प्रश्न
नए पहले27 में से 1–27 प्रश्न
- 1. त्रिज्या \(2\) cm और \(125\) फेरों वाली एक वृत्ताकार कुंडली में \(1\) A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडली को \(0.4\) T परिमाण के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। कुंडली का अक्ष चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के साथ \(30°\) का कोण बनाता है। कुंडली पर कार्यरत बल आघूर्ण \(\alpha \times 10^{-4}\) N.m है। यहाँ \(\alpha\) का मान ______ है।
(\(\pi=3.14\)) 2026 मध्यम - 2. एक धारावाही वृत्ताकार लूप जिसकी त्रिज्या \(2\) cm है और इकाई अभिलंब \(\hat{n} = \dfrac{\hat{k}+\hat{i}}{\sqrt{2}}\) के साथ, एक चुंबकीय क्षेत्र \(\vec{B} = B_0(3\hat{i}+2\hat{k})\) में रखा गया है। यदि \(B_0 = 4\times 10^{-3}\) T और धारा \(I=100\sqrt{2}\) A है, तो लूप द्वारा अनुभव किया गया बल आघूर्ण ________ Wb·A है। (\(\pi=3.14\)) 2026 कठिन
- 3. आवेश \(q\) तथा द्रव्यमान \(m\) का एक कण मूल बिंदु से प्रारंभिक वेग \(\vec{v} = \left(\dfrac{v_0}{\sqrt{2}}\hat{x} + \dfrac{v_0}{\sqrt{2}}\hat{y}\right)\) के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। क्षेत्र \(0 \leq x \leq L\) के भीतर एकसमान चुंबकीय क्षेत्र \(\vec{B} = B_0 \hat{z}\) तथा एक स्थान-परिवर्ती विद्युत क्षेत्र \(\vec{E} = E_0 e^{-\lambda x}\hat{x}\) उपस्थित है। इतनी दूरी तय करने के बाद कि \(x\)-निर्देशांक \(x=0\) से \(x=L\) तक बदल गया है, गतिज ऊर्जा में परिवर्तन _______ है। 2026 कठिन
- 4. एक विद्युतरोधी तार को इस प्रकार लपेटा गया है कि यह \(N = 200\) फेरों वाली एक समतल कुंडली बनाता है। सबसे भीतरी फेरे की त्रिज्या \(r_1 = 3\) cm है, और सबसे बाहरी फेरे की त्रिज्या \(r_2 = 6\) cm है। यदि इसमें \(20\) mA धारा प्रवाहित होती है, तो चुंबकीय आघूर्ण \(\alpha \times 10^{-2}\) A.m\(^2\) होगा। \(\alpha\) का मान _____ है। 2026 मध्यम
- 5. \(2 \times 10^{-3} \mathrm{~T}\) का एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र धनात्मक \(\mathrm{Y}\)-अक्ष में कार्यरत है। \(20 \mathrm{~cm}\) तथा \(10 \mathrm{~cm}\) भुजाओं का एक आयताकार लूप \(5 \mathrm{~A}\) धारा के साथ \(\mathrm{Y}-\mathrm{Z}\) तल में है। ॠणात्मक X-अक्ष के संदर्भ में धारा वामावर्ती है। बल आघूर्ण का परिमाण एवं दिशा _______ है। 2024 कठिन
- 6. एक छड़ चुंबक का चुंबकीय आघूर्ण \(0.5 \mathrm{Am}^2\) है। इसे \(8 \times 10^{-2} \mathrm{~T}\) के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में निलंबित किया गया है। इसे इसकी सर्वाधिक स्थायी स्थिति से सर्वाधिक अस्थायी स्थिति तक घुमाने में किया गया कार्य _______ है। 2024 कठिन
- 7. एक कुंडली जिसमें \(100\) फेरे हैं, क्षेत्रफल \(5 \times 10^{-3} \mathrm{~m}^2\) है, जिसमें \(1 \mathrm{~mA}\) धारा प्रवाहित हो रही है, उसे \(0.20 \mathrm{~T}\) के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में इस प्रकार रखा गया है कि कुंडली का तल चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत है। कुंडली को \(90^{\circ}\) घुमाने में किया गया कार्य _______ \(\mu \mathrm{J}\) है। 2024 कठिन
- 8. एक वृत्ताकार कुंडली जिसमें \(200\) फेरे हैं, \(2.5 \times 10^{-4} \mathrm{~m}^2\) क्षेत्रफल है और जिसमें \(100 \mu \mathrm{A}\) धारा प्रवाहित हो रही है, को \(1 \mathrm{~T}\) के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। प्रारंभ में चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण \((\vec{M})\) \(\vec{B}\) के अनुदिश था। कुंडली को उसकी प्रारंभिक स्थिति से \(90^{\circ}\) घुमाने के लिए आवश्यक कार्य की मात्रा, ताकि \(\overrightarrow{\mathrm{M}}\) \(\vec{B}\) के लंबवत हो जाए, वो _______ \(\mu \mathrm{J}\) है। 2024 कठिन
