ExamBro
ExamBro
टॉपिक JEE Mains · Physics · STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति

आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण PYQ: JEE Mains Physics प्रश्न

आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण पर STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति के 55 प्रश्न, 2014–2026 में पूछे गए।

55प्रश्न
166STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति में
2014–2026वर्ष
कठिनाई स्तर
आसान 9% मध्यम 45% कठिन 45%

प्रश्न

नए पहले

55 में से 1–50 प्रश्न

  1. 1. एक प्रकाश तरंग जिसे \(E =60 \sin \left(3 \times 10^{15}\right) t + \sin \left(12 \times 10^{15}\right)\) t] (SI मात्रकों में) द्वारा वर्णित किया गया है, एक धातु की सतह पर आपतित होती है जिसका कार्य फलन 2.8 eV है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा (लगभग) _________ eV है। 2026 मध्यम
  2. 2. किसी निश्चित धातु के लिए, जब \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश आपतित होता है, तो प्रकाश इलेक्ट्रॉनों के लिए निरोधी विभव \(3V_0\) है। जब उसी धातु को \(2\lambda\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रदीप्त किया जाता है, तो निरोधी विभव \(V_0\) हो जाता है। दी गई धातु के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन की देहली तरंगदैर्ध्य \(\alpha\lambda\) है। \(\alpha\) का मान _______ है। 2026 मध्यम
  3. 3. ग्राफ तीन प्रकाश संवेदी धातुओं \(X_1\), \(X_2\) और \(X_3\) के लिए आपतित विकिरण की आवृत्ति \(\nu\) के साथ निरोधी विभव \(V_o\) के विचरण को दर्शाता है। आपतित विकिरण की समान तरंगदैर्घ्य के लिए, कौन सी धातु अधिक गतिज ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करेगी?
    2026 मध्यम
  4. 4. \(K_1\) और \(K_2\) क्रमशः \(\lambda_1\) और \(\lambda_2\) तरंगदैर्घ्य के प्रकाश के लिए किसी दी गई सामग्री की सतह से उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जाएँ हैं। यदि \(\lambda_1=2\lambda_2\) हो, तो सामग्री का कार्य फलन किसके द्वारा दिया जाता है? 2026 मध्यम
  5. 5. प्रकाश स्रोत जिसकी तरंगदैर्घ्य \(331\) nm है, का उपयोग प्रकाश-इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करने के लिए किया जाता है जिनका निरोधी विभव \(0.2\) V है। इस प्रयोग में प्रयुक्त धातु का कार्य फलन \(\alpha \times 10^{-19}\) J है। \(\alpha\) का मान _____ है।
    (\(h = 6.62 \times 10^{-34}\) J s, \(e = 1.6 \times 10^{-19}\) C तथा \(c = 3 \times 10^8\) m/s)
    2026 मध्यम
  6. 6. प्रकाश एक धात्विक प्लेट पर आपतित होता है जिसका कार्य फलन \( 110\times10^{-20} \) J है। यदि उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा शून्य है, तो आपतित प्रकाश की कोणीय आवृत्ति __________ रेडियन/सेकंड है। (\( h=6.63\times10^{-34} \) जूल.सेकंड) 2026 मध्यम
  7. 7. एक एकवर्णी प्रकाश एक धात्विक प्लेट पर आपतित होता है जिसका कार्य फलन \(\phi\) है। एक इलेक्ट्रॉन, जो प्लेट से बिंदु \(A\) से अधिकतम गतिज ऊर्जा के साथ अभिलंबवत् उत्सर्जित होता है, एक नियत चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है, जो इलेक्ट्रॉन के प्रारंभिक वेग के लंबवत् है। इलेक्ट्रॉन एक वक्र पथ से होकर गुजरता है और बिंदु \(B\) पर प्लेट से पुनः टकराता है। A और B के बीच की दूरी है :
    (दिया है: इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण e तथा द्रव्यमान \(\mathrm{m}\) है, \(\mathrm{h}\) प्लांक नियतांक है और c प्रकाश का वेग है। मान लीजिए चुंबकीय क्षेत्र इलेक्ट्रॉन के पूरे पथ में विद्यमान है)
