ExamBro
ExamBro
टॉपिक JEE Mains · Physics · STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

लेंसों के संयोजन, दर्पणों PYQ: JEE Mains Physics प्रश्न

लेंसों के संयोजन, दर्पणों पर STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र के 18 प्रश्न, 2015–2026 में पूछे गए।

18प्रश्न
230STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र में
2015–2026वर्ष
कठिनाई स्तर
आसान 6% मध्यम 22% कठिन 72%

प्रश्न

नए पहले

18 में से 1–18 प्रश्न

  1. 1. एक उत्तल लेंस एक काँच सामग्री से बना है जिसका अपवर्तनांक \(1.4\) है और दोनों तरफ समान वक्रता त्रिज्या है। इसकी फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या का अनुपात ______ है। 2026 मध्यम
  2. 2. एक पतला उभयोत्तल लेंस काँच (\(\mu=1.5\)) से बनाया गया है, जिसकी दोनों वक्रित सतहों की वक्रता त्रिज्याएँ प्रत्येक \(20\) cm हैं। लेंस की बाईं ओर की सतह को बाहर से परावर्तक बनाने के लिए रजतित किया गया है। प्रतिबिंब और वस्तु की स्थिति एक ही स्थान पर प्राप्त करने के लिए, वस्तु को लेंस से ________ cm की दूरी पर रखा जाना चाहिए। 2026 कठिन
  3. 3. 1.5 अपवर्तनांक वाले काँच से बना एक पतला समतलोत्तल लेंस 1.2 अपवर्तनांक वाले एक द्रव में डुबोया जाता है। जब लेंस के समतल पृष्ठ को पूर्ण परावर्तन के लिए रजत लेपित किया जाता है, तो द्रव में डूबा लेंस 0.2 m फोकस दूरी के अवतल दर्पण की तरह व्यवहार करता है। लेंस के वक्र पृष्ठ की वक्रता त्रिज्या क्या है? 2025 कठिन
  4. 4. एक पतला उत्तल लेंस (अपवर्तनांक \(\mu_2\) ), एक द्रव (अपवर्तनांक \(\mu_1, \mu_1 \lt \mu_2\) ) में रखा गया है, जिसकी वक्रता त्रिज्याएँ \(\left|R_1\right|\) और \(\left|R_2\right|\) हैं। इसकी दूसरी सतह रजत-पॉलिश की गई है। वस्तु को प्रकाशिक अक्ष पर कहाँ रखा जाना चाहिए ताकि वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब उसी स्थान पर बने? 2025 मध्यम
  5. 5. काँच का एक पतला उत्तल लेंस दिया गया है (अपवर्तनांक \(\mu\) ) तथा प्रत्येक पृष्ठ की वक्रता त्रिज्या \(R\) है। इसके एक पृष्ठ को पूर्ण परावर्तन के लिए पॉलिश किया गया है। लेंस से कितनी दूरी पर, मुख्य अक्ष पर एक वस्तु रखी जानी चाहिए ताकि प्रतिबिंब वस्तु पर ही बने? 2025 आसान
  6. 6. एक वस्तु \(10 \mathrm{~cm}\) फोकस दूरी वाले उत्तल लैंस की मुख्य अक्ष पर स्थित है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित हैं। लेंस के दूसरी ओर \(20 \mathrm{~cm}\) की दूरी पर एक समतल दर्पण रखा है। समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब दर्पण के \(5 \mathrm{~cm}\) अन्दर है। लैंस से वस्तु की दूरी __________ cm है।
    2023 कठिन
  7. 7. एक \(20\,cm\) की फोकस दूरी वाला एक उत्तल लैंस, एक उत्तल दर्पण के सामने इस प्रकार रखा है कि दोनों के मुख्य अक्ष सम्पाती हैं। लैंस एवं दर्पण के बीच की दूरी \(10\,cm\) है। उत्तल लैंस से \(60\,cm\) की दूरी पर, मुख्य-अक्ष पर एक बिन्दू के आकार की वस्तु रखी जाती है। संयोजन द्वारा बना प्रतिबिम्ब, रखी हुई वस्तु के सम्पाती है। उत्तल दर्पण की फोकस दूरी \(..........cm\) होगी। 2022 मध्यम
  8. 8. चित्रानसार एक वस्तु एक उत्तल लेंस से \(12\, cm\) दूरी पर रखी जाती है तथा \(15 \,cm\) फोकस दूरी का एक उत्तल दर्पण लेंस से \(8\, cm\) पर लेंस के दूसरी तरफ रखा जाता है। वस्तु का प्रतिबिम्ब वस्तु से संपतित होता है। जब उत्तल दर्पण को हटा दिया जाता है, तो एक वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिम्ब एक स्थिति पर बनता है। वस्तु से प्रतिबिम्ब की दूरी \(.........\,cm\) होगी।
    2021 कठिन
  9. 9. एक बिन्दु के समान वस्तु \(0.5\, m\) फोकस दूरी वाले किसी उत्तल लेंस से \(1\, m\) की दूरी पर है। लेंस के \(2 \,m\) पीछे एक समतल दर्पण को रखते है। इस विन्यास से बने अन्तिम प्रतिबिम्ब की स्थिति और प्रकृति होगी : 2020 मध्यम
