STD 12 - गतिमान आवेश और चुंबकत्व के सभी प्रश्न
नए पहले224 में से 151–200 प्रश्न
- 151. किसी वृत्ताकार कुण्डली के अक्ष पर इसके केन्द्र से \(0.05\, m\) और \(0.2 \,m\) की दूरी पर स्थित दो बिन्दुओं पर चुम्बकीय क्षेत्रों का अनुपात \(8: 1\) है। इस कुण्डली की त्रिज्या \(.....\,m\) है। 2021 कठिन
- 152. कोई आवेश \(Q\), चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) में \(\overline{ dI }\) दूरी चलता है। चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) द्वारा किए गए कार्य का मान होगा। 2021 मध्यम
- 153. कोई डयूटैरॉन और कोई एल्फा कण, जिनकी गतिज ऊर्जा समान हैं किसी समान चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत प्रवेश करते हैं। मान लीजिए इनके वत्तीय पथों की त्रिज्याएं क्रमशः \(r_{d}\) और \(r_{\alpha}\) हैं, तब \(\frac{r_{d}}{r_{\alpha}}\) का मान होगा। 2021 मध्यम
- 154. कुल \(50\) भाग के पैमाने पर पूर्ण विक्षेप के लिए, धारामापी में \(50\) मिलीवोल्ट वोल्टेज की आवश्यकता पड़ती है। धारामापी का प्रतिरोध, जब इसकी धारा सुग्राहिता \(2\) भाग\(/\)मिलीएम्पियर है, \(.....\) ओम होगा 2021 मध्यम
- 155. लचीले तार से अनियमित आकति में बना कोई लूप, जिससे धारा प्रवाहित हो रही है किसी बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखा है। चुम्बकीय क्षेत्र के तार पर प्रभाव की पहचान कीजिए। 2021 मध्यम
- 156. लम्बाई \(24 a\) तथा प्रतिरोध \(R\) का एकसमान चालकीय तार, \('a'\) भुजा के समबाहु त्रिभुज और फिर \('a'\) भुजा के वर्ग के रूप में लपेटकर धारावाही कुण्डली बनाया जाता है। कुण्डली को विभव स्त्रोत \(V _{0}\) से जोड़ा जाता है। समबाहु त्रिभुज तथा वर्ग के रूप में कुण्डलियों के चुम्बकीय आघूर्णों का अनुपात \(1: \sqrt{ y }\) होता है, जहाँ \(y\,.....\) है। 2021 कठिन
- 157. यदि रेडियो आवत्ति दोलक द्वारा प्रदान त्वरित विभव का अधिकतम मान \(12 \,kV\) है। प्रकाश की चाल का \(1 / 6\) वाँ मान प्राप्त करने के लिए साइक्लोट्रॉन में प्रोटॉन द्वारा परिक्रमणों की संख्या \(.........\) होगी \(\left[ m _{ p }=1.67 \times 10^{-27} \,kg , e =1.6 \times 10^{-19} \,C \right.\) प्रकाश की चाल \(=3 \times 10^{8} \,m / s\) ] 2021 कठिन
- 158. \(1\, MeV\) गतिज ऊर्जा वाला एक प्रोटॉन दक्षिण से उत्तर की ओर चल रहा है। पश्चिम से पूर्व की ओर दिशा के एक चुम्बकीय क्षेत्र से इस पर \(10^{12}\, m / s ^{2}\) का त्वरण पैदा होता है। चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण ......\(mT\) होगा। (प्रोटॉन का विराम द्रव्यमान \(\left.=1.6 \times 10^{-27} \,kg \right)\) 2020 मध्यम
- 159. आवेश \(q\) तथा द्रव्यमान \(m\) का एक कण \(Y - Z\) समतल में \(d\) दूरी पर रखे पर्दे की ओर \(-v \hat{i}(v \neq 0)\) वेग से चल रहा है। यदि एक चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }= B _{0} \hat{ k }\) उपस्थित हो तो, \(v\) के किस न्यूनतम मान के लिए कण पर्दे से नहीं टकरायेगा ? 2020 मध्यम