    2025 मध्यम
  8. 8. किसी धातु का कार्य फलन 3 eV है। फोटोइलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए आवश्यक दृश्य प्रकाश का रंग क्या है? 2025 आसान
  9. 9. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) के रूप में अंकित किया गया है।
    अभिकथन (A) : प्रकाश-विद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन को प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर पर्याप्त ऋणात्मक विद्युत विभव आरोपित करके रोका जा सकता है।
    कारण (R) : एक ऋणात्मक विद्युत विभव, जो प्रकाश-संवेदी पदार्थ की सतह से इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन को रोकता है, आपतित विकिरण की आवृत्ति के साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है।
    उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
    2025 मध्यम
  10. 10. प्रकाश-विद्युत प्रभाव के एक प्रयोग में, निरोधी विभव, 2025 मध्यम
  11. 11. प्रकाश-विद्युत प्रभाव में, निरोधी विभव \(\left(\mathrm{V}_0\right) \mathrm{v} / \mathrm{s}\) आवृत्ति \((\nu)\) वक्र आरेखित किया जाता है।
    ( जहाँ h प्लांक नियतांक है तथा \(\phi_0\) धातु का कार्यफलन है )
    (A) \(\mathrm{V}_0 \mathrm{v} / \mathrm{s} \nu\) रैखिक होता है।
    (B) \(\mathrm{V}_0 \mathrm{v} / \mathrm{s} \nu\) वक्र की प्रवणता \(=\frac{\phi_0}{\mathrm{~h}}\) होती है।
    (C) h नियतांक \(\mathrm{V}_0 \mathrm{v} / \mathrm{s} \nu\) रेखा की प्रवणता से संबंधित है।
    (D) \(V_0 \mathrm{v} / \mathrm{s} \nu\) वक्र का उपयोग करके h निर्धारित करने के लिए इलेक्ट्रॉन के विद्युत आवेश का मान आवश्यक नहीं है।
    (E) कार्यफलन का अनुमान h के मान को जाने बिना लगाया जा सकता है।
    नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
    2025 आसान
  12. 12. \(\lambda\) तरंगदैर्घ्य का एक प्रकाश स्रोत एक धातु की सतह को प्रकाशित करता है और इलेक्ट्रॉन 2 eV की अधिकतम गतिज ऊर्जा के साथ उत्सर्जित होते हैं। यदि उसी सतह को \(\frac{\lambda}{2}\) तरंगदैर्घ्य के प्रकाश स्रोत से प्रकाशित किया जाता है, तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी? (धातु का कार्य फलन 1 eV है) 2025 आसान
  13. 13. \(4.13 \mathrm{eV}\) का पराबैंगनी प्रकाश \(3.13 \mathrm{eV}\) कार्य फलन वाली एक प्रकाश-संवेदी धातु की सतह पर आपतित होता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा _______ होगी। 2024 कठिन
  14. 14. \(6.63 \mathrm{eV}\) कार्यफलन की एक धातु की देहली आवृत्ति हैं 2024 कठिन
  15. 15. एक प्रोटॉन और एक \(\alpha\) कण की डी ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य क्रमशः \(\lambda\) और \(2 \lambda\) हैं। प्रोटॉन और \(\alpha\) कण के वेगों का अनुपात _______ होगा। 2024 कठिन
  16. 16. जब किसी धातु के पृष्ठ को \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश द्वारा प्रदीप्त किया जाता है तंब निरोधी विभव \(8 \mathrm{~V}\) है। जब समान पृष्ठ को \(3 \lambda\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश द्वारा प्रदीप्त किया जाता है, तो निरोधी विभव \(2 \mathrm{~V}\) है। इस सतह के लिए देहली तंरगदैर्ध्य _______ है। 2024 कठिन
  17. 17. जब UV प्रकाश जिसका तरंगदैर्ध्य \(300 \mathrm{~nm}\) है, \(2.13 \mathrm{eV}\) कार्य फलन वाली धातु की सतह पर आपतित होता है, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन होता है। निरोधी विभव _______ है। (दिया गया है hc \(=1240 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\) ) 2024 कठिन
