enEnglishhiहिन्दी
JEE Mains · Physics · STD 12 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
- JEE Mains 2014
- कठिन
- MCQ
विश्राम अवस्था के एक इलेक्ट्रान से तरंगदैर्घ्य \(\lambda\) का एक फोटान प्रकीर्णित होता है। तरंगदैर्घ्य स्थानान्तर \(\Delta \lambda\) तरंगदैर्घ्य \(\lambda\) का तीन गुना है और प्रकीर्णन कोण \(\theta=60^{\circ}\) है। इलेक्ट्रान \(\phi\) कोण पर प्रतिक्षिप्त होता है। \(\tan \phi\) का मान है : (इलेक्ट्रान की चाल प्रकाश की चाल से काफी कम है)
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(0.25\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\Delta P{\text{ }} = (P\,\,\cos \,\,60\hat i + P\sin \,\,60\hat j) - 4P\hat i\)
\( = - \frac{{7P}}{2}\hat i + \frac{{\sqrt 3 P}}{2}\hat j \Rightarrow \) \(\tan \phi = \frac{{\sqrt 3 }}{7},\,\,\tan \phi = 0.25\)
Physics के और प्रश्न
- \(0.04\,m ^{2}\) अनुप्रस्थकाट क्षेत्रफल के मैग्नीशियम के किसी अरैखिक तार से \(5\, A\) की धारा प्रवाहित हो रही है। तार के प्रत्येक बिन्दु पर धारा घनत्व की दिशा अनुप्रस्थकाट क्षेत्रफल के एकांक सदिश के साथ \(60^{\circ}\) का कोण बनाती है। इस चालक के प्रत्येक बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र का परिमाण ....\({V} / {m}\) होगा। (मैग्नीशियम की प्रतिरोधकता \(\rho=44 \times 10^{-8}\, \Omega m\) )JEE Mains 2021 कठिन
- आवेश-घनत्व \(\rho(r)\) के किसी गोलीय-आवेश-वितरण, के अन्दर \(N\) समविभव-पृष्ठ, जिनकी विभव है \(V _{0}, V _{0}+\Delta V , V _{0}+2 \Delta V , \ldots \ldots V _{0}+ N \Delta V\) \((\Delta V >0)\), आरेखित किये गये हैं और उनकी त्रिज्याऐं क्रमश: \(r_{0}, r_{1}, r_{2}, \ldots \ldots \ldots . . r_{N}\) हैं। यदि त्रिज्याओं का अन्तराल, सभी \(V _{0}\) तथा \(\Delta V\) के मानों के लिये, स्थिर है तबJEE Mains 2016 कठिन
- एक गोलीय सममिति में वितरित आवेश के परिवर्तनशील आवेश घनत्व को निम्न समीकरण द्वारा निरूपित किया गया है। \(\rho(r)=\left\{\begin{array}{ll}\rho_0\left(\frac{3}{4}-\frac{r}{R}\right) & \text { for } r \leq R \\ \text { Zero } & \text { for } r>R\end{array}\right.\) जहाँ, \(r ( r < R )\) केन्द्र \(O\) से दूरी है, (चित्र में दर्शाये अनुसार) \(P\) बिन्दू पर विद्युत क्षेत्र का मान होगा :
JEE Mains 2022 कठिन - \(283 \;V\) महत्तम विभव तथा \(320 \;s ^{-1}\) कोणीय आवृत्ति वाले एक ज्यावक्रीय विभव को एक श्रेणी \(LCR\) परिपथ में लगाया गया है। दिया है \(R =5 \Omega, L =25 \;mH\) और \(C =1000 \mu F\) । परिपथ की कुल प्रतिबाधा तथा स्रोत विभव एवं धारा के बीच कलांतर क्रमशः होगाJEE Mains 2017 कठिन
- \(x, y\) के फलन के रूप में विद्युत विभव \(V = 5(x^2 - y^2)\) V द्वारा दिया गया है। बिंदु \((2, 3)\) m पर विद्युत क्षेत्र __________ V/m है।JEE Mains 2026 मध्यम
- \(R _1\) प्रतिरोध वाले एक तार को खींचकर इसकी लम्बाई में, इसकी वास्तविक लम्बाई के दो गुना के बराबर वृद्धि की जाती है। नए प्रतिरोध का वास्तविक प्रतिरोध से अनुपात है:JEE Mains 2022 आसान
JEE Mains के और PYQ
- अनुनाद नली विधि द्वारा वायु में ध्वनि की चाल \((v)\) ज्ञात करने के लिये एक प्रयोग में \(480\, Hz\) आवृति के स्वरित्र का उपयोग करते हैं। वायु स्तम्भ की दो उत्तरोत्तर लम्बाइयों, \(l_{1}=30\, cm\) तथा \(l_{2}=70\, cm\) के लिये अनुनाद प्राप्त होते हैं। तब \(v\) का मान \(......\,ms^{-1}\) है।JEE Mains 2019 कठिन
- सूची - I का सूची - II से मिलान करें।
सूची - I सूची - II (A) यंग मापांक (I) \(M L^{-1} T^{-1}\) (B) बल आघूर्ण (टॉर्क) (II) \(M L^{-1} T^{-2}\) (C) श्यानता गुणांक (III) \(M^{-1} L^3 T^{-2}\) (D) गुरुत्वाकर्षण नियतांक (IV) \(M L^2 T^{-2}\)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :JEE Mains 2025 मध्यम - \(2.0 \mathrm{~cm}\) भुजा वाला एक वर्गीकार घेरा, किसी प्रति सेंटीमीटर \(50\) फेरों वाली लम्बी परिनालिका में रखा है, जिसमें \(2.5 \mathrm{~A}\) आयाम वाली एक ज्यावक्रीय धारा \(700 \mathrm{rad} \mathrm{s}^{-1}\) की कोणीय आवृत्ति के साथ प्रवाहित हो रही है। घेरे एवं परिनलिका के केन्द्रीय अक्ष उभयनिष्ठ हैं। घेरे में प्रेरित हुए विधुतवाहक का बल का आयाम \(\mathrm{x} \times 10^{-4} \mathrm{y}\) है। \(\mathrm{x}\) का मान है।______________(यदि, \(\pi=\frac{22}{7}\) )JEE Mains 2023 कठिन
- किसी आयताकार चालक की भुजा \(PQ x =0\) से \(x =\) \(2 b\) तक बाहर की ओर फिर \(x =2 b\) से \(x =0\) भीतर की ओर आरेख में दर्शाए अनुसार गतिमान है। \(x =0\) से \(x\) \(= b\) तक तल के लम्बवत कोई एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र कार्यरत है। उस ग्राफ को पहचानिए जो दूरी के साथ विभिन्न राशियों के विचरण को दर्शाता है।
JEE Mains 2021 कठिन