STD 11 - गुरुत्वाकर्षण के सभी प्रश्न
नए पहले169 में से 151–169 प्रश्न
- 151. प्रत्येक द्रव्यमान \(3 \times 10^{31} \,kg\) वाले दो तारों के मध्य दूरी \(2 \times 10^{11}\, m\) है। ये उभयनिष्ठ द्रव्यमान केन्द्र \(O\) के सापेक्ष एक तल में घूर्णन करते हैं। एक उल्का पिण्ड तारे के घूर्णन तल के लम्बवत् गतिशील होकर \(O\) से गुजरता है। इस द्वितारे के गुरूत्वाकर्षण क्षेत्र से पलायन के लिये \(O\) पर उल्कापिण्ड की न्यूनतम चाल क्या होनी चाहिये ? (गुरूत्वाकर्षण नियतांक \(G =6.67 \times 10^{-11}\, Nm ^{2} kg ^{-2}\) ) 2019 मध्यम
- 152. पृथ्वी की सतह पर गुरूत्वीय व्तरण का मान \(9.8 \,ms ^{-2}\) है। पृथ्वी की सतह से वह ऊँचाई, जहाँ गुरूत्वीय त्वरण घटकर \(4.9 \,ms ^{-2}\) हो जाती है, होगी : (पृथ्वी की त्रिज्या \(\left.=6.4 \times 10^{6} \,m \right)\) 2019 मध्यम
- 153. पृथ्वी की सतह से \(h\) ऊँचाई पर एक उपग्रह एक वृत्तीय कक्षा में इस प्रकार घूम रहा है कि \(h << R\) जहाँ \(R\) पृथ्वी की त्रिज्या है। माना कि पृथ्वी के वायुमण्डल का प्रभाव नगण्य है। कक्षीय चाल में कितनी न्यूनतम वृद्धि होनी चाहिए जिससे कि उपग्रह पृथ्वी के गुरूत्वीय क्षेत्र से पलायन कर सके। 2019 मध्यम
- 154. यदि सूर्य के परित: वृतीय कक्ष में घूमते हुए द्रव्यमान \(m\) के एक ग्रह का, सूर्य के केंद्र के सापेक्ष, कोणीय संवेग \(L\) है, तो इसकी क्षेत्रीय गति होगी : 2019 आसान
- 155. द्रव्यमान \(m\) का एक पिण्ड द्रव्यमान \(M\) के एक ग्रह के परितः \(R\) त्रिज्या के वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है। किसी क्षण पिण्ड दो बराबर हिस्सों में टूट जाता है। पहला हिस्सा \(\frac{R}{2}\) की वृत्ताकार कक्षा में घूमता है तथाा दूसरा हिस्सा \(\frac{3 R}{2}\) की कक्षा में घूमता है। प्रारम्भिक एवं अन्तिम कुल ऊर्जा में अन्तर का मान होगा 2018 कठिन
- 156. माना कि चंद्रमा एवं सूर्य की पृथ्वी से औसत दूरी क्रमश: \(0.4 \times 10^{6}\, km\) तथा \(150 \times 10^{6}\, km\) है। उनके द्रव्यमान क्रमश: \(8 \times 10^{22}\, kg\) एवं \(2 \times 10^{30}\, kg\) हैं। पृथ्वी की त्रिज्या \(6400\, km\) है। चंद्रमा द्वारा पृथ्वी के सबसे पास एवं सबसे दूर के बिंदुओं पर लगने वाले बलों का अंतर \(\Delta F_{1}\) तथा सूर्य द्वारा पृथ्वी के सबसे पास एवं सबसे दूर के बिंदुओं पर लगने वाले बलों का अंतर \(\Delta F_{2}\) है। \(\frac{\Delta F_{1}}{\Delta F_{2}}\) का निकटतम मान होगा 2018 कठिन
- 157. माना कि पृथ्वी के घूर्णन का कोणीय वेग बढ़ा दिया जाता है। तब परिणामस्वरूप 2018 मध्यम
- 158. पृथ्वी के परितः घूमने वाले एक सेटेलाइट के आवर्तकाल में आपेक्षिक अनिश्चितता \(10^{-2}\) है। यदि कक्षा की त्रिज्या में आपेक्षिक अनिश्चितता नगण्य हो तो पृथ्वी के द्रव्यमान में आपेक्षिक अनिश्चितता होगी 2018 मध्यम
- 159. यदि पृथ्वी की घूर्णन गति शून्य है तो एक व्यक्ति का भूमध्यरेखा पर भार \(W\) है। पृथ्वी की अपनी अक्ष के परितः घूर्णन की वह गति ज्ञात कीजिये जिस पर उस व्यक्ति का भूमध्यरेखा पर भार \(\frac{3}{4}\; W\) होगा। पृथ्वी की त्रिज्या \(6400 \;km\) और \(g =10 \;m / s ^{2}\) है। 2017 मध्यम
- 160. एक ग्रह सूर्य \(S\) के चारों ओर एक दीर्घवृत्तीय कक्ष \(abcd\) में इस तरह से चक्कर लगाता है कि \(csa\) त्रिभुज का क्षेत्रफल दीर्घवृत्त के क्षेत्रफल का एक-चौथाई है (यहाँ पर \(ac\) लघु-अक्ष एवं \(bd\) दीर्घ-अक्ष है)। यदि ग्रह \(abc\) तथा \(cda\) कक्षीय पथों के लिए क्रमश: \(t_{1}\) तथा \(t_{2}\) का समय लेता है, तब
