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा उनकी अधिकतम ऊर्जा क्रमशः होगी। \(\left[1 \,eV =1.6 \times 10^{-19} \,J \right]\) 2019 कठिन
  48. 148. एक धातु के पृष्ठ को, पहले \(\lambda_{1}=350\, nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश और फिर \(\lambda_{2}=540\, nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से, प्रकाशित करते हैं तथा इससे उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चालों में \(2\) का अनुपात पाया जाता है। धातु के कार्यफलन का \(eV\) में, मान होगा (\(eV\) में) : (फोटॉन की ऊर्जा \( = \frac{{1240}}{{\lambda {\rm{(in\, nm)}}}}\,eV\) ) 2019 कठिन
  49. 149. एक इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की विभेदन उसमें प्रयोग किये गये इलेक्ट्रॉनों की तरंगदैर्ध्य की कोटि की की है। \(7.5 \times 10^{-12} \,m\) की चौड़ाई के विभेदन हेतु इलेक्ट्रॉन की न्यूनतम ऊर्जा का निकटतम मान होगा। (\(keV\) में) 2019 मध्यम
  50. 150. एक सोलर पैनल की सतह पर \(50\, W / m ^{2}\) ऊर्जा घनत्व का सूर्य का प्रकाश अभिलम्बवत् आपतित होता है। आपतित ऊर्जा का कुछ भाग \((25 \, \%)\) सतह से परावर्तित हो जाता है तथा बचा हुआ भाग अवशोषित हो जाता है। सतह के \(1 m ^{2}\) क्षेत्रफल पर लगने वाला बल होगा :\(\left( c =3 \times 10^{8} m / s \right)\) 2019 कठिन