- 160. भुजाओं \(2 a\) वाले एक वर्गीय पाश, जिसमें धारा \(I\) बह रही हैं, को \(XZ\) समतल में मूल बिंदु पर केन्द्रित करके रखा गया है। एक लंबा तार, जिसमें भी धारा \(I\) बह रही है, को \(z\)-अक्ष के समांतर रखा गया है जिससे वह तार बिंदु \((0, b , 0)\) से होकर गुजरता है \((b>>a)\) । \(z\)-अक्ष के परितः पाश पर लगने वाले बल आघूर्ण का परिमाण इससे दिया जायेगा। 2020 कठिन
- 161. चित्र में \('l'\) लंबाई का एक क्षेत्र दिखाया गया है जिसमें \(0.3 \,T\) का एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र में एक प्रोटॉन \(4 \times 10^{5}\) \(ms ^{-1}\) गति से चुम्बकीय क्षेत्र से \(60^{\circ}\) कोण बनाते हुए प्रवेश करता है। (यदि इस क्षेत्र को पार करने तक प्रोटॉन \(10\) परिक्रमण पूरे करता है, तो \('l'\) का मान निम्न में से किसके निकट है ? (प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.67 \times 10^{-27} \,kg\)
प्रोटॉन पर आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\) )
2020 कठिन - 162. एक आवेशित कण जिस पर \(1\, \mu C\) का आवेश है \((2 \hat{ i }+3 \hat{ j }+4 \hat{ k })\, ms ^{-1}\) वेग से चल रहा है। यदि कण के आस पास \((5 \hat{ i }+3 \hat{ j }-6 \hat{ k }) \times 10^{-3} \,T\) का चुम्बकीय क्षेत्र हो तो कण पर लगने वाला बल \(\overline{ F } \times 10^{-9} \,N\) है। \(\overline{ F }\) वेक्टर है। 2020 मध्यम
- 163. एक गैल्वेनोमापी की कुंडली का प्रतिरोध \(100 \,\Omega\) है तथा इसमें से \(1\, mA\) विधुत धारा बहने पर यह पूरी तरह से विक्षेपित हो जाता है। यदि इसे एक ऐसे वोल्टमापी में बदलना हो जो \(10 \,V\) विभवान्तर लगाने पर पूरा विक्षेपित हो जाये तो इस पर लगाये जाने वाले प्रतिरोध का मान ......\(k\Omega\) होगा ? 2020 मध्यम
- 164. एक गैल्वेनोमापी की कुंडली में \(500\) घुमाव (turns) है और हर घुमाव का औसत क्षेत्रफल \(3 \times 10^{-4} \,m ^{2}\) है। यदि इस कुंडली में \(0.5\, A\) विधुत धारा बह रही हो तो इसे एक चुम्बकीय क्षेत्र में उस क्षेत्र के समानान्तर रखने के लिये \(1.5\, Nm\) बल आघूर्ण की आवश्यकता पड़ती है। तब टेसला में चुम्बकीय क्षेत्र का मान है। 2020 मध्यम
- 165. एक इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपी (electron gun) को \(R\) त्रिज्या की एक लम्बी परिनालिका के अक्ष पर रखा हुआ है।परिनालिका में तार के \(n\) घुमाव प्रति इकाई लम्बाई है तथा इसमें बहने वाली विधुत धारा का मान I है। इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपी परिनालिका की त्रिज्या की दिशा में \(v\) गति से इलैक्ट्रॉन प्रक्षेपित करती है। यदि प्रक्षेपित इलैक्ट्रॉन परिनालिका की सतह से नहीं टकराते हैं तो \(v\) का अधिकतम मान कितना हो सकता है ? (सभी अक्षरों का मानक अर्थ लें)।
2020 मध्यम - 166. एक इलेक्ट्रॉन \(+ x\) दिशा में \(6 \times 10^{6} \,ms ^{-1}\) की चाल से चल रहा है। यह \(+ y\) दिशा में लगने वाले \(300\, V / cm\) के एक समान वैधुत क्षेत्र में प्रवेश करता है। यदि इलेक्ट्रॉन \(x\) दिशा में ही चलता रहता है तो इस स्थान पर उपस्थित चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा होंगे। 2020 कठिन
