STD 12 - स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता के सभी प्रश्न
नए पहले219 में से 151–200 प्रश्न
- 151. यदि किसी संधारित्र की पट्टिकाओं पर मुक्त आवेश \(q _{ f }\) है तथा उसकी पट्टिकाओं के बीच रखे परावैधुतांक \(k\) के परावैधुत स्लैब पर बद्ध आवेश \(q _{ b }\) है, तो बद्ध आवेश \(q _{ b }\) को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है। 2021 कठिन
- 152. \(60 pF\) धारिता के एक संधारित्र को \(20 V\) के स्त्रोत से पूरा आवेशित किया जाता है। तत्तपश्चात् इसे स्त्रोत से हटाकर \(60 pF\) के एक दूसरे अनावेशित संधारित्र से पार्श्व संबंधन (parallel connection) में जोड़ा जाता है। जब आवेश पूरी तरह से दोनों संधारित्रों में वितरित हो जाये तो इस प्रक्रिया में स्थिर वैधुत ऊर्जा की क्षति \(nJ\) में होती है। 2020 मध्यम
- 153. चित्र में दिखाये गये परिपथ में कुल आवेश का मान \(750\, \mu C\) है और संधारित्र \(C _{2}\) पर वोल्टता \(20 \,V\) हैं। इस स्थिति में संधारित्र (capacitor) \(C _{2}\) पर आवेश है: (\(\mu C\) में)
2020 मध्यम - 154. द्रव्यमान \(m\) तथा आवेश \(q\) का एक कण पर एक विधुत क्षेत्र \(E ( x )= E _{0}\left(1- ax ^{2}\right)\), जो \(x\)-दिशा में है, लगाया जाता है। यहाँ पर \(a\) तथा \(E _{0}\) स्थिरांक है आरम्भ में कण \(x =0\) पर विरामावस्था में है। प्रारम्भिक अवस्था के अतिरिक्त मूल बिन्दु से कण की किस दूरी पर कण की गतिज ऊर्जा शून्य होगी? 2020 कठिन
- 155. धारिता \(C\) तथा \(2 C\) के दो संधारित्रों को क्रमशः \(V\) तथा \(2 V\) विभवान्तर तक आवेशित किया जाता है। तत्पश्चात इन दोनों को इस तरह समांतर क्रम में जोड़ते हैं कि एक का धनात्मक सिरा दूसरे के ऋणात्मक सिरे से जुड़ जाता है। इस विन्यास की अंतिम ऊर्जा होगी। (\(CV^2\) में) 2020 कठिन
- 156. धातुओं के बने हुए दो गोलाकार समकेन्द्रीय खोलों की त्रिज्या \(R\) और \(4 R\) है तथा इन पर क्रमश: \(Q _{1}\) और \(Q _{2}\) आवेश हैं। यदि दोनों खोलों पर सतहीय आवेश घनत्व (surface charge density) समान हो तो विभवान्तर \(V ( R )- V (4 R )\) का मान है : 2020 मध्यम
- 157. धातुओं से बने हुए दो गोले \(S _{1}\) और \(S _{2}\) जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः \(R _{1}\) और \(R _{2}\) है आवेशित है। यदि इसकी सतह पर विधुत क्षेत्र \(E _{1}\left( S _{1}\right.\) पर \()\) तथा \(E _{2}\left( S _{2}\right.\) पर \()\) ऐसे हैं कि \(E _{1} / E _{2}= R _{1} / R _{2}\) तो इन पर स्थिर वैधुत वोल्टता \(V _{1}\left( S _{1}\right.\) पर \()\) तथा \(V _{2}\left( S _{2}\right.\) पर \()\) का अनुपात \(V _{1} / V _{2}\) होगा : 2020 मध्यम
- 158. दिये गये परिपथ में संधारित्र \(5\, \mu F\) पर आवेश है (\(\mu C\) में)
