प्रश्न
नए पहले57 में से 1–50 प्रश्न
- 1. \(1\,\mu\)C आवेश \(\vec{v} = \left(\hat{i} - 2\hat{j} + 3\hat{k}\right)\) m/s के वेग से चुंबकीय क्षेत्र \(\vec{B} = \left(2\hat{i} + 3\hat{j} - 5\hat{k}\right)\) T में गतिमान है। इस पर लगने वाले बल का परिमाण \(\sqrt{\alpha} \times 10^{-6}\) N है। \(\alpha\) का मान _______ है। 2026 मध्यम
- 2. एक \(5\) mg द्रव्यमान का कण \(5\pi\times 10^{-6}\) C आवेश वहन कर रहा है और \((3\hat{i}+2\hat{k})\times 10^{-2}\) m/s के वेग से एक ऐसे क्षेत्र में गति कर रहा है जहाँ चुंबकीय क्षेत्र \(\vec{B} = 0.1\hat{k}\) Wb/m\(^2\) है। जब यह \(5\) चक्कर पूरे करता है, तो यह \(\hat{k}\) दिशा में \(\alpha\) मीटर की दूरी तय करता है। \(\alpha\) का मान ________ है। 2026 कठिन
- 3. एक धारावाही परिनालिका को ऊर्ध्वाधर रखा गया है और द्रव्यमान m का Q आवेश वाला एक कण विरामावस्था से छोड़ा जाता है। कण परिनालिका के अक्ष के अनुदिश गति करता है। यदि \(g\) गुरुत्वीय त्वरण है तो आवेशित कण का त्वरण (a) संतुष्ट करेगा : 2026 आसान
- 4. अलग-अलग प्रबलता के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र \(\left(B_1\right.\)और \(B_2\)), जो दोनों कागज के तल के लंबवत हैं, चित्र में दर्शाए अनुसार मौजूद हैं। द्रव्यमान m और आवेश q का एक आवेशित कण, किसी क्षण परिसीमा पर, वेग \(v\) से क्षेत्र 2 में गति करता है और परिसीमा पर वापस आता है। यह क्षेत्र 1 में आगे बढ़ता रहता है और अंत में परिसीमा पर पहुँचता है। इस गति के दौरान परिसीमा के अनुदिश कण का विस्थापन क्या है?

(कण के वेग को चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत मानिए और \(B_2 \gt B_1\) है) 2025 आसान - 5. एक आवेशित कण जिसका आवेश \(1.6 \mu \mathrm{C}\) और द्रव्यमान \(16 \mu \mathrm{~g}\) है, 6.28 T के एक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र में उपस्थित है। कण को फिर चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत दागा जाता है। कण द्वारा पहली बार मूल स्थान पर लौटने में लगा समय ________ S है। \((\pi=3.14)\) 2025 आसान
- 6. एक कसकर लपेटी गई लंबी परिनालिका में 1.5 A धारा प्रवाहित होती है। एक इलेक्ट्रॉन परिनालिका के अंदर 75 ns के आवर्तकाल के साथ एकसमान वृत्तीय गति कर रहा है। परिनालिका में प्रति मीटर फेरों की संख्या ________ है।
[इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(\mathrm{m}_{\mathrm{e}}=9 \times 10^{-31} \mathrm{~kg}\), इलेक्ट्रॉन का आवेश \(\left|\mathrm{q}_{\mathrm{e}}\right|=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\),
\(\left.\mu_0=4 \pi \times 10^{-7} \frac{\mathrm{~N}}{\mathrm{~A}^2}, 1 \mathrm{~ns}=10^{-9} \mathrm{~s}\right]\) 2025 आसान - 7. एक लंबे पतले चालक तार पर विचार कीजिए जिससे एकसमान धारा I प्रवाहित हो रही है। एक कण जिसका द्रव्यमान " M " और आवेश " \(q\) " है, को तार से " \(a\) " दूरी पर तार में धारा की दिशा के अनुदिश \(v_0\) चाल से छोड़ा जाता है। चुंबकीय बल के कारण कण तार की ओर आकर्षित होता है। जब कण तार से \(x\) दूरी पर होता है तो वह मुड़ जाता है। \(x\) का मान है। [ \(\mu_0\) निर्वात की पारगम्यता है] 2025 कठिन
