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अध्याय JEE Mains · Physics

STD 12 - वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र PYQ: JEE Mains Physics प्रश्न – पेज 3

2013–2026 के 150 प्रश्न। विद्युत क्षेत्र रेखाएँ सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

150प्रश्न
7टॉपिक
2013–2026वर्ष
कठिनाई स्तर
आसान 9% मध्यम 37% कठिन 55%

STD 12 - वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र के सभी प्रश्न

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150 में से 101–150 प्रश्न

  1. 101. आरेख में दर्शाए अनुसार कोई आवेश \('q'\) किसी घन के एक कोने पर स्थित है। विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }\) के छायांकित क्षेत्र से गुजरने वाला फ्लक्स होगा।
    2021 कठिन
  2. 102. अनंत बिन्दु आवेशों, जिनमें प्रत्येक पर \(1\, \mu \,C\) का आवेश है। को \(y\)-अक्ष के अनुदिश \(y =1 \,m , 2\,m\), \(4\, m , 8\, m \ldots\) रखा गया है। मूलबिन्दु पर रखे \(1\, C\) बिन्दु आवेश पर लगने वाला कुल बल \(x\, \times 10^{3}\, N\) है। यहाँ \(x\) का मान निकटतम पूर्णांक \(......\) होगा। \(\left[\frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}}=9 \times 10^{9} \,N\,m ^{2} / C ^{2}\right.\) लीजिए । \(]\) 2021 मध्यम
  3. 103. असत्य कथन छाँटिए : \((a)\) गौसीय सतह में प्रवेश करने वाली विधुत बल रेखाएं ऋणात्मक फ्लक्स प्रदान करती है। \((b)\) एक आवेश \('q'\) एक घन के केन्द्र पर रखा है। सभी फलको से निर्गत फ्लक्स समान होगा। \((c)\) एक समान विधुत क्षेत्र में कोई आवेश न रखने वाली बन्द गौसीय सतह से निर्गत परिणामी फ्लक्स शून्य होता है। \((d)\) जब विधुत क्षेत्र गौसीय सतह के समान्तर होती है, तो यह परिमित अशून्य फ्लक्स प्रदान करती है। नीचे दिए गये विकल्पों में उपयुक्त उत्तर चुनिए : 2021 मध्यम
  4. 104. चित्रानुसार छड़ \(AB , 120^{\circ}\) पर \(R\) त्रिज्या के चाप में मोड़ी जाती है। आवेश \((- Q )\) छड़ \(AB\) पर एकसमान रूप से वितरित होता है। वक्रता केन्द्र \(O\) पर विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }\) क्या होगा ?
    2021 कठिन
  5. 105. द्रव्यमान \(1\, mg\) और आवेश \(q\) का कोई कण, एक दूसरे से \(2\, m\) दूरी पर स्थित दो स्थिर आवेशों जिनमें प्रत्येक का आवेश \(q\) है, के मध्यबिन्दु पर स्थित है। यदि मध्य बिन्दु स्थित कण मुक्त आवेश को अपनी साम्य स्थिति से किसी दूरी \('x'\) \(( x \,<\,1 \,m )\) तक विस्थापित करे, तो यह कण सरल आवर्त गति करने लगता है। इसके दोलन की कोणीय आवत्ति \(.........\,\times 10^{8}\, rad / s\) होगी यदि \(q ^{2}=10 \,C ^{2}\) । 2021 कठिन
