STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति के सभी प्रश्न
नए पहले166 में से 151–166 प्रश्न
- 151. जब किसी प्रकाशसंवेदी सतह पर \(v\) आवृत्ति का एकवर्णीय प्रकाश आपतित किया जाता है तो प्रकाश धारा के लिये निरोधी विभव \(- V _{0} / 2\) प्राप्त होता है। जब सतह पर \(v / 2\) आवृत्ति का एकवर्णीय प्रकाश आपतित किया जाता है तो निरोधी विभव का मान \(- V _{0}\) होता है। प्रकाश उत्सर्जन के लिये दैहली आवृत्ति होगी । 2019 मध्यम
- 152. मूलबिन्दु पर एक प्रकाशीय तरंग के संगत चुम्बकीय क्षेत्र निम्न है : \(B = B _{0}\left[\sin \left(3.14 \times 10^{7}\right) ct +\sin \left(6.28 \times 10^{7}\right) ct \right]\). यदि यह प्रकाश एक चाँदी की प्लेट, जिसका कार्य फलन \(4.7\, eV\) है, पर पड़ता है तो इससे उत्सर्जित फोटोइलैक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(......\,eV\) होगी ? (दिया है : \(c =3 \times 10^{8} \,ms ^{-1}, h =6.6 \times 10^{-34}\, J - s\) ) 2019 कठिन
- 153. प्रकाश की एक तरंग का विधुत क्षेत्र निम्न है, \(\overrightarrow{ E }=10^{-3} \cos \left(\frac{2 \pi x }{5 \times 10^{-7}}-2 \pi \times 6 \times 10^{14} t \right) \hat{ x } \,\frac{ N }{ C }\) यह प्रकाश एक धातु की प्लेट पर आपतित है जिसका कार्य फलन \(2\, eV\) है। प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों के निरोधी विभव का मान \(......\,V\) होगा। 2019 कठिन
- 154. प्रकाश-विधुत प्रभाव के एक प्रयोग में धातु पर आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(300\, nm\) से बदलकर \(400\, nm\) करते हैं। निरोधी विभव में कमी होगी, लगभग \(.....\,V\) दिया है : \(\frac{ hc }{ e }=1240 \,nm - V)\) 2019 कठिन
- 155. यदि इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य \(6 \times 10^{14} \,Hz\) आवृत्ति के फोटॉन की तरंगदैर्ध्य के \(10^{-3}\) गुना है तो इलेक्ट्रॉन की चाल होगी ? (दिया है प्रकाश की चाल \(=3 \times 10^{8}\, m / s,\) प्लांक नियतांक \(=6.63 \times 10^{-34}\, J . s\,\,,\) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.1 \times 10^{-31} \,kg\) ) 2019 मध्यम
- 156. यहाँ आरेख में, एक सोडियम-उत्सर्जक के लिये, आवृत्ति \((v)\) के फलन के रूप में, निराधी विभव \(V _{0}\) (वोल्ट में) के परिवर्तन को दर्शाया गया हैं। इस ग्राफ से सोडियम का कार्य - फलन प्राप्त होगा : (\(eV\) में) (प्लाँक स्थिरांक \(( h )=6.63 \times 10^{-34} \,Js\), इलेक्ट्रॉन आवेश \(e =1.6 \times 10^{-19}\, C)\)
2019 मध्यम - 157. दो इलेक्ट्रॉन एक दूसरे की लम्बवत् दिशा में अनापेक्षिकीय चाल से चल रहे हैं। यदि उनकी संगत डे-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य \(\lambda_{1}\) तथा \(\lambda_{2}\) हैं, तो उनके द्रव्यमान केंद्र से जुड़े हुए निर्देश फ्रेम में उनकी डे\(-\)ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य होगी 2018 कठिन
- 158. किसी तत्व के नाभिक और परमाणु दोनों अपनीअपनी प्रथम उत्तेजित अवस्था में हैं। क्रमशः \(\lambda_{ N }\) तथा \(\lambda_{ A }\) तरंगदैर्ध्य के फोटॉनों को उत्सर्जित कर वह दोनों व्युत्तेजित होते हैं। अनुपात \(\frac{\lambda_{ N }}{\lambda_{ A }}\) का निकट मान है 2018 मध्यम