- 8. एक प्रोटॉन परस्पर लंबवत वैद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के एक क्षेत्र में \(2 \times 10^5 \mathrm{~ms}^{-1}\) की नियत चाल से अविक्षेपित गति कर रहा है। जब वैद्युत क्षेत्र को बंद कर दिया जाता है, तो प्रोटॉन 2 cm त्रिज्या के एक वृत्ताकार पथ पर गति करता है। वैद्युत क्षेत्र का परिमाण \(x \times 10^4 \mathrm{~N} / \mathrm{C}\) है। \(x\) का मान _______ है। प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.6 \times 10^{-27} \mathrm{~kg}\) लीजिए। 2025 कठिन
- 9. नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) नाम दिया गया है।
अभिकथन (A) : एक इलेक्ट्रॉन एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के किसी निश्चित क्षेत्र में नियत वेग से एक सीधी रेखा पथ में गति कर रहा है।
कारण (R) : उस क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र इलेक्ट्रॉन के वेग की दिशा के अनुदिश है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें : 2025 मध्यम - 10. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन A के रूप में अंकित किया गया है और दूसरे को कारण R के रूप में अंकित किया गया है।
अभिकथन A : यदि ऑक्सीजन आयन \(\left(\mathrm{O}^{-2}\right)\) और हाइड्रोजन आयन \(\left(\mathrm{H}^{+}\right)\) समान संवेग के साथ चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत प्रवेश करते हैं, तो \(\mathrm{O}^{-2}\) आयन के पथ की वक्रता \(\mathrm{H}^{+}\) की तुलना में कम होती है।
कारण R : एक प्रोटॉन, जिसका रेखीय संवेग एक इलेक्ट्रॉन के समान है, एक समान चुंबकीय क्षेत्र में लंबवत प्रवेश करने पर कम वक्रता त्रिज्या का पथ बनाएगा।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें : 2025 आसान - 11. एक आवेश \(q\) पर \(v\) वेग से गतिमान होने पर लगने वाला स्थिरविद्युत बल \((\vec{F}_1)\) और चुंबकीय बल \((\vec{F}_2)\) को _______ लिखा जा सकता है। 2024 कठिन
- 12. एक इलेक्ट्रॉन एक समान चुंबकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{\mathrm{B}}=\mathrm{B}_0 \hat{\mathrm{i}}+2 \mathrm{~B}_0 \hat{\mathrm{j}} \mathrm{T}\) से होकर गति करता है। किसी क्षण इलेक्ट्रॉन वेग \(\overrightarrow{\mathrm{u}}=3 \hat{\mathrm{i}}+5 \hat{\mathrm{j}} \mathrm{m} / \mathrm{s}\) है। यदि इलेक्ट्रॉन पर आरोपित चुंबकीय बल \(\overrightarrow{\mathrm{F}}=5e \hat{\mathrm{k}} \mathrm{N}\) न्यूटन हो, जहाँ \(\mathrm{e}\) इलेक्ट्रॉन का आवेश है तो \(\mathrm{B}_0\) का मान _______ \({T}\) होगा। 2024 कठिन
- 13. एक इलेक्ट्रॉन, जिसकी गतिज ऊर्जा \(5 \mathrm{eV}\) है, \(3 \mu \mathrm{T}\) के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के ऐसे क्षेत्र में प्रवेश करता है जो उसकी दिशा के लंब है। वेग की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत एक विद्युत क्षेत्र \(\mathrm{E}\) लगाया जाता है। इलेक्ट्रॉन उसी पथ पर चले तो \(\mathrm{E}\) का मान _______ \(\mathrm{NC}^{-1}\) है। (दिया है, इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9 \times 10^{-31} \mathrm{~kg}\), विद्युत आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\) ) 2024 कठिन