  6. 106. दो लघु गोले, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान \(10\, mg\) है, \(0.5\, m\) लम्बे धागों द्वारा किसी बिन्दु से निलंबित हैं। समान आवेश द्वारा आवेशित करने पर ये एक दुसरे को \(0.20\, m\) दूरी तक प्रतिकर्षित करते हैं। प्रत्येक गोले पर आवेश \(\frac{ a }{21} \times 10^{-8} \,C\) है। \(a\) का मान \(......\) होगा। [दिया है : \(g =10\, ms ^{-2}\) ] 2021 कठिन
  7. 107. दो स्थिर इलेक्ट्रॉनों, जिनके बीच की दूरी \('2d'\) है, के बीच इन्हें मिलाने वाली रेखा के मध्यबिन्दु पर तीसरा आवेश प्रोटॉन रखा है। इस प्रोटॉन को किसी लघु दूरी \(x ( x < d )\) तक दोनों इलेक्ट्रॉनों को मिलाने वाली रेखा के लम्बवत् विस्थापित किया गया है। इसके कारण यह प्रोटॉन सरल आवर्त गति करने लगता है, जिसकी कोणीय आवत्ति होती है: \(( m =\) आवेशित कण की संहति \()\) 2021 कठिन
  8. 108. दो समान टेनिस बॉलों को, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान \('m'\) और आवेश \('q'\) है को \('l'\) लम्बाई के धागों के साथ एक स्थिर बिन्दु से लटकाया गया है। यदि प्रत्येक धागा, ऊर्ध्वाधर से छोटा कोण \('\theta'\) बनाए तो साम्यावस्था में धागों के बीच पथकन का मान होगा। 2021 कठिन
  9. 109. एक घन \(\overrightarrow{ E }=150 y ^{2} \hat{ j }\) के विधुत क्षेत्र में रखा है। घन की भुजा \(0.5\, m\) है तथा यह क्षेत्र में चित्रानुसार रखा है। घन के अन्दर आवेश \(.....\times 10^{-11} {C}\) है।
    2021 कठिन
  10. 110. क्षैतिज से \(30^{\circ}\) के कोण बनाने वाले किसी आनत तल को \(200\, \frac{ N }{ C }\) के एकसमान क्षैतिज विधुत क्षेत्र में रखा गया है। आरेख में दर्शाए अनुसार, \(1\, kg\) द्रव्यमान के किसी पिण्ड को, जिस पर \(5\, mC\) आवेश है, विराम की र्थिति से \(1\, m\) ऊँचाई से इस तल पर सरकाया गया है यदि घर्षण गुणांक \(0.2\) हैं तो इस पिण्ड को तली तक पहुँचने में लगने वाला समय \(.......\) सेकण्ड होगा। \([ g =\) \(9.8 \,m / s ^{2}, \sin 30^{\circ}=\frac{1}{2} ; \cos 30^{\circ}=\frac{\sqrt{3}}{2}\) ]
    2021 कठिन
  11. 111. किसी क्षेत्र में विधुत क्षेत्र को इस प्रकार दर्शाया गया है- \(\overrightarrow{ E }=\left(\frac{3}{5} E _{0} \hat{ i }+\frac{4}{5} E _{0} \hat{ j }\right) \frac{ N }{ C }\) है। \(0.2\, m ^{2}\) क्षेत्रफल के आयताकार पष्ठ \(\left( y - z\right.\) तल के समान्तर) और \(0.3 \,m ^{2}\) के पष्ठ \(( x - z\) तल के समान्तर \()\) से गुजरने वाले दिए गये क्षेत्र के फ्लक्स का अनुपात \(a : b\) है। यहाँ \(a =\ldots\) है। [यहाँ \(\hat{ i }, \hat{ j }\) और \(\hat{ k }\) क्रमशः \(x , y\) और \(z\)-अक्ष के अनुदिश एकांक सदिश है] 2021 कठिन
