STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र के सभी प्रश्न
नए पहले230 में से 201–230 प्रश्न
- 201. दिये गये चित्र में लेन्स संयोजन से बने प्रतिबिम्ब की स्थिति व प्रकृति होगी? \(\left(f_{1}, f_{2}\right.\) फोकस दूरियाँ)
2019 कठिन - 202. दिये गये ग्राफ में एक पतले लेंस के आवर्धन \(m\) को प्रतिबिम्ब की दूरी \(V\) के साथ दर्शाया गया है। इस लेंस की फोकस दूरी क्या होगी?
2019 मध्यम - 203. दो समतल दर्पणों \(\left( M _{1}\right.\) तथा \(\left.M _{2}\right)\) को परस्पर ऐसे कोण पर रखा गया है जिससे फ्रकाश की एक किरण जब \(M _{2}\) के समान्तर जाती हुयी \(M _{1}\) पर आपतित होती है तो अंततः वह \(M _{2}\) से \(M _{1}\) के समान्तर परावर्तित होती है। दर्पणों के बीच कोण का मान ......\(^o\) होगा ? 2019 मध्यम
- 204. एक अवतल दर्पण जिसका उपयोग चेहरा देखने के लिए किया जाता है का फोकस दूरी \(0.4\, m\) है चेहरे का प्रतिबिम्ब सीधा देखने के लिए तथा आवर्धन \(5\) होने के लिए दर्पण को चेहरे से कितनी दूरी पर रखना होगा, ज्ञात कीजिए (\(m\) में) 2019 मध्यम
- 205. एक प्रकाश की किरण \(AO\) निर्वात से काँच में \(60^{\circ}\) के कोण पर आपतित है तथा इसका अपवर्तन \(30^{\circ}\) के कोण पर \(OB\) के समदिश चित्रानुसार होता है। इस किरण की \(A\) से \(B\) तक प्रकाशिक पथ लम्बाई (Optical path length) होगी?
2019 कठिन - 206. एक समतल-उत्तल और एक समतल-अवतल लेंस, जिनकी वक्रता त्रिज्या \('R'\) है वो अलग पदार्थो के बने हैं। इन दोनों का चित्रानुसार चिपका दिया जाता है। यदि लेंस\(-1\) के पदार्थ का अपवर्तनांक \(\mu_{1}\) तथा लेंस-2 के पदार्थ का अपवर्तनांक \(\mu_{2}\) है तो इस संयोजन की फोकस दूरी होगी?
2019 कठिन - 207. एक समतलोत्तल लेंस (फोकस दूरी \(f_{2}\), अपर्वतनांक \(\mu_{2}\), वक्रता त्रिज्या \(R\) ) एक अन्य समतलोवतल लेंस (फोकस दूरी \(f_{1}\), अपवर्तनांक \(\mu_{1}\), वक्रता त्रिज्या \(R\) ) में पूर्णतया फिट बैठता है। इनकी समतल सतहें एक दूसरे के समान्तर है। इस संयोजन की फोकस दूरी होगी : 2019 मध्यम
- 208. एक उत्तल लेंस की एक प्रकाश स्रोत से \(10\, cm\) दूरी पर रखने से उसका स्पष्ट प्रतिबिंब लेंस से \(10\, cm\) दूरी पर रखी स्क्रीन पर बनता है। जब एक काँच (अपवर्तनांक \(1.5\)) के \(1.5 \,cm\) मोटे गुटके को प्रकाश स्रोत के बिलकुल सटाकर रखते है तो, पुन: स्पष्ट प्रतिबिम्ब को पाने के लिए स्क्रीन को \(d\) दूरी से खिसकाना पड़ता है। \(d\) का मान होगा \(:\) 2019 कठिन
- 209. एक उत्तल लेंस (फोकस दूरी \(20\, cm\) ) तथा एक अवतल दर्पण, जिनके मुख्य अक्ष एक ही रेखा में हैं, को एक दूसरे से \(80 \,cm\) की दूरी पर रखा गया है; अवतल दर्पण उत्तल लेंस के दाहिनी तरफ रखा है। जब एक वस्तु उत्तल लेंस के बाँयी तरफ \(30 \,cm\) की दूरी पर रखी जाती है, तो उसका प्रतिबिंब उसी स्थान पर ही रहता है, भले ही अवतल दर्पण को उसकी स्थिति से हटा दिया जाये। वस्तु की अधिकतम दूरी, जिसके लिए वह अवतल दर्पण खुद से ही आभासी प्रतिबिंब बनाये, होगी। (\(cm\) में) 2019 कठिन
- 210. \(30^{\circ}\) कोण के प्रिज़्म के एक फलक पर \(60^{\circ}\) का कोण बनाते हुए एक प्रकाश की किरण आपतित होती है। निर्गत किरण आपतित किरण से \(30^{\circ}\) का कोण बनाती है। निर्गत किरण का प्रिज़्म के दूसरे फलक से बना कोण होगा 2018 कठिन
