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अध्याय JEE Mains · Physics

STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति PYQ: JEE Mains Physics प्रश्न – पेज 2

2014–2026 के 166 प्रश्न। पदार्थ तरंग और दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

166प्रश्न
7टॉपिक
2014–2026वर्ष
कठिनाई स्तर
आसान 8% मध्यम 55% कठिन 37%

STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति के सभी प्रश्न

नए पहले

166 में से 51–100 प्रश्न

  1. 51. जब UV प्रकाश जिसका तरंगदैर्ध्य \(300 \mathrm{~nm}\) है, \(2.13 \mathrm{eV}\) कार्य फलन वाली धातु की सतह पर आपतित होता है, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन होता है। निरोधी विभव _______ है। (दिया गया है hc \(=1240 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\) ) 2024 कठिन
  2. 52. मूल बिन्दु पर एक बिन्दु स्त्रोत \(16 \times 10^{-8} \mathrm{Wm}^{-2}\) तीव्रता की ध्वनि तरंगें उत्पन्न करता है। मूल बिन्दु से क्रमशः \(2 \mathrm{~m}\) तथा \(4 \mathrm{~m}\) की दूरी पर स्थित बिन्दुओं पर उत्पन्न तीव्रताओं कें अन्तर का परिमाण _______ \(\times 10^{-8} \mathrm{Wm}^{-2}\). 2024 कठिन
  3. 53. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन \(A\) और दूसरे को कारण \(R\) के रूप में अंकित किया गया है। अभिकथन \(A\) : प्रकाश की आवृत्ति में वृद्धि के साथ फोटॉनों की संख्या बढ़ती है। कारण \(R\) : उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित विकिरण की आवृत्ति के साथ बढ़ती है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए : 2024 कठिन
  4. 54. नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन-\(I\): चित्र में दो प्रकाश संवेदी पदार्थों \(M_1\) और \(M_2\) के लिए निरोधी विभव का आवृत्ति \((v)\) के साथ परिवर्तन दर्शाया गया है। ढलान \(\frac{h}{e}\) का मान देता है, जहाँ \(h\) प्लांक नियतांक है, \(e\) इलेक्ट्रॉन का आवेश है। कथन-\(II\): \(M_2\) समान आवृत्ति वाले आपतित विकिरण के लिए अधिक गतिज ऊर्जा के फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करेगा। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
    2024 कठिन
  5. 55. निम्नलिखित में से कौन सी परिघटना प्रकाश की तरंग प्रकृति द्वारा स्पष्ट नहीं की जा सकती है? \((A)\) परावर्तन \((B)\) विवर्तन \((C)\) प्रकाश-विद्युत प्रभाव \((D)\) व्यतिकरण \((E)\) ध्रुवण नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए : 2024 कठिन
  6. 56. निरोधी विभव \(\left(\mathrm{V}_0\right)\) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है? 2024 कठिन
  7. 57. प्रकाश वैद्युत प्रभाव के लिए प्रदर्शित चित्र में प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(\left(\mathrm{E}_{\mathrm{k}}\right)\) तथा आपतित फोटानों की आवृत्ति (\(v\)) के बीच वक्र खींचा जाता है। वक्र की प्रवणता _______ प्रदान करती है।
    2024 कठिन
  8. 58. प्रकाश विद्युत प्रयोग में \(2.48 \mathrm{eV}\) ऊर्जा एक प्रकाश संवेदी पदार्थ पर आपतित होती है। निरोधी विभव \(0.5 \mathrm{~V}\) मापा गया। प्रकाश संवेदी पदार्थ का कार्य फलन _______ है। 2024 कठिन
  9. 59. फ्रैंक-हर्ट्ज़ प्रयोग में, हाइड्रोजन के लिए धारा-वोल्टेज ग्राफ में पहला गर्त \(10.2 \mathrm{~V}\) पर देखा जाता है। हाइड्रोजन परमाणु द्वारा पहले उत्तेजन स्तर तक उत्तेजित होने पर उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य _______ \(\mathrm{nm}\) है। \(\left(\right.\) दिया है \(\mathrm{hc}=1245 \mathrm{eV} \mathrm{nm}, \mathrm{e}=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\) ). 2024 कठिन
  10. 60. यदि समय \(t\) में एक पृष्ठ को स्थानांतरित कुल ऊर्जा \(6.48 \times 10^5 \mathrm{~J}\) है, तो पूर्ण अवशोषण के लिए इस पृष्ठ को दिया गया कुल संवेग _______ होगा। 2024 कठिन
