STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी के सभी प्रश्न
नए पहले169 में से 151–169 प्रश्न
- 151. एक प्रेक्षक प्रकाश गति की आधी गति से \(10 \,GHz\) आवृत्ति के एक स्थिर सूक्ष्म तरंग स्रोत की तरफ जा रहा है। प्रेक्षक द्वारा मापी गयी सूक्ष्म तरंग की आवृत्ति का मान \(...... \,GHz\) होगा: (प्रकाश की चाल \(\left.=3 \times 10^{8}\, ms ^{-1}\right)\) 2017 मध्यम
- 152. \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य के कलासम्बद्ध व एकवर्णीय प्रकाश से एक \(b\) चौड़ाई की झिरी को प्रदीप्त करते हैं। यदि \(1 \;m\) दूरी पर रखे पर्दे पर बने विवर्तन प्रारूप में द्वितीय एवं चतुर्थ निम्निष्ठ की केन्द्रीय उच्चिष्ठ से दूरी क्रमश: \(3 \;cm\) और \(6 \;cm\) है तो केन्द्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई क्या होगी? (केन्द्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई उसके दोनों तरफ के प्रथम निम्निष्ठ के बीच की दूरी है।) 2017 कठिन
- 153. यंग के एक द्विझिरी प्रयोग में, झिरियों के बीच की दूरी \(0.5\, mm\) एवं पर्दे की झिरी से दूरी \(150\, cm\) है। एक प्रकाश पुंज, जिसमें \(650 \,nm\) और \(520\, nm\) की दो तरंगदैर्ध्य हैं, को पर्दे पर व्यतीकरण फ्रिन्ज बनाने में उपयोग करते हैं। उभयनिष्ठ केन्द्रीय उच्चिष्ठ से वह बिन्दु, जहाँ दोनों तरंगदैर्ध्यो की दीप्त फ्रिन्जें सम्पाती होती है, की न्यूनतम दूरी ...... \(mm\) होगी: 2017 मध्यम
- 154. दो तारे पृथ्वी से \(10\) प्रकाश-वर्ष की दूरी पर हैं। उनको एक टेलिस्कोप द्वारा देखा जाता है, जिसका अभिदृश्यक \(30\; cm\) व्यास का है। प्रकाश की तरंगदैर्घ्य \(600\; nm\) है। \((1\) प्रकाश-वर्ष \(=9.46 \times 10^{15} \;m)\) है। टेलिस्कोप अगर उन तारों को लगभग विभेदित देख पा रहा है, तब उनके बीच की दूरी का order है 2016 मध्यम
- 155. एक पिन-होल कैमरा की लम्बाई \('L'\) है तथा छिद्र की त्रिज्या \(a\) है। उस पर \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य का समांतर प्रकाश आपतित है। छिद्र के सामने वाली सतह पर बने स्पॉट का विस्तार छिद्र के ज्यामितीय आकार तथा विवर्तन के कारण हुए विस्तार का कुल योग है। इस स्पॉट का न्यूनतम आकार \(b_{min}\) तब होगा जब: 2016 कठिन
- 156. यंग के द्वि-झिरी प्रयोग में, जिसमें पर्दे एवं झिरी के बीच की दूरी \(1.0 \;m\) तथा \(600\; nm\) तरंगदैर्ध्य के एकवर्णीय प्रकाश का उपयोग किया गया है। झिरियों के समीप खड़ा हुआ एक व्यक्ति व्यतिकरण पैटर्न को देख रहा है। दोनों झिरियों के बीच की दूरी को परिवर्तित करने पर एक विशेष दूरी \(d_{0}\) पर व्यतिकरण पैटर्न लुप्त हो जाता है। यदि व्यक्ति की आँख का कोणीय वियोजन \(\frac{1^{o}}{60}\) हो, तो \(d_{0}\) का मान लगभग होगा 2016 मध्यम
- 157. \(I _{0}\) तीव्रता का अध्रुवित प्रकाश, काँच के ब्लॉक (गुटके) की सतह (पृष्ठ) पर, ब्रूस्टर कोण पर, आपतित होता है। इस स्थिति के लिये निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही (सत्य) है ? 2015 मध्यम
- 158. \(x\)-दिशा में गति करता हुआ एक समान्तर इलेक्ट्रॉन पुंज \(d\) चौड़ाई की झिरी पर आपतित होता है (आरेख देखिये)। यदि इस झिरी से निकलने के पश्चात् इलेक्ट्रॉन, \(y\)-दिशा में, \(p _{y}\) संवेग प्राप्त कर लेते हैं तो, स्लिट से गुजरने वाले अधिकांश इलेक्ट्रॉनों के लिये (यदि \(h\) प्लांक नियतांक है) :