  12. 112. किसी निश्चित आवेश \(Q\) को दो भागों \(q\) और \(( Q - q )\) में विभाजित किया गया है। \(Q\) तथा \(q\) को किस प्रकार विभाजित किया जाना चाहिए ताकि \(q\) और \(( Q - q)\) को एक-दूसरे से किसी निश्चित दूरी पर रखे जाने पर ये परस्पर अधिकतम स्थिर विधुत प्रतिकर्षण बल का अनुभव करे? 2021 मध्यम
  13. 113. किसी प्रदेश में विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=\frac{2}{5} E _{0} \hat{ i }+\frac{3}{5} E _{0} \hat{ j }\) है यहाँ \(E _{0}=4.0 \times 10^{3} \frac{ N }{ C } \mid Y - Z\) तल के समान्तर \(0.4\, m ^{2}\) क्षेत्रफल के आयताकार पष्ठ से गुजरने वाला इस क्षेत्र का फ्लक्स \(.........\,Nm ^{2} C ^{-1}\) होगा। 2021 मध्यम
  14. 114. किसी विधुत द्विध्रुव को रैखिक आवेश घनत्व \(3.0 \times 10^{-6} C / m\) के लाईन आवेश के क्षेत्र में \(x\)-अक्ष पर रखा गया है। लाइन आवेश \(z\)-अक्ष पर रखा है तथा विधुत द्विध्रुव के धनावेश और ऋणावेश मूलबिन्दु से क्रमशः \(10 \,mm\) और \(12\, mm\) की दूरी पर है। यदि द्विध्रुव पर लगने वाला कुल बल \(4 N\) है, तो द्विध्रुव के धनावेश अथवा ऋणावेश की मात्रा ज्ञात कीजिए। 2021 कठिन
  15. 115. मिलिकॉन ऑयल ड्रॉप प्रयोग में, नियत विधुत क्षेत्र \(3.55 \times 10^{5} \,V m ^{-1}\) के अधीन एक तेल की बूंद जिसकी त्रिज्या \(2 \,mm\) और घनत्व \(3\, g \,cm { }^{-3}\) है, को स्थिर रखा गया है। तेल की बूंद पर उपस्थित अत्यधिक इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी। (माना \(g =9.81 \,m / s ^{2}\) ) 2021 कठिन
  16. 116. मुक्त आकाश में \(z\)-अक्ष के अनुदिश स्थित \(8 \,nC / m\) के एकसमान रेखीय आवेश के प्रभाग में बिन्दु \(x =3\, m\) पर पष्ठीय आवेश घनत्व ज्ञात कीजिए। 2021 कठिन
  17. 117. मूलबिन्दु पर अवस्थित \(2 \times 10^{-9}\, m ^{3}\) के किसी वार्धिक आयतन में परिबद्ध कुल आवेश \(......\,nC\) होगा, यदि इसके क्षेत्र का विधुत फ्लक्स घनत्व \(D = e ^{- x } \sin y \hat{ i }- e ^{- x } \cos y \hat{ j }+2 z \hat{ k } C / m ^{2}\) पाया जाता है। 2021 कठिन
  18. 118. \(\sigma\) सतह आवेश घनत्व से \(R\) त्रिज्या की समानरूप से आवेशित एक चकती \(x-y\) तल में रखी है, जिसका केन्द्र मूलबिन्दु पर है। \(z\)-अक्ष के अनुदिश मूल बिन्दु से \(Z\) दूरी पर विधुत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए। 2021 कठिन
  19. 119. उपेक्षणीय आयतन के दो सर्वसम चालक गोलों पर \(2.1\, nC\) और \(-0.1\, nC\) के आवेश हैं। इस दोनों को सम्पर्क में लाकर फिर \(0.5 \,m\) की दूरी पर रख दिया गया है। इन दोनों गोलों के बीच स्थिर विधुत बल \(.....\,\times 10^{-9} N\) होगा। [दिया है : \(4 \pi \varepsilon_{0}=\frac{1}{9 \times 10^{9}} \,SI\) मात्रक] 2021 मध्यम