- 9. \(10 \Omega\) प्रतिरोध वाले किसी तार का एक द्रव्यमानहीन वर्गाकार लूप \(1 \mathrm{~g}\) के द्रव्यमान को साधे हुए है। इसे ऊर्ध्वाधर इस प्रकार लटकाया जाता है कि इसकी एक भुजा, किसी \(10^3 \mathrm{G}\) (गौस) मान के एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में है, जिसकी दिशा छायांकित क्षेत्र की तरफ बाहर की ओर है। एक दिष्ट धारा (\(DC\)) विभव \(\mathrm{V}\) इस घेरे में आरोपित किया जाता है। \(\mathrm{V}\) के किस मान के लिए, चुम्बकीय बल, कि \(1 \mathrm{~g}\) द्रव्यमान के भार को ठीक संतुलित करेगा ? (माना कि पांश की भुजा \(\left.=10 \mathrm{~cm}, \mathrm{~g}=10 \mathrm{~ms}^{-2}\right)\)
2023 मध्यम - 10. एक \(314\,cm\) लम्बा तार है, जिसमें \(14\,A\) मान की धारा प्रवाहित हो रही है। इस तार को मोड़कर एक वृत्त बनाया जाता है। कुंडली के चुम्बकीय आघूर्ण का मान \(............A - m ^2\) होगा। [\(\pi=3.14\)]
2022 मध्यम - 11. नाभिक के चारों तरफ किसी कक्षा में कक्षीय कोणीय संवेग से घूम रहे एक इलेक्ट्रॉन \((e)\) का चुम्बकीय आघूर्ण होगा : 2022 मध्यम
- 12. \(r _1=30\,cm\) और \(r _2=50\,cm\) त्रिज्याओं वाले दो वृत्ताकार समकेन्द्री छल्ले, \(X - Y\) तल में चित्र में दर्शाये अनुसार रखें है। एक \(I =7\,A\) की धारा उनमें चित्र में दर्शाये अनुसार बह रही है। इन दो वृत्ताकार छल्लों के निकाय के कुल चुम्बकीय आघूर्ण का सन्निकट मान होगा:
2022 मध्यम - 13. \(10 \,cm\) भुजा के समबाहु त्रिभुज के आकार की एक कुण्डली \(20 mT\) का क्षैतिज चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करने वाले स्थायी चुम्बक के ध्रुवों के बीच ऊर्ध्वाधर तल में रखी है। जब कुण्डली से \(0.2\) एम्पियर धारा प्रवाहित होती है तथा इसका तल चुम्बकीय क्षेत्र के समान्तर होता है, तो कुण्डली पर लगने वाला बल आघूर्ण \(\sqrt{ x } \times 10^{-5} \,Nm\) होता है। \(x\) का मान \(......\) है। 2021 मध्यम
- 14. कोई आवेश \(Q\), चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) में \(\overline{ dI }\) दूरी चलता है। चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) द्वारा किए गए कार्य का मान होगा। 2021 मध्यम
- 15. लम्बाई \(24 a\) तथा प्रतिरोध \(R\) का एकसमान चालकीय तार, \('a'\) भुजा के समबाहु त्रिभुज और फिर \('a'\) भुजा के वर्ग के रूप में लपेटकर धारावाही कुण्डली बनाया जाता है। कुण्डली को विभव स्त्रोत \(V _{0}\) से जोड़ा जाता है। समबाहु त्रिभुज तथा वर्ग के रूप में कुण्डलियों के चुम्बकीय आघूर्णों का अनुपात \(1: \sqrt{ y }\) होता है, जहाँ \(y\,.....\) है। 2021 कठिन
- 16. भुजाओं \(2 a\) वाले एक वर्गीय पाश, जिसमें धारा \(I\) बह रही हैं, को \(XZ\) समतल में मूल बिंदु पर केन्द्रित करके रखा गया है। एक लंबा तार, जिसमें भी धारा \(I\) बह रही है, को \(z\)-अक्ष के समांतर रखा गया है जिससे वह तार बिंदु \((0, b , 0)\) से होकर गुजरता है \((b>>a)\) । \(z\)-अक्ष के परितः पाश पर लगने वाले बल आघूर्ण का परिमाण इससे दिया जायेगा। 2020 कठिन
- 17. एक गैल्वेनोमापी की कुंडली में \(500\) घुमाव (turns) है और हर घुमाव का औसत क्षेत्रफल \(3 \times 10^{-4} \,m ^{2}\) है। यदि इस कुंडली में \(0.5\, A\) विधुत धारा बह रही हो तो इसे एक चुम्बकीय क्षेत्र में उस क्षेत्र के समानान्तर रखने के लिये \(1.5\, Nm\) बल आघूर्ण की आवश्यकता पड़ती है। तब टेसला में चुम्बकीय क्षेत्र का मान है। 2020 मध्यम
- 18. जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, एक तार, जिसमें विधुत धारा \(I\) बह रही है, से \(ABCDEFA\) आकृति बनायी गयी है। इसमें \(ABCDA\) तथा \(ADEFA\) दो आयत है जो एक दूसरे पर लम्बवत है। यदि इन आयतों का आकार \(a \times b\) हो तो आकृति \(ABCDEFA\) के चुम्बकीय आघूर्ण का परिमाण व दिशा होगी।
