STD 12 - चुंबकत्व एवं द्रव्य के सभी प्रश्न
नए पहले68 में से 51–68 प्रश्न
- 51. दो स्थानों पर नमन कोणों का मान क्रमशः \(45^{\circ}\) तथा \(30^{\circ}\) है। इन स्थानों पर एक चुम्बकीय सुई एक मिनट में क्रमशः \(30\) तथा \(40\) दोलन करती है। यदि, इन दो स्थानों पर पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता क्रमशः \(B_{1}\) तथा \(B_{2}\) हैं तो, अनुपात \(B_{1} / B_{2}\) का निकटतम मान होगा। 2019 मध्यम
- 52. एक अनुचुम्बकीय पदार्थ में \(10^{28}\) परमाणु प्रति घन मीटर विद्यमान है। तापमान \(350 \,K\) पर इसकी चुम्बकीय प्रवृत्ति \(2.8 \times 10^{-4}\) हो तो \(300 \,K\) पर इसका मान होगा । 2019 मध्यम
- 53. एक छड़ चुम्बक को \(0.2\, m\) लम्बी तथा \(100\) फेरों वाली एक परिनालिका के अंदर रखकर विचुम्बकीय करते हैं। परिनालिका में \(5.2 \,A\) धारा प्रवाहित हो रही है। छड़ चुम्बक की निग्राहिता \(.....\,A/m \) है : 2019 मध्यम
- 54. एक स्थायी चुम्बकीय पदार्थ से बनी एक छिद्र युक्त चकती (हूप) तथा ठोस बेलन के द्रव्यमान तथा त्रिज्या समान है तथा इनके चुम्बकीय आघूर्ण उनके संगत अक्षों के समान्तर है। परन्तु हूप का चुम्बकीय आघूर्ण ठोस बेलन के चुम्बकीय आघूर्ण से दुगुना है। ये समरूप चुम्बकीय क्षेत्र में इस प्रकार रखे जाते हैं कि उनका चुम्बकीय आघूर्ण क्षेत्र के साथ अल्प कोण बनाता है। यदि हूप तथा बेलन के दोलनकाल क्रमशः \(T _{ h }\) तथा \(T _{ c }\) है तो। 2019 मध्यम
- 55. पृथ्वी पर किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक \(18 \times 10^{-6} \,T\) है। इस स्थान पर लम्बाई \(0.12 \,m\) तथा ध्रुव सामर्थ्य \(1.8\, Am\) वाली चुम्बकीय सुई को इसके मध्य बिन्दु से धागे की सहायता से लटकाया गया है। यह साम्यावस्था में क्षैतिज के साथ \(45^{\circ}\) कोण बनाती है। इस सुई को क्षैतिज रखने के लिए इसके किसी एक सिरे पर आरोपित ऊर्ध्वाधर बल का मान होना चाहिये। 2019 मध्यम
- 56. एक लौह चुम्बक के \(B - H\) वक्र को चित्र में दर्शाया गया है। उस लौह चुम्बक को एक \(1000\) फेरे\(/cm\) वाली लम्बी परिनालिका के अन्दर रखा गया है। लौह चुम्बक को पूरी तरह से विचुम्बकित करने के लिए परिनालिका में कितनी विघुत धारा प्रवाहित करनी होगी ?
2018 मध्यम - 57. एक चुम्बकीय आघूर्ण \(6.7 \times 10^{-2}\, Am ^{2}\) एवं जड़त्व आघूर्ण \(7.5\) \(\times 10^{-6} \,kg\, m ^{2}\) वाली चुम्बकीय सुई, एक \(0.01\, T\) तीव्रता के चुम्बकीय क्षेत्र में सरल आवर्त दोलन कर रही है। \(10\) पूरे दोलन का समय .....\(s\) होगा: 2017 मध्यम
- 58. एक चुम्बकीय क्षेत्र में रखे हुए चुम्बकीय द्विध्रुव की 2017 मध्यम
- 59. दो चुम्बकीय पदार्थ \(A\) तथा \(B\) के लिये हिस्टेरंसिस-लूप नीचे दिखाये गये हैं: इन पदार्थो का चुम्बकीय उपयोग विध्यूत-जेनेरेटर के चुम्बक, ट्रान्सफॉर्मर की क्रोड एवं विध्यूत-चुम्बक की क्रोड आदि बनाने में किया जाता है। तब यह उचित है कि:
2016 आसान - 60. एक लड़ाकू जहाज की लम्बाई \(20\; m\), पंखों के सिरों के बीच दूरी \(15 \;m\) तथा ऊँचाई \(5 \;m\) है, और यह दिल्ली के ऊपर पूर्व-दिशा में \(240\; ms ^{-1}\) गति से उड़ रहा है। दिल्ली के ऊपर पृथ्वी का चुम्बकीय-क्षेत्र \(5 \times 10^{-5} \;T\) है, डिक्लिनेशन कोण \(\sim 0^{\circ}\) है, तथा डिप कोण \(\theta\) के लिये \(\sin \theta=\frac{2}{3}\) है। यदि प्रेरित-विभव हैं : \(V_{B}\) जहाज के ऊपर व नीचे के बीच ; \(V_{W}\) पंखों के सिरों के बीच। तब 2016 कठिन