- 14. एक इलेक्ट्रॉन को एक धारावाही लंबी परिनालिका के भीतर अक्ष के अनुदिश एक समान वेग से प्रक्षेपित किया जाता है। तब : 2024 कठिन
- 15. एक प्रोटॉन और एक ड्यूट्रॉन ( \(\mathrm{q}=+\mathrm{e}, m=2.0 \mathrm{u})\) जिनकी गतिज ऊर्जाएँ समान हैं, एकसमान चुंबकीय क्षेत्र \(\vec{B}\) में, \(\vec{B}\) के लंबवत गति करते हुए प्रवेश करते हैं। ड्यूट्रॉन के पथ की त्रिज्या \(r_d\) का प्रोटॉन के पथ की त्रिज्या \(r_p\) से अनुपात _______ है। 2024 कठिन
- 16. समान आवेश के दो कण \(\mathrm{X}\) तथा \(\mathrm{Y}\) एकसमान विभवान्तर द्वारा त्वरित किये जाते है। इसके बाद यह एक समान चुम्बकीय क्षेत्र परिसर में लंबवत प्रवेश करते है तंथा क्रमशः \(\mathrm{R}_1\) व \(\mathrm{R}_2\) त्रिज्या के वृत्तीय पथ बनाते हैं। \(\mathrm{X}\) तथा \(\mathrm{Y}\) के द्रव्यमानों का अनुपात _______ है। 2024 मध्यम
- 17. \(100 \mathrm{~V}\) के विभमान्तर द्वारा त्वरित \(2 \ \mu \mathrm{C}\) का एक आवेश कण \(4 \ \mathrm{mT}\) परिमाण के एक समान चुम्बकीय क्षेत्र के एक प्रभाग में क्षेत्र की दिशा से समकोण पर प्रवेश करता है। आवेशित कण चुम्बकीय क्षेत्र में \(3 \ \mathrm{~cm}\) त्रिज्या का अर्द्धवृत पूर्ण करता है। आवेशित कण का द्रव्यमान ___________ \(\times 10^{-18}\) किग्रा. है। 2023 मध्यम
- 18. \(2.0 \mathrm{eV}\) गतिज ऊर्जा से एक प्रोटॉन \(\frac{\pi}{2} \times 10^{-3} \mathrm{~T}\) परिमाण के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र के परिसर में गति करता है। चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा एवं प्रोटॉन के वेग के बीच का कोण \(60^{\circ}\) है। प्रोटॉन द्वारा तय किये गये हेलीकल पथ की पिच_________\(\mathrm{cm}\) है (लिया है, प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.6 \times 10^{-27} \mathrm{~kg}\) एवं प्रोटॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\) ). 2023 मध्यम
- 19. चुम्बकीय क्षेत्र \(\mathrm{B}\) में गतिमान एक आवेशित कण के वेग के घटक, \(\mathrm{B}\) के अनुदिश और \(\mathrm{B}\) के लम्बवत हैं। आवेशित कण का पथ होगा: 2023 मध्यम
- 20. एक इलैक्ट्रान एक सीधी धारावाही परिनालिका की अक्ष के अनुदिश नियत वेग से गति करता है। \(A\). इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा। \(B\). इलैक्ट्रान, चुम्बकीय बल का अनुभव नहीं करेगा। \(C\). इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश लगातार गति करेगा। \(D\). इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश त्वरित होगा। \(E\). इलैक्ट्रान, परिनालिका के अन्दर परवलयाकार पथ का अनुसरण करेगा। नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: 2023 मध्यम