  18. 18. प्रकाश वैद्युत प्रभाव के लिए प्रदर्शित चित्र में प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(\left(\mathrm{E}_{\mathrm{k}}\right)\) तथा आपतित फोटानों की आवृत्ति (\(v\)) के बीच वक्र खींचा जाता है। वक्र की प्रवणता _______ प्रदान करती है।
    2024 कठिन
  19. 19. प्रकाश विद्युत प्रयोग में \(2.48 \mathrm{eV}\) ऊर्जा एक प्रकाश संवेदी पदार्थ पर आपतित होती है। निरोधी विभव \(0.5 \mathrm{~V}\) मापा गया। प्रकाश संवेदी पदार्थ का कार्य फलन _______ है। 2024 कठिन
  20. 20. फ्रैंक-हर्ट्ज़ प्रयोग में, हाइड्रोजन के लिए धारा-वोल्टेज ग्राफ में पहला गर्त \(10.2 \mathrm{~V}\) पर देखा जाता है। हाइड्रोजन परमाणु द्वारा पहले उत्तेजन स्तर तक उत्तेजित होने पर उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य _______ \(\mathrm{nm}\) है। \(\left(\right.\) दिया है \(\mathrm{hc}=1245 \mathrm{eV} \mathrm{nm}, \mathrm{e}=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\) ). 2024 कठिन
  21. 21. \(\phi_{\mathrm{A}}=9 \mathrm{eV}\) एवं \(\phi_{\mathrm{B}}=4.5 \mathrm{eV}\) कार्यफलन वाले दो धात्विक तलों \(\mathrm{A}\) एवं \(\mathrm{B}\) के देहली तरंगदैर्ध्यो का अंतर \(\mathrm{nm}\) में है: (दिया है \(\mathrm{hc}=1242 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\) ) 2023 आसान
  22. 22. एक धातु की देहली आवृत्ति \(\mathrm{f}_0\) है। जब धातु के तल पर \(2 \mathrm{f}_0\) आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है, उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v_1\) है। जब आपतित प्रकाश की आवृत्ति \(5 \mathrm{f}_0\) तक बढा दी जाती है तो उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v_2\) है। \(v_1\) व \(v_2\) का अनुपात है: 2023 मध्यम
  23. 23. किसी धात्विक तल को \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से प्रदीप्त किया जाता है, जिसका रोधी विभव \(\mathrm{V}_0\) है। यदि इसी तल को \(2 \lambda\), तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से प्रदीप्त किया जाए तो रोधी विभव \(\frac{V_0}{4}\) हो जाता है। इस धात्विक तल के लिए देहली तरंगदैर्ध्य होगी: 2023 मध्यम
  24. 24. नीचे दो कथन दिये गये है: कथन \(I\) : एक धात्वीय सतह से इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए सूक्ष्म तरंगों, अवरक्त किरणों तथा पराबैंगनी किरणों में से परबैंगनी किरणें अधिक प्रभावी होती है। कथन \(II\) : देहली आवृति के ऊपर, फोटो इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृति के व्युत्क्रमानुपाती होती है। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए। 2023 मध्यम
  25. 25. निम्न दो कथन दिये गये है। कथन \(I :\) प्रकाश वैद्युत प्रभाव में निरोधी विभव प्रकाश स्त्रोत की शक्ति पर निर्भर नही करता है। कथन \(II :\) एक दी गई धातु के लिए, फोटो इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करती है। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिये। 2023 मध्यम
  26. 26. एक धातु की सतह \(4500 \mathring A\) तरंगदैर्ध्य के विकीरण से प्रकाशित की जाती है। धातु से निकले फोटोइलेक्ट्रोन एक नियत चुम्बकीय क्षेत्र \(2\,mT\) के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र से \(90^{\circ}\) के कोण पर प्रवेश करते है। यदि यह \(2\,mm\) त्रिज्या के वृत्तिय पथ पर गति करना प्रारम्भ कर देते है, तो धातु का लगभग कार्यफलन ज्ञात कीजिए \(.......\,eV\) 2022 कठिन