  20. 120. \(A, B\) और \(C\) आवेशित कण, जिन पर आवेश क्रमश : \(-4 q, 2 q\) तथा \(-2 q\) है, \(d\) त्रिज्या के एक वृत की परिधि पर रखे हुए है। कण \(A , C\) और वृत का केन्द्र \(O\) एक समबाहु त्रिभुज बनाते हैं। (चित्र देखें)। तब \(O\) पर \(x\)-दिशा में विधुत क्षेत्र का मान है :
    2020 मध्यम
  21. 121. अनन्त लम्बाई और चौडाई वाले दो समतलों के बीच \(30^{\circ}\) का कोण बना हुआ है और उन पर एक समान पृष्ठ घनत्व \(+\sigma\) का आवेश है। इन समतलों के बीच दिखाये गये क्षेत्र मे विधुत क्षेत्र होगा:
    2020 मध्यम
  22. 122. चित्र में दिखाये गये बक्से से होकर विधुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=4 xi -\left( y ^{2}+1\right) \hat{ j } N / C\) निकलता है। यदि बक्से के \(ABCD\) तथा \(BCGF\) समतलों में से होकर जाने वाले फ्लक्स का मान क्रमश: \(\phi_{ I }\) तथा \(\phi_{ II }\) है तब इनमें अन्तर \(\left(\phi_{ I }-\phi_{ II }\right)\) \(\left( Nm ^{2} / C \right)\) में होगा \(......\)
    2020 मध्यम
  23. 123. एक आवेशित कण ( द्रव्यमान \(m\) एवं आवेश \(q )\) \(X\) अक्ष के सापेक्ष \(V _{0}\) वेग से गतिमान है। जब यह मूल बिन्दु से एकसमान विघुत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }=- E \hat{ j }\) क्षेत्र से गुजरता है तो \(x = d\) से विस्तारित होता है। क्षेत्र \(X > d\) में इलेक्ट्रॉन पथ का समीकरण है
    2020 कठिन
  24. 124. एक \(R\) त्रिज्या के गोले में समान घनत्व \(\rho\) का आवेश वितरित है। यदि इस गोले से \(\frac{ R }{2}\) त्रिज्या का एक गोला काटकर चित्रानुसार निकाल दिया जाय तो बचे हुए भाग के कारण बिन्दु ओं \(A\) तथा \(B\) पर विधुत क्षेत्र (क्रमशः \(\overrightarrow{ E }_{ A }\) तथा \(\overrightarrow{ E }_{ B }\) ) के मान का अनुपात \(\frac{\left|\overrightarrow{ E }_{ A }\right|}{\left|\overrightarrow{ E }_{ B }\right|}\) होगा।
    2020 कठिन
  25. 125. एक विधुत द्विध्रुव जिसका आघूर्ण (moment) \(\overrightarrow{ p }=(-\hat{ i }-3 \hat{ j }+2 \hat{ k }) \times 10^{-29} C \cdot m\) है, मूलबिन्दु \((0,0,0)\) पर रखा हुआ है। इसके द्वारा \(\overrightarrow{ r }=+\hat{ i }+3 \hat{ j }+5 \hat{ k }\) बनने वाले विधुत क्षेत्र की दिशा निम्न में से किसके समान्तर होगी। (ध्यान दें कि \(\overrightarrow{ r } \cdot \overrightarrow{ p }=0\) ) 2020 मध्यम
  26. 126. समकोण त्रिभुज \(OAB\) के बिन्दु \(A\) तथा \(B\) पर आवेश \(Q _{1}\) तथा \(Q _{2}\) रखे हैं (चित्र देखिये)। यदि बिन्दु \(O\) पर वैधुत क्षेत्र कर्ण के लम्बवत् है तो आवेशों का अनुपात \(Q_{1} / Q_{2}\) किसके समानुपाती होगा ?