2016 कठिन - 161. पृथ्वी की सतह से \(' h '\) दूरी पर स्थित एक उपग्रह पर एक \('m'\) द्रव्यमान का अंतरिक्ष-यात्री काम कर रहा है। पृथ्वी का द्रव्यमान \('M'\) तथा त्रिज्या \('R'\) है। तब उस यात्री पर लग रहा गुरुत्वीय बल \(F_{G}\) है 2016 मध्यम
- 162. एक बहुत लम्बी गैलेक्सी (मंदाकिनी) (लम्बाई \(L\)) एकसमान वितरित द्रव्य की बनी है, इसकी त्रिज्या \(R ( R << L )\) है। इस गैलेक्सी के बाहर एक तारा, गैलेक्सी की परिक्रमा कर रहा है। इसकी परिक्रमा का समतल गैलेक्सी के समतल के लम्बवत् है तथा इसके केन्द्र से होकर गुज़रता है। यदि, तारे की गैलेक्सी की अक्ष से दूरी \(r\) है और तारे का आवर्त काल \(T\) है तो : 2015 मध्यम
- 163. एक ठोस गोले का द्रव्यमान \(M\) तथा त्रिज्या \(R\) है। इससे \(\frac{R}{2}\) त्रिज्या का एक गोलीय भाग, आरेख में दर्शाये गये अनुसार काट लिया जाता है। \(r=\infty\) (अनन्त) पर गुरुत्वीय विभव के मान \(V\) को शून्य \((V=0)\) मानते हुए, इस प्रकार बने कोटर ( कैविटी) के केन्द्र पर, गुरुत्वीय विभव का मान होगा \((G =\) गुरुत्वीय स्थिराँक हैं)
2015 कठिन - 164. भारत का मंगलयान मंगल ग्रह के लिये सूर्य के चारों ओर स्थानान्तरण कक्ष \(EOM\) में प्रक्षेपित किया गया। इसने पृथ्वी को \(E\) पर छोड़ा और मंगल ग्रह से यह \(M\) पर मिलता है। यदि पृथ्वी की अर्द्ध-दीर्घ अक्ष \(a _{ e }=1.5 \times 10^{11} m\) है और मंगल ग्रह की अर्द्ध-दीर्घ अक्ष \(a _{ m }=2.28 \times 10^{11} m\) है, तब केपलर के नियम के अनुसार पृथ्वी से मंगलग्रह तक मंगलयान के पहुँचने का समय लगभग होगा :
2014 कठिन - 165. द्रव्यमान \(m _{1}\) एवं \(m _{2}\) के दो परिकल्पित उपग्रह विश्राम अवस्था में हैं जब वे एक दूसरे से अनन्त दूरी पर हैं। गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उनके केन्द्रों को मिलाने वाली रेखा पर एक दूसरे की ओर गति करना प्रारम्भ करते हैं। जब उनके बीच दूरी \('d '\) है, तब उनकी चाल क्या है ? \(\left( m _{1}\right.\) की चाल \(v_{1}\) एवं \(m _{2}\) की चाल \(v_{2}\) है )
2014 कठिन - 166. द्रव्यमान \(M\) के चार कण जो कि एक दूसरे से समान दूरी पर हैं, एक दूसरे के अन्योन्य गुरुत्वाकर्षण प्रभाव में त्रिज्या \(R\) के एक वृत्त पर गतिशील हैं। प्रत्येक कण की चाल है : 2014 कठिन
- 167. एक क्षेत्र में गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इस प्रकार दिया जाता हैं \(\overrightarrow{ g }=5 \;N / kg \hat{i}+12\; N / kg \hat{j}\) द्रव्यमान \(2 \;kg\) के एक कण को मूल बिन्दु से बिन्दु \((7\; m ,-3\; m )\) ले जाने में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन हैं : 2014 मध्यम
- 168. त्रिज्या \(R\) एवं द्रव्यमान \(M\) के एक गोले से, त्रिज्या \(R / 2\) का एक छोटा गोला इस प्रकार निकाल लिया जाता है कि मूल गोले में बनी गुहा इसके केन्द्र एवं परिधि के बीच है (चित्र देखें)। चित्र के विन्यास के अनुसार जब मूल गोले के केन्द्र और हटाये गये गोले के केन्द्र के बीच दूरी \(3 R\) है, तब दोनो गोलों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल है
2014 कठिन - 169. किसी ग्रह जिसका द्रव्यमान \(M\) तथा क्रिज्या \(R\) है से \(2 R\) ऊँचाई पर वृतीय कक्ष में एक उपग्रह जिसका द्रव्यमान \(m\) है को प्रमोंचन के लिये छोड़ने के लिये आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा कितनी होगी ? 2013 मध्यम
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