2020 कठिन - 159. दो बिन्दु आवेश \(4 q\) व \(- q ; x-\)अक्ष पर क्रमशः \(x =-\frac{ d }{2}\) व \(x\) \(=\frac{ d }{2}\) पर स्थिर है। यदि एक तीसरे बिन्दु आवेश \('q'\) को मूलबिन्दु से \(x = d\) तक अर्धवृत्त के अनुदिश चित्रानुसार ले जाया जाये तो आवेश की ऊर्जा ।
2020 कठिन - 160. दो सर्वसम बिन्दु विधुत द्विध्रुवों के द्विध्रुव आघूर्ण क्रमश : \(\overrightarrow{ p }_{1}= pi\) तथा \(\overrightarrow{ p }_{2}=- p \hat{ i }\) है। इन्हें \(x\) अक्ष पर एक दूसरे से \('a'\) दूरी पर रखा गया है। इनको मुक्त कर देने पर, ये \(x\) अक्ष के अनुदिश गति करते है और इनके द्विध्रुव आघूर्णो की दिशा अपरिवर्तित रहती है। यदि प्रत्येक द्विध्रुव का द्रव्यमान \('m'\) है तो इनके बीच अनन्त दूरी होने पर, उनकी चाल होगी - 2020 मध्यम
- 161. एक \(10\, \mu F\) धारिता वाले संधारित्र को \(50\, V\) के विभवान्तर से जोड़कर पूरी तरह आवेशित करा जाता है। अब इसे वोल्टता के स्त्रोत से हटाकर एक दूसरे संधारित्र से पार्श्व संबंधन में जोड़ दिया जाता है। यदि अब संधारित्रों में विभवान्तर \(20 \,V\) हो जाये तो दूसरे संधारित्र की धारिता है। (\(\mu F\) में) 2020 कठिन
- 162. एक \(5\, \mu F\) संधारित्र को \(220\, \,V\) विघुत आपूर्ति कर पूर्णत: आवेशित किया जाता है और पूणः आपूर्ति बंद कर इसे \(2.5\, \mu F\) के संधारित्र के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ दिया जाता है। यदि आवेश के पूणर्वितरण के दौरान ऊर्जा परिवर्तन \(\frac{ X }{100} J\) है तो \(X\) का मान निकटतम पूर्णाक में है 2020 मध्यम
- 163. एक धारिता \(C\) के संधारित्र को विभव \(V _{0}\) से आवेशित करके एक दूसरे \(\frac{C}{2}\) धारिता के अनावेशित संधारित्र से समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। जब आवेश दोनों संधारित्रों में वितरित हो जाता है, तो इस प्रक्रम में क्षयित ऊर्जा का मान होगा। (\(CV _{0}^{2}\) में) 2020 कठिन
- 164. एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेट की लम्बाई \('l'\) चौड़ाई \('w'\) और उसके प्लेटों के बीच की दूरी \('d'\) है। इसको एक विधुत वाहक बल (emf) \(V\) वाली बैटरी से जोड़ा जाता है। उसी मोटाई \('d'\) और परावैधुतांक \(k =4\) के एक परावैधुत गुटके को संधारित्र की प्लेटों के बीच घुसाया जाता है। प्लेटों के अंदर गुटके को कितना घुसाने पर, संधारित्र में उचित ऊर्जा पहले वाली संचित ऊर्जा की दोगुनी होगी ? 2020 कठिन
- 165. एक संधारित्र दो वर्गाकार प्लेटों (आकार \(a \times a\) ) से बना है। प्लेटों के बीच एक बहुत छोटा कोण ' \(\alpha\) ' है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इस संधारित्र की विधुत धारिता निम्न में से किसके निकटतम होगी ?