    2020 कठिन
  27. 127. \(5.0\, \mu C\) आवेश वाला और द्रव्यमान \(2 \,g\) का एक सरल दोलक का बॉब तीव्रता \(2000\, V / m\) के एक एकसमान क्षैतिज विधुत क्षेत्र में विराम अवस्था पर है। साम्यावस्था में, ऊर्ध्वाधर से दोलक जो कोण बनाएगा, वह है : \((g=10\, m / s ^{2}\) लें \()\) 2019 कठिन
  28. 128. आवेश \(- q\) तथा \(+ q\) क्रमश: \(A\) तथा \(B\) बिन्दु पर स्थित हैं तथा एक विधुत द्विध्रुव निर्मित करते है। यहाँ दूरी \(AB =2 a , O\) द्विध्रुव का मध्य बिन्दु तथा \(OP , AB\) के लम्बवत् है। एक आवेश \(Q\) बिन्दु \(P\) पर रखा है, जहाँ \(OP = y\) तथा \(y >2 a\) है। आवेश \(Q\) पर एक स्थिववैधुत बल \(F\) लगता है। आवेश \(Q\) को विषुवत् रेखा के अनुदिश \(P ^{\prime}\) की ओर इस प्रकार गति करायी जाती है कि \(OP ^{\prime}=\left(\frac{ y }{3}\right)\) है, तो \(Q\) पर बल का मान लगभग होगा :- \(\left(\frac{ y }{3}>>2 a \right)\)
    2019 कठिन
  29. 129. चार बिन्दु आवेशों \(- q ,+ q ,+ q\) और \(- q\) को \(y\)-अक्ष पर, क्रमश: \(y =-2 d , y =- d , y =+ d\) तथा \(y =+2 d\) पर रखा गया है। \(x\)-अक्ष पर उपस्थित एक बिन्दु \(x = D\), जहाँ \(D \gg d\) है, पर विधुत क्षेत्र के परिमाण \(E\) का व्यवहार होगा? 2019 कठिन
  30. 130. दो बिन्दु आवेशों \(q _{1}(\sqrt{10} \,\mu C )\) तथा \(q _{2}(-25 \,\mu C )\) को \(x\)-अक्ष पर क्रमश : \(x =1\, m\) तथा \(x =4 \,m\) पर रखा गया है। \(y\)-अक्ष पर बिन्दु \(y =3 \,m\) पर विधुत क्षेत्र का मान
    ( \(V / m\) में) होगा। \(\left[\right.\) दिया है : \(\left.\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}}=9 \times 10^{9} \,Nm ^{2} C ^{-2}\right]\)
    2019 कठिन
  31. 131. एक विधुत द्विध्रुव \(d\) दूरी पर रखे दो बराबर एवं विपरीत आवेश \(q\) से बना है। आवेशों का एकसमान द्रव्यमान \(m\) है। इसको एकसमान विधुत क्षेत्र \(E\) में रखते हैं। इसे इसकी साम्यावस्था के अभिविन्यास से थोड़ा सा घुमाते हैं, तो कोणीय आवृत्ति \(\omega\) होगी । 2019 कठिन
  32. 132. कुल आवेश \(2 Q\) को त्रिज्या \(R\) के गोले में इस प्रकार वितरित करते हैं कि आवेश घनत्व सम्बन्ध \(\rho( r )= kr\) से दिया जाता है जहाँ \(r\), केन्द्र से दूरी है। दो बराबर \(Q\) आवेशों \(A\) तथा \(B\) को केन्द्र से \(a\) दूरी पर व्यासीय विपरीत बिन्दुओं पर रखा गया है। यदि \(A\) और \(B\) कोई बल अनुभव नहीं करते हैं, तो ? 2019 कठिन
  33. 133. \(+ Q , q\) तथा \(+ Q\) के तीन आवेशों को \(x\)-अक्ष पर मूलबिन्दु से क्रमश: दूरी \(0, d / 2\) तथा \(d\) पर रखा गया है। यदि \(x =0\) पर रखे \(+ Q\) आवेश पर कुल बल शून्य है, तो \(q\) का मान होगा : 2019 कठिन
  34. 134. त्रिज्या \(R\) के एक एकसमान आवेशित वलय के विध्युत क्षेत्र का मान उसके अक्ष पर केंद्र से \(h\) दूरी पर अधिकतम है। \(h\) का मान होगा: 2019 कठिन