  27. 27. एक धातु प्लेट पर देहली आवृति से दुगनी आवृति का प्रकाश गिराया जाता है तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v _1\) है। यदि आपतित प्रकाश की आवृति देहली आवृति से \(5\) गुना बढा दी जाये तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग \(v _2\) हो जाता है। यदि \(v _2= x _1\) है तो \(x\) का मान है \(...........\) 2022 मध्यम
  28. 28. एक सतह जिसको तरंगदैर्ध्य \(6630 \mathring A\) से प्रकाशित किया गया है, से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रोनों के लिये निरोधी विभव \(0.42\,V\) है। यदि देहैली आवृति \(x \times 10^{13} / s\) है, तो \(x\) का मान निकटतम पूर्णाक में ज्ञात कीजिए। (दिया है: प्रकाश की चाल \(=3 \times 10^8\,m / s\), प्लांक नियतांक \(=6.63 \times 10^{-34}\,Js\) ) 2022 मध्यम
  29. 29. एक विद्युत चुम्बकीय तरंग की तरंगदैर्ध्य \(8\,mm\) है तथा यह \(x\) दिशा में संचरित है एवं \(y\) दिशा में कंपित विद्युत क्षेत्र का अधिकतम परिमाण \(60\,Vm ^{-1}\) है तो विद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों की सही समीकरणें चुनिये जबकि विद्युत चुम्बकीय तरंग निर्वात में संचरित हो 2022 मध्यम
  30. 30. जब आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) है तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा का मान \(E\) है। गतिज ऊर्जा का मान \(2 E\) प्राप्त करने के लिए आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य होना चाहिए : 2022 मध्यम
  31. 31. किसी बिन्दु पर प्रकाश तरंग से संबद्ध विद्युत क्षेत्र निम्न प्रकार से दिया जाता है- \(E =200\left[\sin \left(6 \times 10^{15}\right) t +\sin \left(9 \times 10^{15}\right) t \right] Vm ^{-1}\)  जहाँ \(h =4.14 \times 10^{-15}\,eVs\) यदि यह प्रकाश \(2.50\,eV\) कार्यफलन वाली धातु पर गिरता है तो फोटो-इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(.............\,eV\) होगी 2022 कठिन
  32. 32. किसी धातु को \(800\,nm\) तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश से प्रदीप्त किया जाता है, जिससे किसी नियत गतिज ऊर्जा के फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते है। यदि \(500\,nm\) तरंगदैर्ध्य का प्रकाश प्रयुक्त किया जाए तो फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का मान दोगुना होता है। धातु के कार्यफलन का मान \(..........\,eV\) होगा (माना \(hc =1230\,eV - nm\) ). 2022 मध्यम
  33. 33. फोटो विद्युत प्रभाव के प्रेक्षण के सन्द्रर्भ में, नीचे दिए गए कथनों में से सही कथन चुनिए : \(A.\) फोटो इलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेग का वर्ग, आपतित प्रकाश की आवृत्ति के साथ सरल रेखीय रूप से परिवर्तित होता है। \(B.\) यदि प्रकाश स्त्रोत, धात्विक तल से दूर जाता है तो संतृप्त धारा का मान बढ़ता है। \(C.\) प्रकाश के एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) स्त्रोत की शक्ति के घटने पर, फोटो इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का मान घटता है। \(D.\) धात्विक तल से फोटो-इलेक्ट्रानों के तात्क्षणिक उत्सर्जन की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंग के कणीय व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। \(E.\) देहली तरंगदैर्ध्य के अस्तित्व की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंगों के तरंग व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए: 2022 कठिन