2020 कठिन - 166. हाइड्रोजन आयन और हीलियम के एकल आयनित परमाणु को स्थिर अवस्था से समान विभवान्तर लगाकर त्वरित करा जाता है। ऐसी अवस्था में हाइड्रोजन आयनों की अन्तिम गति और हीलियम आयनों की अन्तिम गतियों का अनुपात निम्न में से किसके निकटतम होगा ? 2020 मध्यम
- 167. समानान्तर प्लेटों से बने एक संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल \(A\) है तथा उनके बीच की दूरी \('d'\) है। इन प्लेटों क बीच एक परावैधुत पदार्थ भरा हुआ है जिसका परावैधुतांक \(k ( x )= K (1+\alpha x )\) है। यहाँ पर ' \(x\) ' किसी एक प्लेट से दूरी है। यदि \((\alpha d)<<1\) हो, तो इस संधारित्र की धारिता का उपयुक्त मान होगा। 2020 कठिन
- 168. सुचालकों से बने हुए दो पृथक गोलों \(S _{1}\) तथा \(S _{2}\), जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः \(\frac{2}{3} R\) और \(\frac{1}{3} R\) हैं, पर \(12 \mu C\) तथा \(-3 \mu C\) आवेश हैं। ये गोले एक दूसरे से बहुत दूरी पर हैं। यदि इन गोलों को एक सुचालक तार से जोड़ दिया जाये तो जोड़ने के लम्बे समय के पश्चात् \(S _{1}\) तथा \(S _{2}\) पर आवेशों का मान क्रमशः होगा। 2020 कठिन
- 169. त्रिज्या \(R\) के एक ठोस गोले पर आवेश \(Q + q\) सम्पूर्ण आयतन पर एकसमान रूप से वितरित है। द्रव्यमान \(m\) का एक अत्यतं बिन्दु समान छोटा टुकड़ा इस गोले की तली से अलग होकर गुरूत्वीय क्षेत्र के अंतर्गत ऊर्ध्वाधर नीचे गिरता है। इस टुकड़े पर आवेश \(q\) है। यदि ऊर्ध्वाधर ऊँचाई \(y\) से गिरने पर इस टुकड़े की चाल \(v\) हो जाती है (चित्र देखिये) तो : (मान लें शेष भाग गोलीय हैं)
2020 कठिन - 170. त्रिज्या \(R\) के एक वृत्त की परिधि पर \(10\) आवेश ऐसे रखे गये हैं जिससे क्रमागत आवेशों के बीच कोणीय दूरी समान रहें। एकान्तर आवेशों \(1,3,5,7,9\) के ऊपर क्रमशः \((+q)\) आवेश और \(2 ,4,6,8,10\) के ऊपर क्रमशः \((-q)\) आवेश हैं। वृत्त के केन्द्र पर विभव \((V)\) और विधुत क्षेत्र \(( E )\) होगी। (अनन्त पर \(V =0\) लीजिए) 2020 कठिन
- 171. \(1000 \,V / m\) के एक विधुत क्षेत्र को \(45^{\circ}\) कोण पर एक विधुत द्विध्रुव पर लगाते हैं। विधुत द्विध्रुव आघूर्ण का मान \(10^{-29}\) \(C.m\) है। विधुत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा क्या है ? 2019 मध्यम
- 172. \(5 \, \mu F\) की धारिता वाले एक संधारित्र को \(5 \, \mu C\) तक चार्ज किया जाता है। यदि थारिता को \(2\, \mu F\) तक कम करने के लिए प्लेटों को अलग-अलग खींचा जाता है, तो किया गया कार्य होगा। 2019 मध्यम
- 173. आवेश \(Q\) को तीन समकेन्द्रीय तथा त्रिज्या \(a, b, c\) \(( a < b < c )\) के गोलाकार कोशों पर इस तरह वितरित किया है कि तीनों पर क्षेत्रीय घनत्व बराबर है। कोशों के केन्द्र से दूरी \(r\,<\,a\) पर स्थित एक बिन्दु पर कुल विभव का मान होगा? 2019 कठिन
- 174. आवेश \(Q\) वाले एक ठोस चालकीय गोले को एक अनावेशित चालकीय खोखले गोलीय कवच से घेरा गया है। ठोस गोले के पृष्ठ और खोखले कवच के बाह्म पृष्ठ के बीच विभवान्तर \(V\) है। यदि कवच को अब एक आवेश \(-4 Q\) दिया जाता है, तब उन्ही दोनों पृष्ठों के बीच नया विभवान्तर ........\(V\) होगा। 2019 कठिन