- 21. एक इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(\mathrm{x}\)-अक्ष के अनुदिश गति कर रहा है। यदि गतिमान आवेश पर ऋणात्मक \(\mathrm{z}\)-अक्ष के समान्तर एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र आरोपित किया जाता हैं, तब \(A\). इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(y\)-अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा। \(B\). इलैक्ट्रॉन ॠणात्मक \(\mathrm{y}\)-अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा। \(C\). इलैक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र में किसी बल का अनुभव नही करेगा। \(D\). इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(\mathrm{x}\)-अक्ष के अनुदिश लगातार गति करेगा। \(E\). इलैक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र में वृत्ताकार पथ के अनुदिश गति करेगा। नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए: 2023 मध्यम
- 22. त्रिज्या \(\mathrm{r}_{\mathrm{A}}=10 \mathrm{~cm}\) एवं \(\mathrm{r}_{\mathrm{B}}=20 \mathrm{~cm}\) वाली दो अच्छी तरह कसी हुई वृत्ताकार कुंडलियों क्रमशः \(\mathrm{A}\) एवं \(\mathrm{B}\) में निहित चुम्बकीय आघूर्ण बराबर होगें यदि : (जहाँ \(\mathrm{N}_{\mathrm{A}}, \mathrm{I}_{\mathrm{A}}\) तथा \(\mathrm{N}_{\mathrm{B}}, \mathrm{I}_{\mathrm{B}}\) क्रमशः कुंडली \(A\) एवं \(B\) में घेरों की संख्या एवं धारा है) 2023 मध्यम
- 23. \(1 \times 10^{-4} Wbm ^{-2}\) के पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् दिशा में \(0.1 keV\) ऊर्जा का एक इलेक्ट्रॉन चलता है। इलेक्ट्रॉन के परिक्रमण की आवृत्ति होगी: (माना इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.0 \times 10^{-31} kg\) ) 2022 आसान
- 24. दो कथन निम्नलिखित है : एक कथन \((A)\) तथा दूसरा कारण \((R)\) है। कथन \((A)\): एक गतिशील आवेश कण की चाल तथा ऊर्जा एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में नियत बनी रहती है। कारण \((R)\) : एक गतिशील आवेश कण गति की दिशा के लम्बवत चुम्बकीय बल अनुभव करता है। 2022 मध्यम
- 25. दो लम्बे समान्तर चालक तार \(S _1\) व \(S _2\) एक-दूसरे से \(10\,cm\) की दूरी पर रखे हुए है तथा उनमें क्रमश: \(4 A\) व \(2 A\) धारा प्रवाहित होती है। दोनों चालक \(X - Y\) तल में रखे है। चित्रानुसार दोनों चालकों के मध्य एक बिन्दु \(P\) रिथत है। एक \(3 \pi\) कूलाम का आवेशित कण बिन्दु \(P\) से \(\overrightarrow{ v }=(2 \hat{ i }+3 \hat{ j }) m / s\); वेग से गुजरता है जहाँ \(\hat{ i } \& \hat{ j }, x\) तथा \(y\) अक्ष के अनुदिश इकाई सदिश को प्रदर्शित करते हैं। यदि आवेशित कण पर \(4 \pi \times 10^{-5}(- x \hat{ i }+2 \hat{ j }) N\). बल कार्यरत है तो \(x\) का मान होगा :
2022 कठिन - 26. एक आवेशित कण एक साइक्लोट्रॉन में एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करता है। आवेशित कण की गतिज ऊर्जा इसके प्रारम्भिक ऊर्जा से \(4\) गुनी तक बढ़ जाती है। आवेशित कण के वृत्तीय पथ की नई त्रिज्या एवं मूल त्रिज्या का अनुपात क्या होगा ? 2022 मध्यम
- 27. एक आवेशित कण किसी \((2 \hat{ i }+3 \hat{ j })\,T\) मान के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में चल रहा है। यदि इसका त्वरण \((\alpha \hat{ i }-4 \hat{ j })\,m / s ^2\) है, तो \(\alpha\) का मान होगा 2022 कठिन