  10. 10. \(1.5\) अपवर्तनांक के एक पतले उत्तल लेन्स \(L\) को, किसी समतल दर्पण \(M\) की सतह पर रखते हैं। जब एक पिन को \(A\) पर रखते हैं, तब इसका वास्तविक किन्तु उल्टा प्रतिबिम्ब दिखाये चित्रानुसार \(A\) पर ही बनता है। दिया है \(OA =18 \,cm\) अपवर्तनांक \(\mu_{1}\) के एक द्रव को लेन्स तथा दर्पण के बीच डालने पर, पिन के वास्तविक एवं उल्टे प्रतिबिम्ब को \(A\) पर ही पाने कि लिए पिन को \(A ^{\prime}\) तक इस प्रकार उठाते हैं कि \(OA ^{\prime}=27 \,cm \mu_{1}\) का मान होगा?
    2019 कठिन
  11. 11. \(20 \,cm\) फोकस लंबाई वाले एक अभिसारी लेंस के सामने \(40 \,cm\) की दूरी पर एक सीधी वस्तु को रखा गया है। लैंस के दूसरी ओर \(60\, cm\) की दूरी पर \(10 \,cm\) फोकस लंबाई वाले एक अभिसारी दर्पण को रखा गया है। अंतिम प्रतिबिम्ब की स्थिति और आकार होगा- 2019 कठिन
  12. 12. एक उत्तल लेंस (फोकस दूरी \(20\, cm\) ) तथा एक अवतल दर्पण, जिनके मुख्य अक्ष एक ही रेखा में हैं, को एक दूसरे से \(80 \,cm\) की दूरी पर रखा गया है; अवतल दर्पण उत्तल लेंस के दाहिनी तरफ रखा है। जब एक वस्तु उत्तल लेंस के बाँयी तरफ \(30 \,cm\) की दूरी पर रखी जाती है, तो उसका प्रतिबिंब उसी स्थान पर ही रहता है, भले ही अवतल दर्पण को उसकी स्थिति से हटा दिया जाये। वस्तु की अधिकतम दूरी, जिसके लिए वह अवतल दर्पण खुद से ही आभासी प्रतिबिंब बनाये, होगी। (\(cm\) में) 2019 कठिन
  13. 13. एक समतलोत्तल लेंस के समतल सतह पर, चाँदी की पॉलिश करने पर, एवं बायें से दायें ओर की तरफ प्रकाशित करने पर, वह एक \(28 \,cm\) फोकल दूरी का प्रकाशीय संयोजन बन जाता है ( चित्र \(A\))। यदि वही समतलोत्तल लेंस के अब वक्रीय सतह पर चाँदी की पॉलिश की जाय, एवं उसको दूसरी तरफ से प्रकाशित किया जाये (चित्र \(B\)) तो, वह एक \(10\, cm\) फोकल दूरी का प्रकाशीय संयोजन बन जाता है। लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक होगा
    2018 कठिन
  14. 14. एक प्रयोग के दौरान, \(15\; cm\) फोकस दूरी के एक उत्तल लेंस को एक प्रकाश बेंच पर एक उत्तल दर्पण के सामने \(5 \;cm\) दूरी पर समाक्षीय स्थिति में रखा गया है। यदि वस्तु को लेंस से \(20\; cm\) की दूरी पर रखा जाये तो वस्तु तथा उसका प्रतिबिम्ब संपाती हो जाते हैं। उत्तल दर्पण की फोकस दूरी \(\dots \; cm\) होगी 2017 कठिन
  15. 15. एक काँच के अर्द्धगोलीय ठोस की त्रिज्या \(10 \;cm\) तथा अपवर्तनांक \(1.5\) है। उसकी वक्रीय सतह पर चाँदी की परत चढ़ाई गई है। समतल पृष्ठ के \(6 \;cm\) नीचे तथा अक्ष पर, एक सूक्ष्म हवा का बुलबुला स्थित है। तब वक्रीय-दर्पण से बन रहे बुलबुले की प्रतिबिम्ब दूरी है
    2016 कठिन
  16. 16. एक उत्तल लैंस व अवतल लैंस, जिनकी फोकस दूरी क्रमशः \(30\; cm\) एवं \(120\; cm\) है, तथा समतल दर्पण निम्न चित्र के अनुसार रखे गये है। एक बिम्ब उत्तल लैंस से \(60\; cm\) की दूरी पर स्थित है। इस संयोजन द्वारा निर्मित अंतिम प्रतिबिम्ब एक वास्तविक प्रतिबिम्ब है जिसकी स्थिति निम्नलिखित होगी :
    2016 कठिन
  17. 17. उत्तल-दर्पण की फोकस दूरी निकालने के एक प्रयोग में निम्न डाटा प्राप्त हुआ
    बिंब उत्तल लैंस उत्तल दर्पण प्रतिबिंब
      \(22.2\,cm\)   \(32.2\,cm\)   \(45.8\,cm\)   \(71.2\,cm\)
    उत्तल लैंस की फोकस दूरी \(f_{1}\) तथा उत्तल-दर्पण की फोकस दूरी \(f_{2}\) है। index correction नगण्य है। तब
    2016 कठिन
  18. 18. एक उत्तल लेंस को, आरेख में दर्शाये गये अनुसार किसी समतल दर्पण के ऊपर रखा गया है। लेंस की फोकस दूरी \(' f '\) है। इस संयोजन से किसी वस्तु को \(' a '\) दूरी पर रखने से, उसका प्रतिबिम्ब संयोजन के सामने \(\frac{ a }{3}\) दूरी पर बनता है। तो, \(' a '\) का मान है :
    2015 कठिन

STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र के अन्य टॉपिक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

JEE Mains में लेंसों के संयोजन, दर्पणों के कितने प्रश्न आए हैं?

2015–2026 के 18 प्रश्न, हर एक सही उत्तर और पूरे हल के साथ।

लेंसों के संयोजन, दर्पणों के प्रश्न कितने कठिन होते हैं?

6% आसान, 22% मध्यम और 72% कठिन।