enEnglishhiहिन्दी
JEE Mains · Physics · STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
- JEE Mains 2019
- कठिन
- MCQ
मूलबिन्दु पर एक प्रकाशीय तरंग के संगत चुम्बकीय क्षेत्र निम्न है : \(B = B _{0}\left[\sin \left(3.14 \times 10^{7}\right) ct +\sin \left(6.28 \times 10^{7}\right) ct \right]\). यदि यह प्रकाश एक चाँदी की प्लेट, जिसका कार्य फलन \(4.7\, eV\) है, पर पड़ता है तो इससे उत्सर्जित फोटोइलैक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा \(......\,eV\) होगी ? (दिया है : \(c =3 \times 10^{8} \,ms ^{-1}, h =6.6 \times 10^{-34}\, J - s\) )
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(D) \(7.72\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\mathrm{KE}_{\max } =\mathrm{hv}_{\max }-\phi\)
\( = \frac{{(6.6 \times {{10}^{ - 34}})(6.28 \times {{10}^7})(3 \times {{10}^8})}}{{1.6 \times {{10}^{ - 19}} \times 2 \times 3.14}} - 4.7\)
\(=12.37-4.7=7.67 \mathrm{eV}\)
Physics के और प्रश्न
- एक ही पदार्थ के एकसमान लंबाई परंतु भिन्न त्रिज्या \(r\) तथा \(2 r\) के दो तारों को जोड़कर, \(2 L\) लम्बाई का एक तार बनाया जाता है। यह इस प्रकार कम्पित होता है कि दोनों तारों का जोड़ एक निस्पंद बने। यदि तार \(A\) में प्रस्पंदों की संख्या \(p\) है और \(B\) में \(q\) है, तब अनुपात \(p : q\) है।
JEE Mains 2019 कठिन - हाइड्रोजन परमाणु के द्वितीय उत्तेजित स्तर में घूमने वाले इलेक्ट्रॉन की डि-ब्राग्ली तरंगदैर्ध्य \(\left(\lambda_{B}\right)\) का सम्बन्ध मूल स्तर के इलेक्ट्रॉन की डि-ब्राग्ली तरंगदैर्ध्य \(\left(\lambda_{ G }\right)\) हैJEE Mains 2018 मध्यम
- नीचे दो कथन दिये है कथन \(I :\) हाइड्रोजन परमाणु में जब इलेक्ट्रॉन निम्न ऊर्जा स्तर \(\left( E _1\right)\) से उच्च ऊर्जा स्तर \(\left( E _2\right)\) में जाता है तब उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति \(hf = E _1- E _2\) होती है । कथन\(-II:\) जब इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर \(\left( E _2\right)\) से निम्न ऊर्जा स्तर \(\left( E _1\right)\) में जाता है तब उत्सर्जित विकिरण की आवृति \(f =\left( E _2- E _1\right) / h\) होती है। यह बोहर की आवृत्ति की शर्त है। उपरोक्त कथनों के आधार पर सही विकल्प चुनियेJEE Mains 2022 मध्यम
- एकल टेलीग्राफ रेखा की लम्बाई \(100\,km\) है तथा इसकी धारिता \(0.01\,\mu\,F / km\) है तथा इसमें एक प्रत्यावर्ती धारा \(0.5\) किलो चक्र प्रति सेकेण्ड प्रवाहित होती है। यदि न्यूनतम प्रतिबाधा आवश्यक हो तो श्रेणीक्रम में प्रविप्ट कराने के लिये आवश्यक प्रेरकत्व का मान \(mH\) में ज्ञात कीजिये।\((\pi=\sqrt{10})\)JEE Mains 2022 मध्यम
- एक समतल को पोंछे से साफ करने की एक मशीन द्वारा \(R\) त्रिज्या के पोंछे को कुल ऊर्ध्वाधर बल \(F\) से दबाकर उसे उसकी अक्ष के परितः एक नियत कोणीय गति से घुमाया जाता है। यदि बल \(F\) पोंछे पर एकसमान वितरित है तथा पोंछे और समतल के बीच घर्षणांक \(\mu\) है तो मशीन द्वारा पोंछे पर लगाया बल आघूर्ण होगा।JEE Mains 2019 कठिन
- प्रत्येक 10 cm त्रिज्या वाली दो वृत्ताकार डिस्क, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, 30 cm लंबाई और 600 gm द्रव्यमान की एक छड़ द्वारा उनके केंद्रों पर जुड़ी हुई हैं।
यदि प्रत्येक डिस्क का द्रव्यमान 600 gm है और दो डिस्क के बीच लगाया गया बलाघूर्ण \(43 \times 10^{5}\) dyne cm है, तो दी गई अक्ष \(AB\) के परितः डिस्क का कोणीय त्वरण ___________\(rad/s^{2}\) है।
JEE Mains 2026 कठिन
JEE Mains के और PYQ
- नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा, 30 और 170 के बीच द्रव्यमान संख्या वाले नाभिकों के लिए, परमाणु क्रमांक A से लगभग स्वतंत्र पाई जाती है।
कारण (R) : नाभिकीय बल दीर्घ परास का होता है।
उपरोक्त कथनों के प्रकाश में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:JEE Mains 2025 आसान - एक \(5 \;kg\) का द्रव्यमान एक स्प्रिंग से जुडा है। चित्र में सरल आवर्त गति करते निकाय की स्थितिज ऊर्जा वक्र दिखाया गया है। \(4\) मीटर लम्बाई के सरल लोलक तथा स्प्रिंग निकाय के आवर्त काल समान हैं। जिस ग्रह पर यह प्रयोग किया जाता है, वहाँ गुरूत्वीय त्वरण का मान क्या है ?
JEE Mains 2021 कठिन - दो बहुपरमाण्विक आदर्श गैसों, जिनके ताप \(T _{1}\) और \(T _{2}\) हैं, को इस प्रकार मिलाया गया है, जिससे किसी प्रकार की ऊर्जा का ह्यस नहीं हुआ है। यदि \(F _{1}\) और \(F _{2}, m _{1}\) और \(m _{2}, n _{1}\) और \(n _{2}\) क्रमशः प्रथम और द्वितीय गैस के लिए, स्वातंत्य कोटिओं, द्रव्यमानों और अणुओं की संख्या है, तो इन दोनों गैसों के मिश्रण का ताप होगा।JEE Mains 2021 कठिन