- 167. एक लम्बा तार \(ABDMNDC\) चित्र में दिखाया गया है और इसमें विधुत धारा \(I\) बह रही है। इस तार के \(AB\) और \(BC\) भाग सीधे हैं और एक दूसरे से समकोण बनाते हैं। \(D\) पर तार घूमते हुए \(R\) त्रिज्या का एक वृत्त \(DMND\) बनाता है तथा तार के \(AB\) और \(BC\) भाग इस वृत्त पर क्रमशः \(N\) तथा \(D\) पर स्पर्श रेखाएँ बनाते है। इस दशा में वृत्त के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान है।
2020 कठिन - 168. एक लम्बे सीधे \(a\) त्रिज्या के तार में विधुत धारा बह रही हैं । यह धारा इसके अनुप्रस्थ काट पर समान रूप से वितरित है। तार द्वारा इसके अक्ष के क्रमशः \(\frac{a}{3}\) तथा \(2 a\) दूरी पर बनने वाले चुम्बकीय क्षेत्रों के मान का अनुपात होगा। 2020 कठिन
- 169. एक प्रोटॉन पूँज एकसमान विघुत क्षेत्र में, क्षेत्र से \(60^{\circ}\) के कोण पर चाल \(4 \times 10^{5}\, ms\) से प्रवेश करता है। परिणामी हेलिकल पथ के पीच का सन्निकट मान है (प्रोटॉन का द्रव्यमान \(=1.67 \times 10^{-27}\, kg\), प्रोटॉन का आवेश \(\left.=1.69 \times 10^{-19} \,C \right)\) 2020 मध्यम
- 170. एक परिपथ, जो कि ओह्म के नियम का सत्यापन करता हे, ये एमीटर तथा वोल्टमीटर का उपयोग श्रेणी या समान्तर क्रम में प्रतिरोधक के साथ सही जोड़कर किया गया है। तो इस परिपथ मे - 2020 मध्यम
- 171. \(G\) प्रतिरोध के एक गैल्वेनोमीटर को श्रेणीक्रम में प्रतिरोध \(R _{1}\) लगाकर एक \(0-1\, V\) परास के विभवमापी में बदला जाता है। इस विभवमापी की परास को \(0-2 \,V\) बनाने के लिए \(R _{1}\) के श्रेणीक्रम में लगाने वाले अतिरिक्त प्रतिरोध का मान होगा। 2020 कठिन
- 172. जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, एक तार, जिसमें विधुत धारा \(I\) बह रही है, से \(ABCDEFA\) आकृति बनायी गयी है। इसमें \(ABCDA\) तथा \(ADEFA\) दो आयत है जो एक दूसरे पर लम्बवत है। यदि इन आयतों का आकार \(a \times b\) हो तो आकृति \(ABCDEFA\) के चुम्बकीय आघूर्ण का परिमाण व दिशा होगी।
2020 कठिन - 173. किसी वृत्त के चाप के रूप में मुड़े एक तार \(A\) में \(2\, A\) धारा प्रवाहित हो रही है तथा त्रिज्या \(2 \,cm\) है जबकि वृत्त के चाप के रूप में मुड़े एक अन्य तार \(B\) में \(3\, A\) धारा प्रवाहित हो रही है तथा त्रिज्या \(4 \,cm\) है। ये चित्रानुसार रखे हुए है। उभयनिष्ठ केन्द्र \(O\) पर तार \(A\) व \(B\) के कारण चुम्बकीय क्षेत्रों का अनुपात होगा।
2020 कठिन - 174. षट्कोण आकार की एक कुण्डली के एक सिरे की लम्बाई \(10 \,cm\) है और इसमें \(50\) चक्कर (turns) हैं। यदि इसमें \(I\) एम्पीयर मान की एक विधुत धारा बहती है तो इसके केन्द्र पर पैदा होने वाले चुम्बकीय क्षेत्र (SI units में) का मान, \(\left(\frac{\mu_{ o } I }{\pi}\right)\) के यूनिट में होगा। 2020 कठिन
- 175. सुचालक तार से त्रिज्या \(a\) का एक छोटे वृत्ताकार छल्ले में विधुत धारा \(I\) बह रही है। इसे एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र \(B\) (जो कि इसके समतल के लम्बवत है) में इस प्रकार रखा जाता है कि जब इसे इसके व्यास के सापेक्ष थोड़ासा घुमाकर छोड़ा जाय तो यह आवर्तकाल \(T\) की सरल आवर्त गति करने लगता है। यदि छल्ले का द्रव्यमान \(m\) हो तो। 2020 मध्यम
