JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2015
- कठिन
- MCQ
यंग के किसी द्वि-झिरी प्रयोग में, प्रयुक्त प्रकाश की तरंगदैर्घ्य \(\lambda\), झिरियों (स्लिटों) के बीच की दूरी \(d\), तथा पर्दे की झिशियों से दूरी \(D\) है। जहाँ, \(D >> d >>\lambda\) । यदि, फ्रिंज चौड़ाई \(\beta\) है तो, अधिकतम तीव्रता के बिन्दु से, दोनों ओर के उन बिन्दुओं की दूरी, जहाँ तीव्रता, अधिकतम से आधी हो जाती है, होगी :
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(C) \(\frac{\beta }{4}\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(2 I_{0}=4 I_{0} \cos ^{2}\left(\frac{\Delta \phi}{2}\right) \quad\) here, \(\Delta \phi=\frac{\pi}{2}\)
But, \(\Delta \phi=\frac{2 \pi}{\lambda} \Delta x\)
so, \(\Delta x=\frac{\lambda}{4}\)
\(\frac{d y}{D}=\frac{\lambda}{4}\) ..... \((i)\)
\({\frac{{\lambda D}}{d} = \beta }\) ..... \((ii)\)
Multiplying equation \((i)\) and \((ii)\) we get,
\(y=\frac{\beta}{4}\)
Physics के और प्रश्न
- फोटो विद्युत प्रभाव के प्रेक्षण के सन्द्रर्भ में, नीचे दिए गए कथनों में से सही कथन चुनिए : \(A.\) फोटो इलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेग का वर्ग, आपतित प्रकाश की आवृत्ति के साथ सरल रेखीय रूप से परिवर्तित होता है। \(B.\) यदि प्रकाश स्त्रोत, धात्विक तल से दूर जाता है तो संतृप्त धारा का मान बढ़ता है। \(C.\) प्रकाश के एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) स्त्रोत की शक्ति के घटने पर, फोटो इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का मान घटता है। \(D.\) धात्विक तल से फोटो-इलेक्ट्रानों के तात्क्षणिक उत्सर्जन की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंग के कणीय व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। \(E.\) देहली तरंगदैर्ध्य के अस्तित्व की व्याख्या, प्रकाश या विद्युतचुम्बकीय तरंगों के तरंग व्यवहार के द्वारा नहीं की जा सकती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:JEE Mains 2022 कठिन
- दो पतले उत्तल लेंस जिनकी फोकस दूरियाँ 30 cm और 10 cm हैं, एक-दूसरे से 10 cm की दूरी पर समाक्षीय रूप से रखे गए हैं। इस संयोजन का पावर कितना है?JEE Mains 2025 मध्यम
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JEE Mains 2019 कठिन - दो प्रकाश पुंज जिनकी तीव्रता का अनुपात \(9: 4\) है, व्यतिकरित होती है। अधिकतम तथा न्यूनतम तीव्रता का अनुपात होगा-JEE Mains 2022 मध्यम
- एक \(2 I _0\) तीव्रता का अध्रुवित प्रकाश किरण पुंज एक पोलेरॉइड \(P\) से गुजरता है फिर दूसरे पोलेरॉइड \(Q\) से गुजरता है, जो कि कुछ इस तरह व्यवस्थित है कि \(Q\) का पारित अक्ष, \(P\) के पारित अक्ष से \(30^{\circ}\) का कोण बना रहा है। निर्गत प्रकाश की तीव्रता है :JEE Mains 2022 मध्यम
- \(1\, MeV\) गतिज ऊर्जा वाला एक प्रोटॉन दक्षिण से उत्तर की ओर चल रहा है। पश्चिम से पूर्व की ओर दिशा के एक चुम्बकीय क्षेत्र से इस पर \(10^{12}\, m / s ^{2}\) का त्वरण पैदा होता है। चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण ......\(mT\) होगा। (प्रोटॉन का विराम द्रव्यमान \(\left.=1.6 \times 10^{-27} \,kg \right)\)JEE Mains 2020 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- एक लेम्प सभी दिशाओं में एकसमान रूप से एकवर्णी हरा प्रकाश उत्सर्जित कर रहा है। लेम्प की विद्युत शक्ति को विद्युत चुम्बकीय तरंगों में परिवर्तन करने की दक्षता \(3 \%\) है और \(100\; W\) शक्ति की खपत करता है। लेम्प से \(5\; m\) दूरी पर विद्युत चुम्बकीय विकिरण से सम्बद्धित विद्युत क्षेत्र का आयाम लगभग .......\(V/m\) होगाJEE Mains 2014 कठिन
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- चित्र में दर्शाये अनुसार, \(20\,\Omega\) प्रतिरोध एवं \(300\,cm\) लम्बाई वाले विभवमापी के तार को एक प्रतिरोध बॉक्स \((R.B.)\) एवं \(4\,V\,emf\) (विद्युत वाहक बल) वाले एक मानक सैल के साथ जोड़ा जाता है। परिपथ में, प्रतिरोध बॉक्स के प्रतिरोध ' \(R\) ' के लिए \(20\,mV\) वाले सैल के लिए शून्य विक्षेप बिन्दु \(60\,cm\) पर मिलता है। ' \(R\) ' का मान \(..............\Omega\).
JEE Mains 2022 मध्यम - चित्र में दिखाये गये परिपथ में कुल आवेश का मान \(750\, \mu C\) है और संधारित्र \(C _{2}\) पर वोल्टता \(20 \,V\) हैं। इस स्थिति में संधारित्र (capacitor) \(C _{2}\) पर आवेश है: (\(\mu C\) में)
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