  11. 61. \(\phi_{\mathrm{A}}=9 \mathrm{eV}\) एवं \(\phi_{\mathrm{B}}=4.5 \mathrm{eV}\) कार्यफलन वाले दो धात्विक तलों \(\mathrm{A}\) एवं \(\mathrm{B}\) के देहली तरंगदैर्ध्यो का अंतर \(\mathrm{nm}\) में है: (दिया है \(\mathrm{hc}=1242 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\) ) 2023 आसान
  12. 62. \(\mathrm{E}\) गतिज ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) है। यदि इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा \(\frac{E}{4}\) हो जाए, तो इसकी डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य होगी: 2023 आसान
  13. 63. एक धातु की देहली आवृत्ति \(\mathrm{f}_0\) है। जब धातु के तल पर \(2 \mathrm{f}_0\) आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है, उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v_1\) है। जब आपतित प्रकाश की आवृत्ति \(5 \mathrm{f}_0\) तक बढा दी जाती है तो उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v_2\) है। \(v_1\) व \(v_2\) का अनुपात है: 2023 मध्यम
  14. 64. एक इलेक्ट्रान, \(\alpha\)-कण एवं एक प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा क्रमशः \(4 \mathrm{~K}, 2 \mathrm{~K}\) एवं \(\mathrm{K}\) है। इलेक्ट्रॉन, \(\alpha\)-कण तथा प्रोटॉन से सम्बन्धित डी-ब्रॉगली तरंगदैर्ध्य क्रमश: \(\lambda \mathrm{e}, \lambda \alpha\) तथा \(\lambda \mathrm{p}\) इस प्रकार हैं: 2023 मध्यम
  15. 65. एक \(\alpha\)-कण, एक प्रोटोन व एक इलेक्टॉन की गतिज ऊर्जा समान है। इनकी डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य के प्रकरण में सही विकल्प चुनिये। 2023 मध्यम
  16. 66. एक प्रोटॉन एवं एक \(\alpha\)-कण को क्रमशः \(2 \mathrm{~V}\) एवं \(4 \mathrm{~V}\) के द्वारा विश्राम से त्वरित किया जाता है। उनकी डी-ब्रॉगली तरंगदैर्ध्यों का अनुपात है: 2023 मध्यम
  17. 67. एक पदार्थ से प्रकाश वैद्युत उत्सर्जन के लिए देहली तरंग दैर्ध्य  \(5500 \mathring A\)  है। इस पदार्थ को निम्न में से किससे आने वाले किसी एक एकवर्णी विकिरण से प्रकाशित करने पर प्रकाश इलैक्ट्रॉन उत्सर्जित होंगे? \(A.\) \(75 \mathrm{~W}\) अवरक्त लैम्प \(B.\) \(10 \mathrm{~W}\) अवरक्त लैम्प \(C.\) \(75 \mathrm{~W}\) पराबैंगनी लैम्प \(D.\) \(10 \mathrm{~W}\) पराबैंगनी लैम्प नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए: 2023 मध्यम
  18. 68. जब किसी इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉन किरण पुँज को \(20 \mathrm{kV}\) के वोल्टेज (विभव) से त्वरित किया जाता है, तो डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य \(\lambda_0\) है। यदि वोल्टेज का मान बढ़ाकर \(40 \mathrm{kV}\) कर दिया जाए तो इलेक्ट्रॉन किरण पुँज में समाहित डी-ब्रोगली तरंगदैर्ध्य होगी : 2023 मध्यम
  19. 69. किसी अर्द्धगोलाकार सतह के वक्रता केन्द्र पर प्रकाश का एक बिंदु स्त्रोत रखा हुआ है। यह स्त्रोत \(24 \mathrm{~W}\) की शक्ति उत्सर्जित करता है। अर्द्धगोलीय वक्र की वक्रता त्रिज्या \(10 \mathrm{~cm}\) है एवं उसकी आंतरिक सतह पूर्णतः परावर्ती है। अर्द्धगोले पर, गिरने वाले प्रकाश के कारण आरोपित बल का मान \(\times 10^{-8} \mathrm{~N}\) है। 2023 कठिन
  20. 70. किसी धात्विक तल को \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से प्रदीप्त किया जाता है, जिसका रोधी विभव \(\mathrm{V}_0\) है। यदि इसी तल को \(2 \lambda\), तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से प्रदीप्त किया जाए तो रोधी विभव \(\frac{V_0}{4}\) हो जाता है। इस धात्विक तल के लिए देहली तरंगदैर्ध्य होगी: 2023 मध्यम
  21. 71. किसी धातु के लिए, आपतित प्रकाश की आवृत्ति \(\nu \left(\times 10^{14} Hz\right).\) के फलन के रूप में निरोधी विभव \(\left(\mathrm{V}_0\right)\) का परिवर्तन चित्र में प्रदर्शित हैं। धातु का कार्य फलन है
    2023 मध्यम