- 211. एक कण \(X-\) अक्ष पर \(x_{0}=10\, cm\) बिंदु के सापेक्ष \(2\, cm\) आयाम एवं \(\omega\) आवृत्ति के साथ दोलन कर रहा है। \(5\, cm\) फोकस दूरी वाले एक अवतल दर्पण को मूलबिंदु पर रखा जाता है (चित्र देखें) निम्न में से सही कथन होंगे \((A)\) प्रतिबिम्ब आवर्त गति करता है \((B)\) प्रतिबिम्ब अनावर्त गति करता है \((C)\) प्रतिबिम्ब के प्रतिवर्तन बिंदु (turning points), \(x=10 \,cm\) के बिंदु के प्रतिबिम्ब के सापेक्ष असममित हैं \((D)\) प्रतिबिम्ब के दांलन के प्रतिवर्तन बिंदुओं के बीच की दूरी \(\frac{100}{21} \,cm\) है
2018 कठिन - 212. एक समतलोत्तल लेंस के समतल सतह पर, चाँदी की पॉलिश करने पर, एवं बायें से दायें ओर की तरफ प्रकाशित करने पर, वह एक \(28 \,cm\) फोकल दूरी का प्रकाशीय संयोजन बन जाता है ( चित्र \(A\))। यदि वही समतलोत्तल लेंस के अब वक्रीय सतह पर चाँदी की पॉलिश की जाय, एवं उसको दूसरी तरफ से प्रकाशित किया जाये (चित्र \(B\)) तो, वह एक \(10\, cm\) फोकल दूरी का प्रकाशीय संयोजन बन जाता है। लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक होगा
2018 कठिन - 213. एक \(25\, cm\) परिमाण की फोकस दूरी के अपसारी लेन्स को एक \(20 \,cm\) परिमाण की फोकस दूरी के अभिसारी लेन्स से \(15\, cm\) की दूरी पर रखा जाता है। एक समांतर प्रकाश पुंज अपसारी लेंस पर आपतित होता है। परिणामी प्रतिबिम्ब होगा: 2017 मध्यम
- 214. एक प्रयोग के दौरान, \(15\; cm\) फोकस दूरी के एक उत्तल लेंस को एक प्रकाश बेंच पर एक उत्तल दर्पण के सामने \(5 \;cm\) दूरी पर समाक्षीय स्थिति में रखा गया है। यदि वस्तु को लेंस से \(20\; cm\) की दूरी पर रखा जाये तो वस्तु तथा उसका प्रतिबिम्ब संपाती हो जाते हैं। उत्तल दर्पण की फोकस दूरी \(\dots \; cm\) होगी 2017 कठिन
- 215. माना कि एक सघन माध्यम का एक विरल माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक \(n _{12}\) है तथा उसका क्रान्तिक कोण \(\theta_{C}\) है। जब प्रकाश एक आपतन कोण \(A\) से सघन से विरल माध्यम में जाता है तो उसका एक भाग परावर्तित होता है और बचा हुआ भाग अपवर्तित होता है। परावर्तित और अपवर्तित किरणों के बीच कोण \(90^{\circ}\) है। कोण \(A\) का मान होगा 2017 कठिन
- 216. दूर स्थित \(10\, m\) ऊँचे पेड को एक \(20\) आवर्धन क्षमता वाले टेलिस्कोप से देखने पर क्या महसूस होगा? 2016 आसान
- 217. एक काँच के अर्द्धगोलीय ठोस की त्रिज्या \(10 \;cm\) तथा अपवर्तनांक \(1.5\) है। उसकी वक्रीय सतह पर चाँदी की परत चढ़ाई गई है। समतल पृष्ठ के \(6 \;cm\) नीचे तथा अक्ष पर, एक सूक्ष्म हवा का बुलबुला स्थित है। तब वक्रीय-दर्पण से बन रहे बुलबुले की प्रतिबिम्ब दूरी है
2016 कठिन - 218. एक प्रयोग करके तथा \(i-\delta\) ग्राफ बनाकर एक काँच से बने प्रिज्म का अपवर्तनांक निकाला जाता है। जब एक किरण को \(35^{\circ}\) पर आपतित करने पर वह \(40^{\circ}\) से विचलित होती है तथा यह \(79^{\circ}\) पर निर्गम होती है। इस स्थिति में निम्न में से कौनसा मान अपवर्तनांक के अधिकतम मान के सबसे पास है? 2016 मध्यम
- 219. एक उत्तल लैंस व अवतल लैंस, जिनकी फोकस दूरी क्रमशः \(30\; cm\) एवं \(120\; cm\) है, तथा समतल दर्पण निम्न चित्र के अनुसार रखे गये है। एक बिम्ब उत्तल लैंस से \(60\; cm\) की दूरी पर स्थित है। इस संयोजन द्वारा निर्मित अंतिम प्रतिबिम्ब एक वास्तविक प्रतिबिम्ब है जिसकी स्थिति निम्नलिखित होगी :