- 28. एक ड्यूट्रोन तथा एक प्रोटोन समान गतिज ऊर्जा के साथ गति करते हुए एक समरुप चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करते है। यदि \(r_d\) व \(r_p\) क्रमश: उनके वृत्तीय पथों की त्रिज्यायें है, तो अनुपात \(r _{ d } / r _{ p }\) का मान \(\sqrt{ x }: 1\) हैं \(x\) का मान ज्ञात कीजिये। 2022 मध्यम
- 29. एक प्रोटोन, एक डयूट्रॉन और एक \(\alpha\)-कण समान गतिज ऊर्जा से एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करते है। उनके संगत वृतीय पथो की त्रिज्याओं का अनुपात होगा- 2022 मध्यम
- 30. एकल आयनित मैग्नेशियम परमाणु \((A24)\) को \(5\,keV\) गतिज ऊर्जा तक त्वारित किया जाता है तथा इसको \(0.5\,T\) परिमाण वाले चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत् रूप से प्रक्षेपित किया जाता है। निर्मित पथ की त्रिज्या \(cm\) में ज्ञात कीजिये। 2022 मध्यम
- 31. निम्न दो कथन दिए गए है- कथन \(I:\) विद्युत बल आवेशित कण की चाल बदलता है इसलिए इसकी गतिज ऊर्जा भी बदलती है जबकि चुम्बकीय बल आवेशित कण की गतिज ऊर्जा नहीं बदलता है। कथन \(II:\) विद्युत बल धनावेशित कण को विद्युत क्षेत्र की लम्बवत दिशा में त्वरित करता है। चुम्बकीय बल गतिमान धनावेशित कण को चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में त्वरित करता है। उपरोक्त कथनो के अनुसार सही विकल्प चुने: 2022 मध्यम
- 32. समान गतिज ऊर्जा वाले दो आवेशित कण, किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र से गुजरने के लिए स्वतंत्र हैं, जो कि उनकी गति की दिशा के लम्बवत् है। यदि उनके वृत्ताकार पथों की त्रिज्याओं का अनुपात \(6: 5\) है, एवं उनके क्रमशः द्रव्यमानों का अनुपात \(9: 4\) है, तो उनके आवेशों का अनुपात होगा : 2022 मध्यम
- 33. \(4\) परमाणु द्रव्यमान मात्रक (amu) तथा \(16\) (amu) के दो आयनों पर क्रमश: \(+2 \,e\) तथा \(+3 \,e\) का आवेश हैं। ये आयन अचर लम्बवत् चुम्बकीय क्षेत्र के परास से गुजरते हैं। यदि दानों आयनों की गतिज ऊर्जा समान है, तो। 2021 कठिन
- 34. दो आयनों, जिनके द्रव्यमान समान हैं, पर आवेशों का अनुपात \(1: 2\) है। इन्हें किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र के अभिलम्बवत् \(2: 3\) के अनुपात में चालों से प्रक्षेपित किया गया है। इनके वत्तीय प्रक्षेप पथों की त्रिज्याओं का अनुपात होगा। 2021 मध्यम
- 35. एक प्रोटॉन और \(\alpha\)-कण, जिनकी गतिज ऊर्जाएँ क्रमशः \(K _{ p }\) और \(K _{\alpha}\) हैं, किसी चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत् प्रवेश करते हैं। यदि प्रोटॉन और \(\alpha\)-कण के प्रक्षेप पथों की त्रिज्याओं का अनुपात \(2: 1\) है, तो \(K _{ p }: K _{\alpha}\) के अनुपात का मान होगा। 2021 मध्यम
- 36. किसी एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में एक प्रोटॉन, एक ड्यूटेरॉन और एक \(\alpha\)-कण समान संवेग से गतिमान हैं। इन पर लगे चुम्बकीय बलों का अनुपात \(......\) और चालों का अनुपात \(......\) हैं। 2021 कठिन