  34. 34. \(v\) चाल से गतिशील एक इलेक्ट्रान तथा \(c\) चाल से गतिशील एक फोटोन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य समान है। यदि इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा \(E _{ e }\) एवं संवेग \(p _{ e }\) तथा फोटोन के \(E _{ ph }\) एवं \(p _{ ph }\) क्रमश है, तो 2022 मध्यम
  35. 35. \(491 \;nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रदीप्त करने पर किसी प्रकाश सुग्राही पष्ठ से इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए निरोधी विभव \(0.710\; V\) है। आपतित तरंगदैर्ध्य को परिवर्तित करने पर तरंगदैर्ध्य के नये मान के लिए निरोधी विभव \(1.43 \;V\) है। नयी तरंगदैर्ध्य का मान है। 2021 मध्यम
  36. 36. \(670.5\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी नियोन लैम्प \(0.48\) वोल्ट निरोध विभव के प्रकाश सुग्राही पदार्थ को किरणित करता है। यदि प्रकाश स्त्रोत को \(474.6\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य के दूसरे स्त्रोत से बदल दिया जाए, तो निरोधी विभव क्या होगा ? (वोल्ट मे) 2021 कठिन
  37. 37. चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता \(B\) में स्थित \(1.25 \;eV\) कार्यफलन की किसी धातु पर \(500 \;nm\) तरंगदैर्ध्य का कोई प्रकाश पुन्ज आपतन करता है। चुम्बकीय क्षेत्र \(B\) के लम्बवत् अधिकतम गतिज ऊर्जा से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन \(30 \;cm\) त्रिज्या के वत्तीय चाप में मुड़ जाते हैं। \(B\) का मान \(\times 10^{-7}\; T\) है। दिया है \(hc =20 \times 10^{-26}\; J - m\), इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9 \times 10^{-31} \;kg\) 2021 कठिन
  38. 38. एक प्रकाश वैद्युत प्रयोग मे लिथियम \((\phi=2.5 \;eV )\) कैथॉड के साथ \(280\) नैनोमीटर तरंगदैर्ध्य का पैराबैंगनी प्रकाश प्रयुक्त होता है। यदि आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(400\) नैनोमीटर कर दी जाए, तो निरोधी विभव में परिवर्तन ज्ञात कीजिए। (\(V\) मे)  \(\left( h =6.63 \times 10^{-34} \;Js , \;c=3 \times 10^{8} \;ms ^{-1}\right)\) 2021 कठिन
  39. 39. जब किसी धात्विक पृष्ठ पर \(\lambda \) तरंगदैध्र्य का विकरण आपतित होता है तो निरोधी विभव \(4.8\)  वोल्ट है। यदि वही पृष्ठ दुगनी तरंगदैध्र्य के विकरण से दीप्त हो तो निरोधी विभव \(1.6\) वोल्ट हो जाता है। पृष्ठ की देहली तरंगदैध्र्य होगी 2021 कठिन
  40. 40. प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में, निरोधी विभव का मान आपतित विद्युतचुम्बकीय विकिरण के किस गुण पर निर्भर करता है? 2021 आसान
  41. 41. फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करने के लिए सोने (गोल्ड) के किसी पष्ठ पर हाइड्रोजन परमाणु के \(3 \rightarrow 2\) संक्रमण के तदनरूपी विकिरण को गिराया गया है। इन इलेक्ट्रॉनों को \(5 \times 10^{-4} \;T\) के चुम्बकीय क्षेत्र से गुजारा गया है। यह मानिए कि इन इलेक्ट्रॉनों द्वारा चले गए वत्तीय पथ की अधिकतम त्रिज्या \(7\; mm\) है, तब धातु का कार्यफलन होगा। \(\dots \; eV\) (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.1 \times 10^{-31} \;kg\) ) 2021 कठिन
  42. 42. फोटॉनों की दो धाराएँ जिनकी ऊर्जाएँ किसी धातु के कार्यफलन के दो गुने और दस गुने के बराबर है। उत्तरोत्तरतः उस धातु के पष्ठ पर आपतन करते है। इन दोनों प्रकरणों में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात \(x : y\) है। \(x\) का मान होगा। 2021 कठिन
  43. 43. एक धातु की सतह क्रमश: \(E _{1}=4\, eV\) और \(E _{2}=2.5\, eV\) की ऊर्जा के फोटानों द्वारा प्रकाशित की जाती है। इन दो स्थितियों में उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतियों का अनुपात \(2\) है। इस धातु का कार्य फलन ( \(eV\) में) होगा। 2020 मध्यम