- 176. वृत्ताकार पथ में चक्कर लगाते हुए किसी आवेशित कण को, एक धारा-धारा पाश माना जा सकता है। किसी चुम्बकीय क्षेत्र \(\overrightarrow{ B }\) के अन्तर्गत \(m\) द्रव्यमान तथा \(q\) आवेश का एक कण समतल में \(v\) चाल से गति करता है। इस गतिमान कण का चुम्बकीय आघूर्ण होगा। 2020 कठिन
- 177. \(1\, m\) भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुजाकार वलय में \(10\, A\) धरा प्रवाहित होती है। इसके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र के परिमाण का मान .....\(\mu T\) होगा। 2019 मध्यम
- 178. \(100\, eV\) ऊर्जा का एक इलेक्ट्रॉन जो \(x\)-अक्ष के अनुदिश गतिमान है, \(\overrightarrow{ B }=\left(1.5 \times 10^{-3} \,T \right) \hat{ k }\) के चुम्बकीय क्षेत्र में बिन्दु \(S\) पर प्रवेश करता है (चित्र देखिये)। चुम्बकीय क्षेत्र \(x =0\) से \(x =2 \,cm\) तक विस्तृत है। बिन्दु \(S\) से \(8 \,cm\) दूरी पर स्थित पर्दे पर इलेक्ट्रॉन का संसूचन बिन्दु \(Q\) पर होता है। बिन्दु \(P\) तथा \(Q\) के बीच की दूरी \(d\) (पर्दे पर) का मान \(......\,cm\) होगा। (इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\),
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9.1 \times 10^{-31} \,kg\) )
2019 कठिन - 179. \(100\) फेरों वाली एक आयताकार कुण्डली ( विमा: \(5\) सेमी \(\times \, 2.5\) सेमी ) जिसमें \(3 \,A\) की धारा प्रवाहित हो रही है, जिसकी दिशा दक्षिणावर्त है। इसे मूल बिंदू पर तथा \(x - z\) तल में रखा जाता है। \(1\, T\) का चुम्बकीय क्षेत्र \(x\) - अक्ष के समानांतर प्रयुक्त किया जाता है। यदि \(Z-\) अक्ष के साथ कुण्डली को \(45^{\circ}\) का झुकाव दिया जाय, तब कुण्डली पर लगने वाला बलापूर्ण \(......\,Nm\) होगा। 2019 मध्यम
- 180. \(5 \,A\) धारा के एक सीधे तार के \(6 \,cm\) लम्बे खण्ड \(AB\) के कारण, (चित्रानुसार), बिन्दु \(P\) पर चुम्बकीय क्षेत्र ज्ञात कीजिये। \(\left(\mu_{0}=4 \pi \times 10^{-7}\, N - A ^{-2}\right)\)
2019 कठिन - 181. द्रव्यमान \(m\) तथा आवेश \(q\) का एक कण \(\overrightarrow{ E }=2 \hat{ i }+3 \hat{ j } ; \quad \overrightarrow{ B }=4 \hat{ j }+6 \hat{ k } \text {. }\) द्वारा दिये गये विधुत एवं चुम्बकीय क्षेत्र में है। इस आवेश को मूलबिन्दु से बिन्दु \(P ( x =1 ; y =1)\) तक एक सीधी रेखा के पथ के अनुगत विस्थापित करते हैं। किये गये कुल कार्य का परिमाण है। 2019 मध्यम
- 182. दो अनन्त लम्बाई के समरूप तारों को \(90^{\circ}\) से मोड़कर चित्रानुसार इस तरह रखा है कि उनके \(LP\) तथा \(QM\) भाग \(x\)-अक्ष पर हैं तथा \(PS\) व \(QN\) भाग \(y\)-अक्ष के समान्तर हैं। यदि \(OP = OQ =4 \,cm , O\) पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान \(10^{-4} T\) है तथा दोनों तारों में बराबर धारा (चित्रानुसार) बह रही है तो प्रत्येक तार में धारा का मान तथा बिन्दु \(O\) पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा होगी:\(\left(\mu_{0}=4 \pi \times 10^{-7} \,NA ^{-2}\right)\)