- 159. \(660 \;nm\) तरंगदैर्घ्य की एक लेज़ लाइट को रेटिना वियोजन को जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। यदि \(60 \;ms\) चौड़ाई एवं \(0.5 \;kW\) शक्ति के लेज़ स्पन्द (pulse) का प्रयोग किया जाये तो उस स्पन्द में फोटॉनों की संख्या लगभग होगी : [प्लांक नियतांक \(h =6.62 \times 10^{-34} \;Js\) ] 2017 मध्यम
- 160. जब आवृत्ति \(n\) का प्रकाश एक धातु के पृष्ठ पर पड़ता है तो उससे उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग \(v\) है। यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाकर \(3 n\) कर दी जाती है तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग होगा 2017 मध्यम
- 161. जब \(\lambda_{1}\) तरंगदैर्ध्य के फोटान एक विलगित गोले को प्रदीप्त करते हैं, तो संगत 'निरोधी-विभव' का मान \(V\) पाया जाता है। जब \(\lambda_{2}\) तरंगदैर्ध्य के फोटान उपयोग में लाये जाते हैं तो निरोधी-विभव का मान तिगुना \((3\;V)\) हो जाता है। अगर \(\lambda_{3}\) तरंगदैर्ध्य के फोटान से गोले को प्रदीप्त किया जाए तो निरोधी-विभव का मान होगा 2016 कठिन
- 162. \(50 V\) वोल्टता द्वारा त्वरित इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य का निकटतम मान होगा : \((| e |=1.6 \times 10^{-19} C , m _{ e }=9.1 \times 10^{-31} kg, \left. h =6.6 \times 10^{-34} Js \right)\) 2015 मध्यम
- 163. सूची\(-I\) (मूल प्रयोग) का सूची\(-II\) ( उसके परिणाम) के साथ सुमेलन (मैच) कीजिये और निम्नांकित विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिये
2015 मध्यमसूची \(-I\) सूची \(-II\) \((A)\) फ्रेंक हर्ट्स प्रयोग \((i)\) प्रकाश की कणिका प्रकृति \((b)\) प्रकाश विघुत प्रयोग \((ii)\) अणु के विविक्त ऊर्जा स्तर \((c)\) डेवीसन जर्मर प्रयोग \((iii)\) इलेक्ट्रोंन की तरंग प्रकृति \((iv)\) परमाणु की संरचना - 164. दो तरंगदैर्ध्यों \(4972\; \mathring A\) एवं \(6216\; \mathring A\) वाले प्रकाश की एक पुंज की कुल तीव्रता \(3.6 \times 10^{-3} \;Wm ^{-2}\) है जो कि दोनों तरंगदैर्ध्यों में एक समान वितरित है। \(2.3 \;eV\) कार्यफलन वाले एक साफ धातु के पृष्ठ के \(1 \;cm ^{2}\) क्षेत्रफल पर यह पुंज अभिलम्बवत् आपतित हैं। यह मान लें कि परावर्तन द्वारा किसी भी प्रकाश का ह्रास नहीं होता है और प्रत्येक क्षमित फोटान एक इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है। \(2 \;s\) में उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या है लगभग 2014 कठिन
- 165. निम्नलिखित कणों में से किस कण के लिये डी-ब्राग्ली सम्बन्ध का प्रायोगिक सत्यापन अत्यधिक मुश्किल होगा ? 2014 आसान
- 166. विश्राम अवस्था के एक इलेक्ट्रान से तरंगदैर्घ्य \(\lambda\) का एक फोटान प्रकीर्णित होता है। तरंगदैर्घ्य स्थानान्तर \(\Delta \lambda\) तरंगदैर्घ्य \(\lambda\) का तीन गुना है और प्रकीर्णन कोण \(\theta=60^{\circ}\) है। इलेक्ट्रान \(\phi\) कोण पर प्रतिक्षिप्त होता है। \(\tan \phi\) का मान है : (इलेक्ट्रान की चाल प्रकाश की चाल से काफी कम है) 2014 कठिन
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