  22. 72. कमरे के तापमान \((300 \mathrm{~K})\) पर, किसी गैस के अणु की डी-ब्रॉगली तरंगदैर्ध्य \(\lambda_1\) है। यदि गैस का तापमान \(600 \mathrm{~K}\) तक बढ़ा दिया जाता है, तो उस गैस के अणु की डी-ब्रॉगली तरंगदैर्ध्य हो जाएगी: 2023 मध्यम
  23. 73. कोई छोटी वस्तु जो कि विश्राम अवस्था में है, ये \(20 \mathrm{~mW}\) शक्ति वाली प्रकाश स्पन्द को \(300 \mathrm{~ns}\) के समयान्तराल तक अवशोषित करती है। माना प्रकाश की चाल \(3.6 \times 10^6 \mathrm{~m} / \mathrm{s}\) है, वस्तु का संवेग \(........\times 10^{-17} kg\,m / s\)हो जाएगा : 2023 मध्यम
  24. 74. नीचे दो कथन दिए गए है: इनमें से एक को अभिकथन \(\mathrm{A}\) से निरूपित किया गया है, एवं दूसरे को कारण \(R\) से निरूपित किया गया है। अभिकथन \(A\) : इलेक्ट्रान पुंज तरंग प्रवृत्ति प्रदर्शित करते हैं, एवं इनका व्यतिकरण एवं विवर्तन होता है। कारण \(R\) : डेविसन एवं जर्मर प्रयोग ने यह सिद्ध किया था कि इलेक्ट्रॉन तरंग प्रवृत्ति भी प्रदर्शित कर सकते हैं। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधित उपयुक्त उत्तर चुनें। 2023 मध्यम
  25. 75. नीचे दो कथन दिये गये है: कथन \(I\) : एक धात्वीय सतह से इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए सूक्ष्म तरंगों, अवरक्त किरणों तथा पराबैंगनी किरणों में से परबैंगनी किरणें अधिक प्रभावी होती है। कथन \(II\) : देहली आवृति के ऊपर, फोटो इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृति के व्युत्क्रमानुपाती होती है। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए। 2023 मध्यम
  26. 76. निम्न दो कथन दिये गये है। कथन \(I :\) प्रकाश वैद्युत प्रभाव में निरोधी विभव प्रकाश स्त्रोत की शक्ति पर निर्भर नही करता है। कथन \(II :\) एक दी गई धातु के लिए, फोटो इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करती है। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिये। 2023 मध्यम
  27. 77. प्रकाश के वेग के दसवें भाग से घूमते हुए एक प्रोटॉन की डी-ब्रॉगली तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) है। निश्चित गतिज ऊर्जा के एक एल्फा कण की डी-ब्रागली तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) इसी के समान है। प्रोटॉन तथा एल्फा कण की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात है: 2023 मध्यम
  28. 78. प्रकाश वैद्युत प्रभाव के प्रयोग मे निम्नलिखित प्रेक्षण लिये गये हैं। पहचानिए इनमें से कौन से सही है: \(A.\) निरोधी विभव केवल धातु के कार्य फलन पर निर्भर करता है। \(B.\) आपतित प्रकाश की तीव्रता के बढ़ने पर संतृप्त धारा बढ़ती है। \(C.\) फोटो इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है। \(D.\) प्रकाश वैद्युत प्रभाव को प्रकाश के तरंग सिद्धान्त द्वारा समझाया जा सकता है। नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: 2023 मध्यम
  29. 79. प्रकाश वैद्युत प्रभाव में \(A\). प्रकाश धारा, आपतित विकिरण की तीव्रता के अनुक्रमानुपाती होती है। \(B\). जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है। \(C\). जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है। \(D\). प्रकाश इलेक्ट्रोंनों के उत्सर्जन के लिए आपतित विकिरण की एक न्यूनतम देहली तीव्रता आवश्यक होती है। \(E\). प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा,आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर नहीं करती। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें: 2023 मध्यम
  30. 80. प्रोटान \((\mathrm{P})\) तथा इलैक्ट्रान \((\mathrm{e})\) की डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य एक समान होगी जब इनके संवेगों का अनुपात है \(\left(\mathrm{m}_{\mathrm{p}}=1849 \mathrm{~m}_{\mathrm{e}}\right.\) मानकर)। 2023 आसान
  31. 81. समान गतिजऊर्जा वाले प्रोटोन व इलेक्ट्रोन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य का अनुपात है। (माना: \(\mathrm{m}_{\mathrm{p}}=\mathrm{m}_{\mathrm{e}} \times 1849\) है) 2023 मध्यम