2019 कठिन - 183. दो बहुत लम्बे, सीधे तथा विधुत रोधी तारों को एक दूसरे से \(90^{\circ}\) कोण पर चित्रानुसार \(x y\)-समतल में रखा है। तारों में एकसमान धारा I, चित्र में दिखायी दिशा में, बह रही है। बिन्दु \(P\) पर परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र होगा :
2019 मध्यम - 184. दो वृत्ताकार चापों तथा त्रिज्यक रेखाओं से बना एक धारा पाशा चित्र में दिखाया गया है। पाश में \(10\, A\) की धारा प्रवाहित हो रही है। बिन्दु \(O\) पर चुम्बकीय क्षेत्र का सन्निकट मान होगा :
2019 मध्यम - 185. एक अनन्त लंबाई का धारावाहक तार तथा एक छोटा-सा धारावाहक पाश कागज के समतल में चित्रानुसार रखे हैं। पाश की त्रिज्या \(a\) तथा तार से इसके केंद्र की दूरी \(d\) है \(( d \gg a )\) । यदि पाश द्वारा तार पर बल \(F\) है तो \(:\)
2019 कठिन - 186. एक चल कुंडली गैल्वेनोमीटर, की पूर्ण विक्षेप धारा का मान \(10^{-4} \,A\) है। इसको एक \(0-5 \,V\) परास के वोल्टमीटर में बदलने के लिये \(2 \,M \Omega\) के प्रतिरोध की आवश्यकता होती है। तो इसे एक \(0-10\, mA\) परास के अमीटर में बदलने के लिये किस शंट प्रतिरोध की आवश्यकता होगी। 2019 मध्यम
- 187. एक चल कुण्डली धारामापी में \(175\) फेरों वाली तथा \(1\, cm ^{2}\) क्षेत्रफल की एक कुण्डली लगी है। इसमें मरोड़ांक \(10^{-6}\, N - m / rad\) वाले एक मरोड़ बैण्ड का प्रयोग होता है। इस कुण्डली को एक चुम्बकीय क्षेत्र \(B\) में रखते हैं जो कि इसके समतल के समान्तर है। \(1 \,mA\) धारा के लिये कुण्डली में विक्षेप \(1^{\circ}\) है। \(B\) का मान (टेस्ला में) लगभग हैं। 2019 मध्यम
- 188. एक धारामापी जिसका प्रतिरोध \(20\, \Omega\) है तथा दोनों और \(30\) भाग हैं, की धारा सुग्राहिता \(0.005\) एम्पियर/भाग है। कितना प्रतिरोध श्रेणीबद्ध क्रम में लगाये कि, इसको \(15 \,V\) तक के एक वोल्टमीटर के रूप में प्रयोग किया जा सके? ( \(\Omega\) में) 2019 कठिन
- 189. एक धारामापी का प्रतिरोध \(50\, \Omega\) है तथा इससे अधिकतम \(0.002\, A\) धारा प्रवाहित हो सकती है। इसको \(0-0.5\,A\) परास के अमीटर में परिवर्तित करने के लिये इसमें कितना प्रतिरोध जोड़ना चाहिये ? (\(ohm\) में) 2019 मध्यम
- 190. एक गतिमान कुण्डलित गैल्वनोमीटर का प्रतिरोध \(50\, \Omega\) है। यह \(4\) \(mA\) की धार पर पूर्ण विचलन को दर्शाता है। इस गैल्वनोमीटर का उपयोग करके एक वोल्टमीटर बनाया जाता है, जिसका प्रतरोध \(5\, k\, \Omega\) है। इस वोल्टमीटर का उपयोग करके जिस अधिकतम वोल्टता का मापन किया जा सकता है। वह लगभग \(......\,V\) होगा। 2019 मध्यम
- 191. एक कण, जिसका आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश के समान है, \(0.5\, T\) चुम्बकीय क्षेत्र में एक \(0.5 \,cm\) त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर चलता है। यदि \(100\, V / m\) का विधुत क्षेत्र लगाने पर यह कण एक सीधी रेखा में चलता है, तो कण का द्रव्यमान होगा : (दिया है इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \,C\) ) 2019 मध्यम
- 192. एक प्रोटॉन, एक इलैक्ट्रॉन और एक हीलियम नाभिक, की ऊर्जाएँ बराबर हैं। वे एक समतल में उसके लम्बवत्