2016 कठिन - 220. काँच की स्लैब का चल-माईक्रोस्कोप द्वारा अपवर्तनांक निकालने के लिये जरूरी पाठ्यांकों की न्यूनतम संख्या है 2016 मध्यम
- 221. उत्तल-दर्पण की फोकस दूरी निकालने के एक प्रयोग में निम्न डाटा प्राप्त हुआ
उत्तल लैंस की फोकस दूरी \(f_{1}\) तथा उत्तल-दर्पण की फोकस दूरी \(f_{2}\) है। index correction नगण्य है। तब 2016 कठिनबिंब उत्तल लैंस उत्तल दर्पण प्रतिबिंब \(22.2\,cm\) \(32.2\,cm\) \(45.8\,cm\) \(71.2\,cm\) - 222. आपको एक शेविंग दर्पण बनाने को कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस दर्पण को अपने चेहरे से \(10 \; cm\) दूर रखता है और चेहरे के आवर्धित प्रतिबिम्ब को, सुविधाजनक-दर्शन की निकटतम दूरी, \(25 \; cm\) पर देखता है तो, दर्पण की वक्रता त्रिज्या होगी : 2015 मध्यम
- 223. एक उत्तल लेंस को, आरेख में दर्शाये गये अनुसार किसी समतल दर्पण के ऊपर रखा गया है। लेंस की फोकस दूरी \(' f '\) है। इस संयोजन से किसी वस्तु को \(' a '\) दूरी पर रखने से, उसका प्रतिबिम्ब संयोजन के सामने \(\frac{ a }{3}\) दूरी पर बनता है। तो, \(' a '\) का मान है :
2015 कठिन - 224. किसी दूरदर्शक के अभिदृश्यक तथा नेत्रिका की फोकस दूरियाँ क्रमशः \(150 \; cm\) तथा \(5 \; cm\) हैं। यदि \(1 \; km\) दूर स्थित किसी \(50 \; m\) ऊँचे टावर (मीनार) को, सामान्य विन्यास में, दूरदर्शक से देखने पर, टावर के प्रतिबिम्ब द्वारा बनाया गया कोण, \(\theta\) हो तो, \(\theta\) का मान होगा लगभग : 2015 कठिन
- 225. एक गैलिलियन दूरदर्शी के अभिदृश्यक एवं नेत्रिका लेन्स की फ़ोकस लम्बाइयाँ क्रमशः \(30 \;cm\) एवं \(3.0\; cm\) है। दूरदर्शी नेत्रिका लेन्स से सुस्पष्ट दर्शन की न्यूनतम दूरी पर एक अत्यन्त दूर की वस्तु का आभासी, सीधा प्रतिबिम्ब बनाता है। इस स्थिति में, गैलिलियन दूरदर्शी की आवर्धन क्षमता होगी : 2014 मध्यम
- 226. एक गोताखोर पानी के अन्दर से बाहर की दुनिया को एक वृत्तीय क्षैतिज में निहित देखता है। पानी का अपवर्तनाँक \(\frac{4}{3}\) है और गोताखोर की आँख पानी के पृष्ठ से \(15 \;cm\) नीचे हैं। तब वृत्त की त्रिज्या है : 2014 कठिन
- 227. एक हरे रंग का प्रकाश जल से वायु-जल अन्तरापृष्ठ पर क्रान्तिक कोण \((\theta)\) से आपतित है। सही कथन चुनिये। 2014 आसान
- 228. एक पर्दे के सामने एक स्थिर स्थिति में एक वस्तु स्थित है। एक पतले लेन्स की \(10 \;cm\) दूरी पर दो स्थितियों से पर्दे पर स्पष्ट प्रतिबिम्ब बनते हैं। दोनों स्थितियों में प्रतिबिम्बों के आकार का अनुपात \(3: 2\) है। वस्तु एवं पर्दे के बीच दूरी \(\dots \; cm\) है ? 2014 कठिन
- 229. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक लेन्स की फोकस लम्बाई \(1.2 \;cm\) और नेत्रिका की फोकस लम्बाई \(3.0 \;cm\) हैं। जब वस्तु को अभिदृश्यक के सामने \(1.25 \;cm\) की दूरी पर रखा जाता है, तब अन्तिम प्रतिबिम्ब अनन्त पर बनता है। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन शक्ति होनी चाहिए 2014 कठिन
- 230. क्राउन काँच \(\left(\mu=\frac{3}{2}\right)\) से बने एक पतले उत्तल लेन्स की फोकस लम्बाई \(f\) है। जब इसे अपवर्तनांक \(\frac{4}{3}\) एवं \(\frac{5}{3}\) वाले दो भिन्न द्रवों में रखकर मापा जाता है, तब फोकस लम्बाइयाँ क्रमश: \(f_{1}\) एवं \(f_{2}\) हैं। फोकस लम्बाइयों के बीच सही सम्बन्ध है : 2014 मध्यम
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