  32. 82. समान विभव द्वारा, विश्राम अवस्था से त्वरित किए गए, \(\alpha\)-कण एवं एक प्रोटॉन की डी-ब्रोगली तरंगदैर्ध्यो का अनुपात \(\frac{1}{\sqrt{\mathrm{m}}}\) है। \(\mathrm{m}\) का मान होगा। 2023 आसान
  33. 83. \(\mathrm{V}_1\) विभवान्तर द्वारा त्वरित एक इलैक्ट्रॉन की डी-ब्रोगली तरंग दैर्ध्य \(\lambda\) है। जब विभव बदलकर \(\mathrm{V}_2\) कर दिया जाये तो इसकी डी-ब्रोगली तरंदैर्घ्य \(50 \%\) बढ़ जाती है। \(\left(\frac{\mathrm{V}_1}{\mathrm{~V}_2}\right)\) का मान किस के बराबर है ? 2023 मध्यम
  34. 84. आरम्भिक वेग \(\overrightarrow{ V }= V _{0} \hat{ i }\left( V _{0}>0\right)\) और द्रव्यमान \(m\) का कोई इलेक्ट्रॉन किसी विघ्युत-क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=- E _{0} \stackrel{\wedge}{ i }\) \(\left( E _{0}=\right.\) स्थिरांक \(>0\) ) में \(t =0\) पर प्रवेश करता है । यदि प्रारम्भ में इस इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य \(\lambda_{0}\) है, तो समय \(t\) पर इसकी दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य होगी 2022 कठिन
  35. 85. दो भिन्न आवृतियों के प्रकाश जिनके फोटोन की ऊर्जा क्रमशः \(3.8\,eV\) तथा \(1.4\,eV\) है, इनको एक धात्विक सतह जिसका कार्य फलन \(0.6\,eV\) है, पर क्रमागत रूप से गिराया जाता है। दोनों आवृत्तियों के लिये उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का अनुपात होगा - 2022 मध्यम
  36. 86. एक \(900\,nm\) तरंगदैर्ध्य एवं \(100\,Wm ^{-2}\) तीव्रता वाली एक समानान्तर किरणपुँज, एक सतह पर आपतित होती है, जो कि किरणपुँज के लम्बवत् है। एक सेकेण्ड में किरणपुँज के लम्बवत् \(1\,cm ^2\) क्षेत्रफल से गूजरने वाले फोटॉनों की संख्या होगी: 2022 मध्यम
  37. 87. एक धातु की सतह \(4500 \mathring A\) तरंगदैर्ध्य के विकीरण से प्रकाशित की जाती है। धातु से निकले फोटोइलेक्ट्रोन एक नियत चुम्बकीय क्षेत्र \(2\,mT\) के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र से \(90^{\circ}\) के कोण पर प्रवेश करते है। यदि यह \(2\,mm\) त्रिज्या के वृत्तिय पथ पर गति करना प्रारम्भ कर देते है, तो धातु का लगभग कार्यफलन ज्ञात कीजिए \(.......\,eV\) 2022 कठिन
  38. 88. एक धातु प्लेट पर देहली आवृति से दुगनी आवृति का प्रकाश गिराया जाता है तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v _1\) है। यदि आपतित प्रकाश की आवृति देहली आवृति से \(5\) गुना बढा दी जाये तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v _2\) हो जाता है। यदि \(v _2= x _1\) है तो \(x\) का मान है \(...........\) 2022 मध्यम
  39. 89. एक \(\alpha\) कण तथा एक कार्बन 12 परमाणु की गतिज ऊर्जा \(K\) समान है। उनकी डी-ब्रोगली तरंगदैर्ध्य का अनुपात \(\left(\lambda_a: \lambda_{c 12}\right)\) होगा। 2022 मध्यम
  40. 90. एक प्रोटॉन, एक न्यूट्रॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक \(\alpha\)-कण की ऊर्जा समान है। यदि \(\lambda_{ p }, \lambda_{ n }, \lambda_{ e }\) व \(\lambda_\alpha\) क्रमशः प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन व \(\alpha\) कण की डी-ब्रोग्ली तरंग दैर्ध्य है, तब नीचे दिए गए विकल्पों में से सही संबंध चुने : 2022 मध्यम
  41. 91. एक सतह जिसको तरंगदैर्ध्य \(6630 \mathring A\) से प्रकाशित किया गया है, से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रोनों के लिये निरोधी विभव \(0.42\,V\) है। यदि देहैली आवृति \(x \times 10^{13} / s\) है, तो \(x\) का मान निकटतम पूर्णाक में ज्ञात कीजिए। (दिया है: प्रकाश की चाल \(=3 \times 10^8\,m / s\), प्लांक नियतांक \(=6.63 \times 10^{-34}\,Js\) ) 2022 मध्यम