2020 कठिन - 19. सुचालक तार से त्रिज्या \(a\) का एक छोटे वृत्ताकार छल्ले में विधुत धारा \(I\) बह रही है। इसे एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र \(B\) (जो कि इसके समतल के लम्बवत है) में इस प्रकार रखा जाता है कि जब इसे इसके व्यास के सापेक्ष थोड़ासा घुमाकर छोड़ा जाय तो यह आवर्तकाल \(T\) की सरल आवर्त गति करने लगता है। यदि छल्ले का द्रव्यमान \(m\) हो तो। 2020 मध्यम
- 20. वृत्ताकार पथ में चक्कर लगाते हुए किसी आवेशित कण को, एक धारा-धारा पाश माना जा सकता है। किसी चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) के अन्तर्गत \(m\) द्रव्यमान तथा \(q\) आवेश का एक कण समतल में \(v\) चाल से गति करता है। इस गतिमान कण का चुम्बकीय आघूर्ण होगा। 2020 कठिन
- 21. \(100\) फेरों वाली एक आयताकार कुण्डली ( विमा: \(5\) सेमी \(\times \, 2.5\) सेमी ) जिसमें \(3 \,A\) की धारा प्रवाहित हो रही है, जिसकी दिशा दक्षिणावर्त है। इसे मूल बिंदू पर तथा \(x - z\) तल में रखा जाता है। \(1\, T\) का चुम्बकीय क्षेत्र \(x\) - अक्ष के समानांतर प्रयुक्त किया जाता है। यदि \(Z-\) अक्ष के साथ कुण्डली को \(45^{\circ}\) का झुकाव दिया जाय, तब कुण्डली पर लगने वाला बलापूर्ण \(......\,Nm\) होगा। 2019 मध्यम
- 22. एक वर्गाकार वलय में धारा \(I\) प्रवाहित करने पर इसके चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का परिमाण \(m\) होता है। यदि इस वर्गाकार वलय को मोड़कर एक वृत्ताकार वलय में परिवर्तित किया जाये और उसमें वही धारा प्रवाहित की जाए तो इस वृत्ताकार वलय के चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का परिमाण होगा । 2019 मध्यम
- 23. लम्बाई \(\ell\) की एक पतली रोधी छड़ पर रेखीय आवेश घनत्व \(p ( x )=\rho_{0} \frac{ x }{\ell}\) है। इस छड़ को मूलबिन्दु \(( x =0)\) से जाने वाली तथा छड़ के लम्बवत् एक अक्ष के परित : \(n\) चक्कर प्रति सेकण्ड से घुमाया जाता है। इस छड़ का कालिक माध्य चुम्बकीय आघूर्ण होगा । 2019 कठिन
- 24. त्रिज्या \(r\) ओर चक्कर \(N\) वाली एक वृत्तीय कुण्डली में धारा \(I\) प्रवाहित हो रही है। इसे चुम्बकीय क्षेत्र \(Bi\) में \(XZ\) समतल में रखा जाता है। चुम्बकीय क्षेत्र के कारण कुण्डली पर बलआघूर्ण होगा। 2019 कठिन
- 25. धारा \(I\) वाले एक वृत्ताकार पाश का द्विध्रुव आघूर्ण \(m\) तथा उसके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र \(B_{1}\) है। धारा स्थिर रखते हुए द्विध्रुव आघूर्ण को दोगुना करने पर पाश के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र \(B_{2}\) हो जाता है। अनुपात \(\frac{B_{1}}{B_{2}}\) होगा 2018 मध्यम
- 26. \(r\) त्रिज्या के एक अचालक पाश पर आवेश \(q\) को समान रूप से फैलाया गया है। यदि इसे कोणीय वेग \(\omega\) से अभिलम्ब अक्ष के सापेक्ष घुमाते हैं तो पाश का चुम्बकीय आघूर्ण है 2018 मध्यम
- 27. एक सुचालक \(z\) -अक्ष के साथ \(-1.5 \leq z < 1.5\, m\) पर रखा है और इसमें \(-\hat{a}_{z}\) दिशा में स्थिर धारा \(10.0 \,A\) प्रवाहित हो रही है। (चित्र देखें )। चुम्बकोय क्षेत्र \(\vec{B}=3.0 \times 10^{-4}\, e^{-0.2 x} \hat{a}_{y}\, T\) के लिये, सुचालक को स्थिर चाल से \(x=2.0 \,m , y=0 \,m\) तक \(5\) \(\times 10^{-3}\, s\) में गति कराने के लिये आवश्यक शक्ति की गणना कीजिए। \(x\) -अक्ष पर समान्तर गति मान लें। (\(W\) में)
2014 कठिन
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
JEE Mains में बल आघूर्ण के कितने प्रश्न आए हैं?
2014–2026 के 27 प्रश्न, हर एक सही उत्तर और पूरे हल के साथ।
बल आघूर्ण के प्रश्न कितने कठिन होते हैं?
0% आसान, 52% मध्यम और 48% कठिन।