  35. 135. त्रिज्या \(R\) के एक गोले पर आवेश वितरित हैं जिसका आयतनिक आवेश घनत्व \(\rho( r )=\frac{ A }{ r ^{2}} e ^{-2 r / a }\) से दिया जाता है, जहाँ \(A\) तथा \(a\) नियतांक है। यदि इस आवेश वितरण का कुल आवेश \(Q\) है, तब त्रिज्या \(R\) का मान है। 2019 कठिन
  36. 136. यहाँ आरेख में एक चालक-कोश (शेल) को दर्शाया गया हैं इसकी आन्तरिक व बाह्य त्रिज्यायें क्रमशः \(a\) तथा \(b\) है। इस कोश पर \(Q\) आवेश है। इसके केन्द्र पर एक द्विध्रुव \(\overrightarrow{ p }\) है (आरेख देखिये) इस स्थिति में :
    2019 कठिन
  37. 137. द्रव्यमान \(M\) तथा आवेश \(q\) का एक पिण्ड एक स्प्रिंग नियतांक \(k\) की स्प्रिंग से जुड़ा है। यह पिण्ड \(x-\) दिशा में अपनी साम्यावस्था \(x=0\) के सापेक्ष आयाम \(A\) से दोलन कर रहा है। \(x-\) दिशा में एक विघुत क्षेत्र \(E\) लगाया जाता है। निम्न कथनों में कौन सा कथन सत्य है ? 2018 कठिन
  38. 138. दो समरूप चालक गोलों \(A\) व \(B\) पर समान आवेश हैं। प्रारम्भ में उनके बीच की दूरी उनके व्यासों से बहुत अधिक है तथा उनके बीच बल \(F\) है। \(C\) इसी तरह का एक तीसरा गोला है जो आवेशहीन है। गोले \(C\) को पहले \(A\) से स्पर्श कराते हैं, फिर \(B\) से स्पर्श कराते हैं और फिर हटा देते हैं। इस प्रकार से \(A\) और \(B\) के बीच बल का मान होगा 2018 कठिन
  39. 139. एक आवेश \(Q\) एक \(a\) भुजा वाले वर्गाकार सतह के केन्द्र से \(a/2\) ऊँचाई पर रखा हुआ है (चित्र देखें) वर्गाकार सतह से जाने वाला विघुत फ्लक्स होगा
    2018 मध्यम
  40. 140. अक्ष से \(\theta\) कोण बनाता है। विध्युत क्षेत्र \(\bar{E}_{1}=E \hat{i}\) में रखने पर यह बल आघूर्ण \(\vec{T}_{1}=\tau \hat{k}\) का अनुभव करता है। विध्युत क्षेत्र \(\vec{E}_{2}=\sqrt{3} E_{1} \hat{j}\) में रखने पर यह बल आघूर्ण \(\vec{T}_{2}=-\vec{T}_{1}\) का अनुभव करता है। कोण \(\theta\) का मान \(.....\,^{\circ}\) होगा: 2017 कठिन
  41. 141. चार बंद पृष्ठ तथा उनके आवेश विन्यास को निम्न चित्र में दर्शाया गया है। यदि उनके पृष्ठ से बद्ध वैद्युत फ्लक्स क्रमशः \(\Phi_{1}, \Phi_{2^{\prime}} \Phi_{3}\) तथा \(\Phi_{4}\) हों तो
    2017 कठिन
  42. 142. त्रिज्या \('a'\) तथा \('b'\) के दो एक-केन्द्री गोलों (चित्र देखिये) के बीच के स्थान में आयतन आवेश-घनत्व \(\rho=\frac{A}{r}\) है, जहाँ \(A\) स्थिरांक है तथा \(r\) केन्द्र से दूरी है। गोलों के केन्द्र पर एक बिन्दु-आवेश \(Q\) है। \('A'\) का वह मान बताये जिससे गोलों के बीच के स्थान में एकसमान वैध्युत-क्षेत्र हो:
    2016 कठिन
  43. 143. एक पतली डिस्क ( चक्रिका) की त्रिज्या \(' b'\) है। इसमें बने एक संकेन्द्री छिद्र (छेद) की त्रिज्या \(' a '\) है। \(( b =2 a )\) । डिस्क पर एकसमान पृष्ठ आवेश \(\sigma\) है। यदि इसकी अक्ष पर तथा इसके केन्द्र से \(' h '\) ऊँचाई पर, \(( h << a )\), विद्युत क्षेत्र \(' Ch '\) हो तो, \(' C '\) का मान है :