चुम्बकीय क्षेत्र के कारण वृत्ताकार कक्षा में गतिशील है। यदि \(r _{ p }, r _{ e }\) और \(r _{ He }\) प्रोटॉन, इलैक्ट्रॉन तथा हीलियम नाभिक के वृत्ताकार पथ की त्रिज्याएँ है, तो। 2019 मध्यम - 193. एक प्रयोग में इलेक्ट्रॉनों को विराम अवस्था से \(500 \,V\) वोल्टेज लगाकर त्वरित करते हैं। पथ की त्रिज्या ज्ञात कीजिए यदि लगाया गया चुम्बकीय क्षेत्र \(100 \,mT\) है। [इलेक्ट्रॉन का आवेश \(=1.6 \times 10^{-19}\, C\) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(\left.=9.1 \times 10^{-31} \,kg \right]\) 2019 मध्यम
- 194. एक वर्गाकार वलय में धारा \(I\) प्रवाहित करने पर इसके चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का परिमाण \(m\) होता है। यदि इस वर्गाकार वलय को मोड़कर एक वृत्ताकार वलय में परिवर्तित किया जाये और उसमें वही धारा प्रवाहित की जाए तो इस वृत्ताकार वलय के चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का परिमाण होगा । 2019 मध्यम
- 195. \(I _{1}\) धारावाही तार के सतह में, \(a\) भुजा वाली वर्गाकार दृढ पाश जिससे धारा \(I _{2}\) वह रही है को क्षैतिज सतह पर, रखा गया जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। तार के कारण पाश पर कुल बल क्या होगा
2019 कठिन - 196. लम्बाई \(\ell\) की एक पतली रोधी छड़ पर रेखीय आवेश घनत्व \(p ( x )=\rho_{0} \frac{ x }{\ell}\) है। इस छड़ को मूलबिन्दु \(( x =0)\) से जाने वाली तथा छड़ के लम्बवत् एक अक्ष के परित : \(n\) चक्कर प्रति सेकण्ड से घुमाया जाता है। इस छड़ का कालिक माध्य चुम्बकीय आघूर्ण होगा । 2019 कठिन
- 197. लम्बाई \(L\) के दो एकसमान चालक तारों में से एक को वृत्ताकार वलय की आकृति में लाया जाता है तथा दूसरे को \(N\) एकसमान फेरों की वृत्ताकार कुंडली में मोड़ा जाता है। यदि दोनों से एक ही धारा प्रवाहित की जाती है, तो वलय तथा कुण्डली के केन्द्रों पर उपस्थित चुम्बकीय क्षेत्र, क्रमश: \(B _{ L }\) तथा \(B _{ C }\) हों, तब अनुपात \(\frac{ B _{ L }}{ B _{ C }}\) होगा। 2019 मध्यम
- 198. प्रतिरोध \(50\) ओम वाले एक गेल्वेनोमीटर में \(25\) भाग है जब इससे \(4 \times 10^{-4}\, A\) धारा प्रवाहित होती है तो इसकी सुई (पाईन्टर) एक भाग विक्षेप दर्शाती है। इस गेल्वेनोमीटर को \(2.5\, V\) परास वाले वोल्टमीटर के रूप में प्रयुक्त करने के लिये इससे जोड़ा जाने वाला प्रतिरोध \(........\,ohm\) होगा। 2019 मध्यम
- 199. त्रिज्या \(r\) ओर चक्कर \(N\) वाली एक वृत्तीय कुण्डली में धारा \(I\) प्रवाहित हो रही है। इसे चुम्बकीय क्षेत्र \(Bi\) में \(XZ\) समतल में रखा जाता है। चुम्बकीय क्षेत्र के कारण कुण्डली पर बलआघूर्ण होगा। 2019 कठिन
- 200. विभवान्तर \(V\) से एक प्रोटॉन तथा एक \(\alpha\)-कण (जिनके द्रव्यमान का अनुपात \(1: 4\) तथा आवेशों का अनुपात \(1: 2\) है) को स्थिरावस्था से त्वरित करते हैं। यदि उनके वेगों के लम्बवत् एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र \((B)\) लगाया जाये तो इन कणों के वृत्ताकार पथों की त्रिज्याओं का अनुपात \(r _{ p }: r _{\alpha}\) होगा । 2019 मध्यम
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