- 37. कोई डयूटैरॉन और कोई एल्फा कण, जिनकी गतिज ऊर्जा समान हैं किसी समान चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत प्रवेश करते हैं। मान लीजिए इनके वत्तीय पथों की त्रिज्याएं क्रमशः \(r_{d}\) और \(r_{\alpha}\) हैं, तब \(\frac{r_{d}}{r_{\alpha}}\) का मान होगा। 2021 मध्यम
- 38. \(1\, MeV\) गतिज ऊर्जा वाला एक प्रोटॉन दक्षिण से उत्तर की ओर चल रहा है। पश्चिम से पूर्व की ओर दिशा के एक चुम्बकीय क्षेत्र से इस पर \(10^{12}\, m / s ^{2}\) का त्वरण पैदा होता है। चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण ......\(mT\) होगा। (प्रोटॉन का विराम द्रव्यमान \(\left.=1.6 \times 10^{-27} \,kg \right)\) 2020 मध्यम
- 39. आवेश \(q\) तथा द्रव्यमान \(m\) का एक कण \(Y - Z\) समतल में \(d\) दूरी पर रखे पर्दे की ओर \(-v \hat{i}(v \neq 0)\) वेग से चल रहा है। यदि एक चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }= B _{0} \hat{ k }\) उपस्थित हो तो, \(v\) के किस न्यूनतम मान के लिए कण पर्दे से नहीं टकरायेगा ? 2020 मध्यम
- 40. चित्र में \('l'\) लंबाई का एक क्षेत्र दिखाया गया है जिसमें \(0.3 \,T\) का एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र में एक प्रोटॉन \(4 \times 10^{5}\) \(ms ^{-1}\) गति से चुम्बकीय क्षेत्र से \(60^{\circ}\) कोण बनाते हुए प्रवेश करता है। (यदि इस क्षेत्र को पार करने तक प्रोटॉन \(10\) परिक्रमण पूरे करता है, तो \('l'\) का मान निम्न में से किसके निकट है ? (प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.67 \times 10^{-27} \,kg\)
प्रोटॉन पर आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\) )
2020 कठिन - 41. एक आवेशित कण जिस पर \(1\, \mu C\) का आवेश है \((2 \hat{ i }+3 \hat{ j }+4 \hat{ k })\, ms ^{-1}\) वेग से चल रहा है। यदि कण के आस पास \((5 \hat{ i }+3 \hat{ j }-6 \hat{ k }) \times 10^{-3} \,T\) का चुम्बकीय क्षेत्र हो तो कण पर लगने वाला बल \(\overline{ F } \times 10^{-9} \,N\) है। \(\overline{ F }\) वेक्टर है। 2020 मध्यम
- 42. एक इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपी (electron gun) को \(R\) त्रिज्या की एक लम्बी परिनालिका के अक्ष पर रखा हुआ है।परिनालिका में तार के \(n\) घुमाव प्रति इकाई लम्बाई है तथा इसमें बहने वाली विधुत धारा का मान I है। इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपी परिनालिका की त्रिज्या की दिशा में \(v\) गति से इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपित करती है। यदि प्रक्षेपित इलैक्ट्रॉन परिनालिका की सतह से नहीं टकराते हैं तो \(v\) का अधिकतम मान कितना हो सकता है ? (सभी अक्षरों का मानक अर्थ लें)।
2020 मध्यम - 43. एक इलेक्ट्रॉन \(+ x\) दिशा में \(6 \times 10^{6} \,ms ^{-1}\) की चाल से चल रहा है। यह \(+ y\) दिशा में लगने वाले \(300\, V / cm\) के एक समान वैधुत क्षेत्र में प्रवेश करता है। यदि इलेक्ट्रॉन \(x\) दिशा में ही चलता रहता है तो इस स्थान पर उपस्थित चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा होंगे। 2020 कठिन