    2015 कठिन
  44. 144. \(L (=20 cm )\) लम्बाई के एक तार को एक अर्ध वृत्ताकार चाप के रूप में मोड़ दिया गया है। यदि इस चाप के दो समान भागों को \(\pm Q\) आवेश से एकसमान आवेशित कर दिया जाय \(\left[| Q |=10^{3} \varepsilon_{0}\right.\) कूलॉम जहाँ \(\varepsilon_{0}\) (\(SI\) मात्रक में) मुक्त आकाश की विद्युतशीलता (परावैद्युतांक) है ], तो, अर्धवृत्ताकार चाप के केन्द्र \(O\) पर नेट विद्युत क्षेत्र होगा :
    2015 कठिन
  45. 145. यहाँ आरेख में, किसी गोलाकार कोश (शैल) के कोटर के भीतर दो बिन्दु-आवेश \(+ Q\) तथा \(- Q\) दर्शाये गये हैं। ये आवेश कोटर की सतह के निकट इस प्रकार रखे गये हैं कि, एक आवेश कोश के केन्द्र की एक ओर है और दूसरा केन्द्र के विपरीत दूसरी ओर। यदि, भीतरी तथा बाहरी सतहों (पृष्ठों) पर, पृष्ठ आवेश क्रमशः \(\sigma_{1}\) तथा \(\sigma_{2}\) और नेट आवेश क्रमशः \(Q_{1}\) तथा \(Q _{2}\) हो तो :
    2015 कठिन
  46. 146. आधार त्रिज़्या \(R\) एवं ऊँचाई \(h\) वाला एक शंकु आधार के समान्तर एकसमान विद्युत क्षेत्र \(\overrightarrow{ E }\) में स्थित है। शंकु में प्रवेश करने वाला विद्युत फ्लक्स है 2014 मध्यम
  47. 147. एक गोलीय सममिती आवेश वितरण आवेश घनत्व का निम्नलिखित विचरण रखता है : \(\rho(r)=\rho_{o}\left(1-\frac{r}{R}\right) r < R\) के लिए \(\rho( r )=0 \quad r \geqslant R\) के लिए जहाँ \(r\) आवेश वितरण के केन्द्र से दूरी हैं और \(\rho_{ o }\) एक स्थिरांक है। एक अन्तः बिन्दु \(( r < R )\) पर विद्युत क्षेत्र है 2014 कठिन
  48. 148. मुक्त आकाश के एक क्षेत्र में विद्युत क्षेत्र दिया जाता हैं \(\overrightarrow{ E }= E _{ o } \hat{i}+2 E _{ o } \hat{j}\) जहाँ \(E _{0}=100 \;N / C\) । \(Y - Z\) तल के समान्तर \(0.02 \;m\) त्रिज्या के वृत्तीय पृष्ठ से गुजरने पर इस विद्युत क्षेत्र का फ्लक्स लगभग हैं : 2014 कठिन
  49. 149. पृथ्वी के पृष्ठ से जरा ऊपर वातावरण में साधारणतया उपस्थित असत विद्युत क्षेत्र का परिमाण \(150\; N / C\) के लगभग है जिसकी दिशा पृथ्वी के केन्द्र की ओर अन्तरमुखी है। यह पृथ्वी द्वारा वाहक परिणामी पृष्ठ आवेश देगा : [दिया है \(\epsilon_{ o }=8.85 \times 10^{-12} \;C ^{2} / N - m ^{2}\), \(R _{ E }=6.37 \times 10^{6}\; m\) ] 2014 कठिन
  50. 150. \(x-\) अक्ष के बिन्दुओं \(x =- a\) तथा \(x = a\) में प्रत्येक पर समान आवेश \(q\) रखा हैं, तथा इसके केन्द्र पर \(m\) द्रव्यमान तथा \(q _{0}=\frac{ q }{2}\) आवेश का एक कण रखा हैं। यदि आवेश \(q_0\) को \(y-\) अक्ष के अनुदिश अल्प दूरी \(( y << a )\) विस्थापित किया जाए, तो कण पर लगने वाला परिणामी बल समानुपाती होगा, 2013 मध्यम