- 175. अवेशो \(- q , q\) तथा \(Q\) को चित्रानुसार रखा गया है। यदि \(D \gg a\) है तो विध्यूत स्थितिज ऊर्जा का मान होगा
2019 कठिन - 176. भुजा \('a'\) वाली दो वर्गाकार प्लेटों को दूरी \(d\) पर रखकर एक समांतर प्लेट संधारित्र बनाया जाता है। दिया है ( \(d \ll< a\) )। इसमें परवैध्यूतांक \(K\) के परावैध्यूत को चित्रानुसार लगाते हैं जिससे निचले त्रिभुजाकार भाग में परावैध्यूत पदार्थ रहता है। इस संधारित्र की धारिता होगी :
2019 कठिन - 177. चार समान बिन्दु आवेशों प्रत्येक \(Q\) को \(x y\) तल में बिन्दु \((0,2),(4,2),(4,-2)\) तथा \((0,-2)\) पर रखा गया है। निर्देशांक निकाय के मूलबिन्दु पर पांचवे आवेश \(Q\) को रखने के लिए आवश्यक कार्य का मान होगा। 2019 कठिन
- 178. चित्र में दिखाये गये परिपथ में जब स्विच ' \(S\) ' को ' \(A\) ' से ' \(B\) ' स्थिति में लाते है तो धारिता ' \(C\) ' तथा कुल आवेश ' \(Q\) ' के रूप में, परिपथ में क्षयित ऊर्जा का मान होगा।
2019 कठिन - 179. धारिता \(12\, pF\) वाले एक समान्तर पट्ट संधारित्र को इसकी प्लेटों के मध्य \(10\, V\) विभवान्तर उत्पन्न करने के लिए एक बैटरी द्वारा आवेशित किया जाता है। अब आवेशन बैटरी को हटा दिया जाता है तथा प्लेटों के मध्य \(6.5\) परावैधुतांक वाली पोर्सिलेन पट्टिका लगाई जाती है तो पट्टिका पर संधारित्र द्वारा किया गया कार्य ......\(pJ\) है। 2019 कठिन
- 180. दिखाये गये चित्र में \(10 \,\mu F\) के संधारित्र की बाँयी प्लेट पर \(-30\, \mu C\) आवेश है। \(6\, \mu F\) के संधारित्र की दाँयी प्लेट पर आवेश \(.......\, \mu C\) होगा ।
2019 कठिन - 181. दिखाये गये समकोणीय समद्विबाहु त्रिभुज के कोनों पर तीन आवेश \(Q + q\) तथा \(+ q\) रखे गये हैं। इस विन्यास की कुल विधुतस्थैतिक ऊर्जा शून्य होगी यदि \(Q\) का मान है।
2019 कठिन - 182. दिये गये परिपथ में \(4 \,\mu F\) धारिता के संधारित्र पर आवेश का मान .....\(\mu C\) होगा।
2019 कठिन - 183. दो दिये गये संधारित्रों को श्रेणी तथा समान्तर क्रम में लगाने पर उनका आवेश \(( q )\) तथा वोल्ट \(( V )\) के बीच का संबंध ग्राफ चित्र में दर्शाया गया है। इनकी धारिताओं के मान होंगे :
2019 कठिन - 184. दो सर्वसम समान्तर पट्टिका संधारित्रों में, प्रत्येक की, धारिता \(C\) है उनकी प्लेटों (पट्टिकाओं) का क्षेत्रफल \(A\) हैं और पट्टिकाओं के बीच की दूरी \(d\) है। दोनों प्लेटों के बीच के स्थान को \(K _{1}, K _{2}\) तथा \(K _{3}\) परावैधुतांक के तीन परावैधुत स्लैब से भर दिया है। सभी स्लैबों की मोटाई समान हैं किन्तु पहले संधारित्र में उन्हें, आरेख \(I\) के अनुसार तथा दूसरे में आरेख \(II\) के अनुसार रखा गया है। \(\left( E _{1}\right.\) तथा \(E _{2}\) क्रमशः प्रथम तथा द्वितीय संधारित्र से सम्बन्धित है) यदि इन नये संधारित्रों में प्रत्येक को समान विभव \(V\) से आवेशित किया जाये तो, इनमें संचित ऊजाओं का अनुपात होगा ।