  42. 92. एक विद्युत चुम्बकीय तरंग की तरंगदैर्ध्य \(8\,mm\) है तथा यह \(x\) दिशा में संचरित है एवं \(y\) दिशा में कंपित विद्युत क्षेत्र का अधिकतम परिमाण \(60\,Vm ^{-1}\) है तो विद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों की सही समीकरणें चुनिये जबकि विद्युत चुम्बकीय तरंग निर्वात में संचरित हो 2022 मध्यम
  43. 93. जब आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) है तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा का मान \(E\) है। गतिज ऊर्जा का मान \(2 E\) प्राप्त करने के लिए आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य होना चाहिए : 2022 मध्यम
  44. 94. किसी बिन्दु पर प्रकाश तरंग से संबद्ध विद्युत क्षेत्र निम्न प्रकार से दिया जाता है- \(E =200\left[\sin \left(6 \times 10^{15}\right) t +\sin \left(9 \times 10^{15}\right) t \right] Vm ^{-1}\)  जहाँ \(h =4.14 \times 10^{-15}\,eVs\) यदि यह प्रकाश \(2.50\,eV\) कार्यफलन वाली धातु पर गिरता है तो फोटो-इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(.............\,eV\) होगी 2022 कठिन
  45. 95. किसी धातु को \(800\,nm\) तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश से प्रदीप्त किया जाता है, जिससे किसी नियत गतिज ऊर्जा के फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते है। यदि \(500\,nm\) तरंगदैर्ध्य का प्रकाश प्रयुक्त किया जाए तो फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का मान दोगुना होता है। धातु के कार्यफलन का मान \(..........\,eV\) होगा (माना \(hc =1230\,eV - nm\) ). 2022 मध्यम
  46. 96. \(M\) द्रव्यमान का एक नाभिक स्तिथर अवस्था में, \(\frac{ M ^{\prime}}{3}\) और \(\frac{2 M ^{\prime}}{3}\left( M ^{\prime} <  M \right)\) द्रव्यमानों के दो भागों में विभाजित होता है। दोनों भागों के डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्यो का अनुपात होगा : 2022 आसान
  47. 97. नीचे दो कथन दिये गये है: एक कथन \(A\) तथा दूसरा कारण \(R\) है। कथन \(A\) : यदि आपतित विकिरण की ऊर्जा एक धातु के कार्य फलन से कम है तो प्रकाश वैद्युत प्रभाव नही होता है। कथन \(R\) : प्रकाश-इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा शून्य होती है यदि आपतित विकिरण की ऊर्जा धातु के कार्य फलन के बराबर होती है। निम्न कथनों में से सर्वाधिक उचित कथन चुनिये। 2022 मध्यम
  48. 98. निम्न दो कथन दिये गए है :- कथन \(-I :\) डेवीसन-जर्मर का प्रयोग इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति को स्थापित करता है। कथन \(-II :\) यदि इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति है, तो वे व्यतिकरित हो सकते है तथा विवर्तन को दर्शाते है। नीचे दिए गये विकल्पों में से सही कथन चुनें : 2022 मध्यम
  49. 99. फोटो विद्युत प्रभाव के प्रेक्षण के सन्द्रर्भ में, नीचे दिए गए कथनों में से सही कथन चुनिए : \(A.\) फोटो इलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेग का वर्ग, आपतित प्रकाश की आवृत्ति के साथ सरल रेखीय रूप से परिवर्तित होता है। \(B.\) यदि प्रकाश स्त्रोत, धात्विक तल से दूर जाता है तो संतृप्त धारा का मान बढ़ता है। \(C.\) प्रकाश के एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) स्त्रोत की शक्ति के घटने पर, फोटो इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का मान घटता है। \(D.\) धात्विक तल से फोटो-इलेक्ट्रानों के तात्क्षणिक उत्सर्जन की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंग के कणीय व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। \(E.\) देहली तरंगदैर्ध्य के अस्तित्व की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंगों के तरंग व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए: 2022 कठिन
  50. 100. फोटोनों की दो धाराएँ, जिनकी ऊर्जाएँ, धातु के कार्यफलन की क्रमशः पाँच गुना एवं दस गुना हैं, उस धातु के तल पर आपतित होती हैं। दोनों परिस्थितियों में क्रमशः उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात होगा 2022 मध्यम