- 61. किसी छोटे से दंड चुम्बक को पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के चुम्बकीय याम्योत्तर में इस प्रकार रखा गया है कि उसका उत्तर ध्रुव, उत्तर की ओर है। इसके कारण चुम्बक के मध्यबिन्दु से पूर्व-पश्चिम दिशा में खींची गई सरल रेखा पर, उदासीन बिन्दु प्राप्त होते हैं, जिनकी चुम्बक से दूरी \(30\; cm\) है। तो, चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण \(\left( Am ^{2}\right.\) में होगा लगभग : (दिया है, \(\frac{\mu_{0}}{4 \pi}=10^{-7} SI\) मात्रक में तथा \(B _{ H }=\) पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक \(=3.6 \times 10^{-5}\;Tesla\).) 2015 मध्यम
- 62. किसी परिनालिका की लम्बाई \(25 \; cm\) तथा त्रिज्या \(2 \; cm\) है और इसमें तार के कुल 500 फेरे लपेटे गये हैं। इससे \(15 \; A\) की धारा प्रवाहित हो रही है। यह परिनालिका, इसी साइज तथा चुम्बकन \(\overrightarrow{ M }\) (चुम्बकीय आघूर्ण/आयतन ), के तुल्य है तो , \(|\overrightarrow{ M }|\) है : 2015 मध्यम
- 63. अक्षीय स्थिति में लम्बाई \(d\) के दो तनु चुम्बकीय द्विध्रुवों के मध्य बिन्दुओं को \(x\) दूरी पर रखा गया है \((x > > d )\) दोनों के बीच बल \(x^{- n }\) के समानुपाती है, जहाँ \(n\) है :
2014 कठिन - 64. अतिचालक आदर्श अनुचुम्बक का एक उदाहरण है। इसका अर्थ है कि जब तीव्रता \(B\) के एक चुम्बकीय क्षेत्र में अतिचालक को रखा जाता हैं, तब अतिचालक के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र \(B _{ S }\) इस प्रकार होगा : 2014 मध्यम
- 65. भूमध्य रेखा पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का मान लगभग \(4 \times 10^{-5}\; T\) है। पृथ्वी की त्रिज्या \(6.4 \times 10^{6}\; m\) है। तब पृथ्वी का द्विध्रुव आघूर्ण लगभग इस कोटि का होगा : 2014 मध्यम
- 66. एक छोटे चुम्बक की निग्राहिता, जहाँ लोहचुम्बक अचुम्बकीय हो जाता है, \(3 \times 10^{3} \, A m ^{-1}\) है। चक्रों की संख्या \(100\) एवं लम्बाई \(10 \, cm\) की एक परिनालिका से प्रवाहित आवश्यक धारा का मान, जिससे कि चुम्बक परिनालिका के अन्दर होने पर अचुम्बकीय हो जाये, है : 2014 मध्यम
- 67. तीन सर्वसमरूपी छड़े \(A , B\) एवं \(C\) तीन विभिन्न चुम्बकीय पदार्थों से बनी हैं। जब इन्हें एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तब इन पर क्षेत्र रेखाएँ निम्न प्रकार से दिखती हैं इन छड़ों के पदार्थों को प्रतिचुम्बकीय \((D)\), लोह चुम्बकीय \((F)\) एवं अनुचुम्बकीय \(( P )\) आधार पर संगत करें
2014 मध्यम - 68. \(1\) सेमी लंबाई के दो छोटे दंड चुम्बक जिनके चुंबकीय आघूर्ण क्रमशः \(1.20\, Am ^{2}\) तथा \(1.00\, Am ^{2}\) हैं, की एक क्षैतिज टेबल पर एक-दूसरे के समानांतर इस प्रकार रखा जाता है कि उनके उत्तरी ध्रुव दक्षिण दिशा की ओर हो तथा इनके मध्य दूरी \(20\) सेमी है, तथा इनकी चुंबकीय विषुवत् रेखा उभयनिष्ठ हैं। इनके केन्द्रो को मिलाने वाली रेखा के मध्यबिन्दु \(O\) पर परिणामी क्षैतिज चुंबकीय प्रेरण का मान होगा, (पृथ्वी के चुंबकीय प्रेरण का क्षैतिज घटक \(3.6 \times 10^{-5}\) वेबर/मी \(^{2}\) हैं।) 2013 कठिन
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