2019 कठिन - 185. दो विधुत द्विध्रुव \(A\) तथा \(B\) जिनके द्विध्रुव आघूर्ण क्रमशः \(\overrightarrow{ d }_{ A }=-4 qa \hat{ i }\) तथा \(\overrightarrow{ d }_{ B }=-2 qa \hat {i }\) हैं, को \(x\)-अक्ष पर \(R\) दूरी पर चित्रानुसार रखा गया है। \(A\) से उस बिन्दु की दूरी, जिस पर दोनों का विभव बराबर होगा है :
2019 कठिन - 186. एक बिन्दु द्वि- ध्रुव \(\overrightarrow{ p }=- p _{0} \hat{ x }\) मूल बिन्दु पर स्थित है। तो इस द्विध्रुव के कारण, \(y\)-अक्ष पर \(d\) दूरी पर, विभव तथा विधुत क्षेत्र होंगे क्रमशः (मानो अनंत पर \(V =0\) है): 2019 मध्यम
- 187. एक स्थान पर विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=( Ax + B ) \hat{ i }\) है, जहाँ \(E NC ^{-1}\) में तथा \(x\) मीटर में है। नियतांकों के मान, \(A =20 \,SI\) unit तथा \(B =10 \,SI\) unit हैं। यदि \(x =1\) पर विभव \(V _{1}\) तथा \(x =-5\) पर विभव \(V _{2}\) है तो \(V _{1}- V _{2}\) ......\(V\) होगा । 2019 मध्यम
- 188. एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता \(1\, \mu F\) है। इसकी एक प्लेट को \(+2\, \mu C\) तथा दूसरी प्लेट को \(+4 \,\mu C\) आवेश देते हैं। संधारित्र पर उत्पन्न विभवान्तर \(....\,V\) है। 2019 मध्यम
- 189. एक समान्तर प्लेट संधारित्र की वोल्टेज श्रेणी (rating) \(500\, V\) है। इसका परावैधुत पदार्थ अधिकतम \(10^{6} \,V / m\) का विधुत क्षेत्र सहन कर सकता है। प्लेट का क्षेत्रफल \(10^{-4} m ^{2}\) है। यदि संधारित्र की धारिता का मान \(15 \,pF\) हो तो परावैधुतांक का मान होगा । (दिया है \(\in_{0}=8.86 \times 10^{-12} \,C ^{2} / Nm ^{2}\) ) 2019 कठिन
- 190. एक समान्तर पट्ट संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल \(6 \,cm ^{2}\) तथा उनके बीच दूरी \(3\, mm\) है। प्लेटों के बीच तीन उसी मोटाई तथा एकसमान क्षेत्रफल के परावैधुतों जिनके परावैधुतांक, \(K _{1}=10, K _{2}=12\) तथा \(K _{3}=14\) हैं, से चित्रानुसार भर दिया जाता है। इसी संधारित्र में ऐसे परावैधुत का परावैधुतांक क्या होगा जिसे डालने पर वही धारिता प्राप्त हो।
2019 कठिन - 191. एक समान्तर पट्ट संधारित्र की प्लेटों में से प्रत्येक का क्षेत्रफल \(1 \,m ^{2}\) है तथा इनके मध्य दूरी \(0.1 \,m\) है। यदि प्लेटों के मध्य विधुत क्षेत्र \(100 \,N / C\) हो तो प्रत्येक प्लेट पर आवेश का परिमाण होगा :- \((\varepsilon_{0}=8.85 \times 10^{-12} \,\frac{ C ^{2}}{ N - m ^{2}}\) लें) 2019 मध्यम
- 192. कुल आवेश \(q\) तथा त्रिज्या \(3 a\) का एक एकसमान आवेशित वलय \(xy\)-समतल में मूलबिंदु पर केन्द्रित रखा है। एक बिन्दु आवेश \(q\) इस वलय की तरफ \(Z\)-अक्ष पर चल रहा है। इसकी \(z =4 a\) पर चाल \(v\) है। मूलबिंदु को पार करने के लिए \(v\) का न्यूनतम मान होगा । 2019 कठिन
- 193. \(L\) लम्बाई के एक सरल दोलक को चित्रानुसार एक समान्तर प्लेट संधारित्र के मध्य, जिसमें विधुत क्षेत्र \(E\) है, में रखा है। इसके लोलक का द्रव्यमान \(m\) तथा आवेश \(q\) है। इस दोलक का आवर्तकाल होगा ?