- 44. एक प्रोटॉन पूँज एकसमान विघुत क्षेत्र में, क्षेत्र से \(60^{\circ}\) के कोण पर चाल \(4 \times 10^{5}\, ms\) से प्रवेश करता है। परिणामी हेलिकल पथ के पीच का सन्निकट मान है (प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.67 \times 10^{-27}\, kg\), प्रोटॉन का आवेश \(\left.=1.69 \times 10^{-19} \,C \right)\) 2020 मध्यम
- 45. \(100\, eV\) ऊर्जा का एक इलेक्ट्रॉन जो \(x\)-अक्ष के अनुदिश गतिमान है, \(\overrightarrow{ B }=\left(1.5 \times 10^{-3} \,T \right) \hat{ k }\) के चुम्बकीय क्षेत्र में बिन्दु \(S\) पर प्रवेश करता है (चित्र देखिये)। चुम्बकीय क्षेत्र \(x =0\) से \(x =2 \,cm\) तक विस्तृत है। बिन्दु \(S\) से \(8 \,cm\) दूरी पर स्थित पर्दे पर इलेक्ट्रॉन का संसूचन बिन्दु \(Q\) पर होता है। बिन्दु \(P\) तथा \(Q\) के बीच की दूरी \(d\) (पर्दे पर) का मान \(......\,cm\) होगा। (इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\),
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.1 \times 10^{-31} \,kg\) )
2019 कठिन - 46. द्रव्यमान \(m\) तथा आवेश \(q\) का एक कण \(\overrightarrow{ E }=2 \hat{ i }+3 \hat{ j } ; \quad \overrightarrow{ B }=4 \hat{ j }+6 \hat{ k } \text {. }\) द्वारा दिये गये विधुत एवं चुम्बकीय क्षेत्र में है। इस आवेश को मूलबिन्दु से बिन्दु \(P ( x =1 ; y =1)\) तक एक सीधी रेखा के पथ के अनुगत विस्थापित करते हैं। किये गये कुल कार्य का परिमाण है। 2019 मध्यम
- 47. एक कण, जिसका आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश के समान है, \(0.5\, T\) चुम्बकीय क्षेत्र में एक \(0.5 \,cm\) त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर चलता है। यदि \(100\, V / m\) का विधुत क्षेत्र लगाने पर यह कण एक सीधी रेखा में चलता है, तो कण का द्रव्यमान होगा : (दिया है इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\) ) 2019 मध्यम
- 48. एक प्रोटॉन, एक इलैक्ट्रॉन और एक हीलियम नाभिक, की ऊर्जाएँ बराबर हैं। वे एक समतल में उसके लम्बवत्
चुम्बकीय क्षेत्र के कारण वृत्ताकार कक्षा में गतिशील है। यदि \(r _{ p }, r _{ e }\) और \(r _{ He }\) प्रोटॉन, इलैक्ट्रॉन तथा हीलियम नाभिक के वृत्ताकार पथ की त्रिज्याएँ है, तो। 2019 मध्यम - 49. एक प्रयोग में इलेक्ट्रॉनों को विराम अवस्था से \(500 \,V\) वोल्टेज लगाकर त्वरित करते हैं। पथ की त्रिज्या ज्ञात कीजिए यदि लगाया गया चुम्बकीय क्षेत्र \(100 \,mT\) है। [इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19}\, C\) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(\left.=9.1 \times 10^{-31} \,kg \right]\) 2019 मध्यम
- 50. विभवान्तर \(V\) से एक प्रोटॉन तथा एक \(\alpha\)-कण (जिनके द्रव्यमान का अनुपात \(1: 4\) तथा आवेशों का अनुपात \(1: 2\) है) को स्थिरावस्था से त्वरित करते हैं। यदि उनके वेगों के लम्बवत् एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र \((B)\) लगाया जाये तो इन कणों के वृत्ताकार पथों की त्रिज्याओं का अनुपात \(r _{ p }: r _{\alpha}\) होगा । 2019 मध्यम
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