2015 मध्यम - 159. यदि मानव नेत्र की पुतली की त्रिज्या \(0.25 \,cm\), और स्पष्ट दुष्टी की न्यूनतम दूरी \(25 \,cm\) हो तो, \(500\, nm\) तरंगदैर्ध्य के प्रकाश में, दो वस्तुओं के बीच .........\(\mu m\) न्यूनतम दूरी तक मानव नेत्र उन दोनों के बीच विभेदन कर सकेगा ? 2015 मध्यम
- 160. यंग के किसी द्वि-झिरी प्रयोग में, प्रयुक्त प्रकाश की तरंगदैर्घ्य \(\lambda\), झिरियों (स्लिटों) के बीच की दूरी \(d\), तथा पर्दे की झिशियों से दूरी \(D\) है। जहाँ, \(D >> d >>\lambda\) । यदि, फ्रिंज चौड़ाई \(\beta\) है तो, अधिकतम तीव्रता के बिन्दु से, दोनों ओर के उन बिन्दुओं की दूरी, जहाँ तीव्रता, अधिकतम से आधी हो जाती है, होगी : 2015 कठिन
- 161. ध्रुवण के अन्योन्य लम्बवत् तलों वाले समतल ध्रुवीय प्रकाश की दो पुंज \(A\) एवं \(B\) एक पोलरायड़ द्वारा देखी जाती है। उस स्थिति से जब पुंज \(A\) की अधिकतम तीव्रता है (और पुंज \(B\) की शून्य तीव्रता है ) पोलरायड का \(30^{\circ}\) से घूर्णन दोनों पुंजों को एकसमान \(I_{A}\) एवं \(I_{B}\) हैं, तब \(\frac{I_{A}}{I_{B}}\) का मान है: 2014 मध्यम
- 162. एक स्रोत \(' S '\) से निकल रही दो किरणों के अध्यारोपण से \(' P '\) पर एक व्यतिकरण चित्र पाया जाता है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। \(' l '\) का वह मान, जिसके लिए \(' P '\) पर प्राप्त चित्र में महत्तम तीव्रता है, है : ( \(R\) एक पूर्णतया परावर्ती पृष्ठ है )
2014 कठिन - 163. एक सघन से विरल माध्यम में प्रकाश की किरण आपतित हैं। पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के लिये क्रान्तिक कोण \(\theta_{ iC }\) है और आपतन का ब्रूस्टर कोण \(\theta_{ iB }\) इस प्रकार हैं कि \(\sin \theta_{ iC } / \sin \theta_{ iB }=\eta=1.28\) । दोनों माध्यमों का आपेक्षिक अपवर्तनाँक हैं : 2014 मध्यम
- 164. एकल स्लिट विवर्तन चित्र के प्रयोग में, लाल प्रकाश का प्रथम न्यूनतम एक दूसरी तरंगदैर्ध्य के प्रथम महत्तम संपाती है। यदि लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य \(6600\; \mathring A\) है, तब प्रथम महत्तम के संगत तरंगदैर्ध्य \(\dots \mathring A\) होगी 2014 मध्यम
- 165. सूची\(-I\) ( घटना) को सूची\(-II\) (उस घटना के होने में लगे समय अन्तराल की कोटि) से सुमेलित कीजिऐ और सूचियों के बाद दिये गये विकल्पों में से सही विकल्प चुनिये।
2014 मध्यमसूची- \(I\) सूची- \(II\) \((a)\) पृथ्वी का घूर्णन काल \((i)\) \(10^5 \; s\) \((b)\) पृथ्वी का परिक्रमण काल \((ii)\) \(10^7 \; s\) \((c)\) एक प्रकाश तरंग का काल \((iii)\) \(10^{-15} \; s\) \((d)\) एक ध्वनि तरंग का काल \((iv)\) \(10{^-3} \; s\) - 166. तीव्रता \(16\) एवं \(9\) इकाई वाली दो एकवर्णी प्रकाश पुंजों के बीच व्यतिकरण हो रहा है। परिणामी चित्र के उजले और काले हिस्सों की तीव्रताओं का अनुपात होगा 2014 कठिन
- 167. तरंगदैर्घ्य \(\lambda\) के एकवर्णी प्रकाश के प्रयोग से एक वैज्ञानिक यंग के द्विछिद्र प्रयोग को दर्शाये गये तीन प्रकार से व्यवस्थित करती है। यदि वह पाती है कि \(y=\beta^{\prime}\), तब प्रयोग किये गये प्रकाश की तरंगदैर्घ्य है :
2014 कठिन - 168. यंग के द्विछिद्र प्रयोग में, दो सर्वसमरूपी स्लिटों के बीच दूरी स्लिट चौड़ाई की \(6.1\) गुना हैं। तब एकल स्लिट विवर्तन चित्र के केन्द्रीय महत्तम के अन्दर व्यतिकरण चित्र की अधिकतम तीव्रताओं की संख्या हैं : 2014 मध्यम
- 169. दो कला संबद्ध बिन्दु स्रोत \(S _{1}\) तथा \(S _{2}\) एक दूसरे से अल्प दूरी \('d'\) पर चित्रानुसार रखे हैं। पर्दे पर प्राप्त फ़िंजे होगी
2013 आसान
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