  44. 44. एक धातु पर पड़ने वाले विकीरण की तरंगदैर्ध्य जब \(500\, nm\) से बदलकर \(200\, nm\) की जाती है, तो इससे उत्सर्जित होने वाले फोटोइलैक्ट्रॉन्स की अधिकतम गतिज ऊर्जा तीन गुना हो जाती है। ऐसी स्थिति में धातु की कार्यफलन निम्न में से किसके निकटतम है? (\(eV\) में) 2020 मध्यम
  45. 45. जब किसी धात्विक सतह पर, \(\lambda-\) तरंगदैर्ध्य का विकिरण का उपयोग किया जाता है तो रोधिका विभव \(V\) है। जब इस सतह पर \(3 \lambda\) तरंगदैर्ध्य्य का विकिरण आपतित होता है तो रोधिका विभव \(\frac{ V }{4}\) है। यदि इस सतह का देहली तरंगदैर्ध्य \(n \lambda\) हो तो \(n\) का मान होगा 2020 मध्यम
  46. 46. तरंगदैर्ध्य \(6561\;\mathring A\) का विकिरण एक धातु की सतह पर पड़ता है और इससे प्रकाशिक इलैक्ट्रॉन (photoelectrons) पैदा हाते है। इन इलैक्ट्रॉनों को एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र, जिसका मान \(3 \times 10^{-4} \,T\) है, में प्रवेश कराने पर उनके द्वारा बनाये गये सबसे बड़े वृत्तीय पथ की त्रिज्या \(10\, mm\) है। धातु के कार्य फलन का मान निम्न में से किसके निकटतम है ? 2020 कठिन
  47. 47. एक धात्विक प्लेट का क्षेत्रफल \(1 \times 10^{-4} \,m ^{2}\) है तथा इसे \(16\, mW / m ^{2}\) तीव्रता वाले विकिरण से प्रकाशित किया जाता है। धातु का कार्यफलन \(5 \,eV\) है। आपतित फोटॉनों की ऊर्जा \(10 \,eV\) है तथा इसका केवल \(10\, \%\) भाग ही फोटो इलेक्ट्रॉनों को उत्पन्न करता है। प्रति सैकण्ड उत्सर्जित फॉटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा उनकी अधिकतम ऊर्जा क्रमशः होगी। \(\left[1 \,eV =1.6 \times 10^{-19} \,J \right]\) 2019 कठिन
  48. 48. एक धातु के पृष्ठ को, पहले \(\lambda_{1}=350\, nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश और फिर \(\lambda_{2}=540\, nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से, प्रकाशित करते हैं तथा इससे उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चालों में \(2\) का अनुपात पाया जाता है। धातु के कार्यफलन का \(eV\) में, मान होगा (\(eV\) में) : (फोटॉन की ऊर्जा \( = \frac{{1240}}{{\lambda {\rm{(in\, nm)}}}}\,eV\) ) 2019 कठिन
  49. 49. जब किसी प्रकाशसंवेदी सतह पर \(v\) आवृत्ति का एकवर्णीय प्रकाश आपतित किया जाता है तो प्रकाश धारा के लिये निरोधी विभव \(- V _{0} / 2\) प्राप्त होता है। जब सतह पर \(v / 2\) आवृत्ति का एकवर्णीय प्रकाश आपतित किया जाता है तो निरोधी विभव का मान \(- V _{0}\) होता है। प्रकाश उत्सर्जन के लिये दैहली आवृत्ति होगी । 2019 मध्यम
  50. 50. मूलबिन्दु पर एक प्रकाशीय तरंग के संगत चुम्बकीय क्षेत्र निम्न है : \(B = B _{0}\left[\sin \left(3.14 \times 10^{7}\right) ct +\sin \left(6.28 \times 10^{7}\right) ct \right]\). यदि यह प्रकाश एक चाँदी की प्लेट, जिसका कार्य फलन \(4.7\, eV\) है, पर पड़ता है तो इससे उत्सर्जित  फोटोइलैक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(......\,eV\) होगी ? (दिया है : \(c =3 \times 10^{8} \,ms ^{-1}, h =6.6 \times 10^{-34}\, J - s\) ) 2019 कठिन

STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति के अन्य टॉपिक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

JEE Mains में आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण के कितने प्रश्न आए हैं?

2014–2026 के 55 प्रश्न, हर एक सही उत्तर और पूरे हल के साथ।

आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण के प्रश्न कितने कठिन होते हैं?

9% आसान, 45% मध्यम और 45% कठिन।