2019 कठिन - 194. निर्वात में एक \(1\, \mu C\) आवेश के एक कण \(A\) को बिन्दु \(P\) पर दृढ़ रखा है। उसी आवेश तथा \(4 \,\mu g\) द्रव्यमान के दूसरे कण \(B\) को \(P\) से \(1\, mm\) दूरी पर रखा है। \(B\) को छोड़ने पर \(P\) से \(9\, mm\) दूरी पर उसकी गति का मान होगा? \(\left[\right.\) दिया है \(\left.\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}}=9 \times 10^{9}\, Nm ^{2} C ^{-2}\right]\) 2019 कठिन
- 195. वायु से भरे दो समान्तर प्लेट संधारित्रों, जिनकी धारिताएँ \(C\) तथा \(nC\) हैं, के सामन्तर संयोजन को \(V\) वोल्टता की बैटरी से जोड़ा गया है। जब संधारित्र पूर्णतया आवेशित हो जाते हैं तो बैटरी को हटा दिया जाता है और तत्पश्चात पहले संधारित्र की दोनों प्लेटों के बीच परावैधुतांक \(K\) का परावैधुत पदार्थ रख देते हैं। संयुक्त संयोजन के लिये नया विभवान्तर है। 2019 कठिन
- 196. विरामावस्था से एक बिन्दु धन आवेश को एक एकसमान घनत्व के धनात्मक रेखीय आवेश से \(r _{0}\) दूरी पर छोड़ते हैं। बिन्दु आवेश की चाल \(( v )\) रेखीय आवेश से तात्क्षणिक दूरी \(r\) के फलन के रूप में समानुपाती होगी :-
2019 कठिन - 197. वर्गाकार प्लेटों वाले एक समान्तर प्लेट संधारित्र को चित्रानुसार चार परावैधुतों, जिनके परावैधुतांक \(K _{1}, K _{2}, K _{3}\) तथा \(K _{4}\) है, से भर दिया जाता है तो प्रभावी परावैधुतांक \(K\) का मान होगा?
2019 कठिन - 198. \(90\, pF\) धारिता के एक समान्तर प्लेट संधारित्र को \(20\, V\) विघुत वाहक बल की एक बैटरी से जोड़ते हैं। यदि \(K=\frac{5}{3}\) परावैघुत पदार्थ प्लेटों के बीच प्रविष्ट किया जाता है तो प्रेरित आवेश का ......... \(nC\) परिमाण होगा 2018 मध्यम
- 199. चित्र में दिये गये परिपथ में बिंदु \(A\) तथा \(B\) के बीच समतुल्य धारिता ........ \(\mu F\) होगी
2018 कठिन - 200. दिये गये परिपथ में यदि कुँजी \(S\) को \(t =0\) पर बन्द करते हैं तो संधारित्र \(C _{1}\) पर आवेश का समय के साथ सम्बन्ध निम्न होगा \(\left( C _{ eq }=\frac{ C _{1} C _{2}}{ C _{1}+ C _{2}}\right)\)
2018 कठिन
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