JEE Mains · Physics · STD 11 - 6.कणो के निकाय तथा घूर्णी गति
- JEE Mains 2026
- कठिन
- MCQ
द्रव्यमान M और लंबाई L की एक पतली एकसमान छड़ \(( X )\) चित्र में दिखाए अनुसार \(\left(\frac{ L }{3}\right)\) की ऊँचाई पर कीलित है। छड़ को ऊर्ध्वाधर स्थिति से गिरने और मेज पर क्षैतिज रूप से लेटने दिया जाता है। मेज की सतह से टकराते समय इस छड़ का कोणीय वेग _________ है। (g = गुरुत्वीय त्वरण)

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उत्तर और हल
सही उत्तर
(D) \(\sqrt{\frac{3g}{L}}\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
स्पष्टीकरण:
मेज की सतह से टकराते समय छड़ का सही कोणीय वेग ज्ञात करने के लिए, यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम का चरण-दर-चरण अनुप्रयोग निम्नलिखित है:
1. द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass) की स्थिति निर्धारित करना:
\( L \) लंबाई की एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र उसके ज्यामितीय केंद्र पर स्थित होता है, जो किसी भी सिरे से \( \frac{L}{2} \) की दूरी पर होता है।
चित्र के अनुसार, कीलक (pivot) निचले सिरे से \( \frac{L}{3} \) की दूरी पर है। इसलिए, कीलक और द्रव्यमान केंद्र के बीच की दूरी (\( d \)) होगी:
\( d = \frac{L}{2} - \frac{L}{3} = \frac{L}{6} \)
2. कीलक के परितः जड़त्व आघूर्ण (\( I \)) की गणना:
समांतर अक्ष प्रमेयानुसार (\( I = I_{\text{cm}} + Md^2 \)):
\( I = \frac{1}{12}ML^2 + M\left(\frac{L}{6}\right)^2 \)
\( I = \frac{1}{12}ML^2 + \frac{1}{36}ML^2 = \frac{3 + 1}{36}ML^2 = \frac{4}{36}ML^2 = \frac{1}{9}ML^2 \)
3. स्थितिज ऊर्जा में हानि (\( \Delta \text{PE} \)) की गणना:
- प्रारंभ में ऊर्ध्वाधर स्थिति में, द्रव्यमान केंद्र कीलक बिंदु (मेज के स्तर) से ठीक \( \frac{L}{6} \) की ऊँचाई पर ऊपर होता है।
- अंतिम क्षैतिज स्थिति में, पूरी छड़ मेज पर सपाट लेट जाती है, जिसका अर्थ है कि इसका द्रव्यमान केंद्र कीलक के वास्तविक स्तर पर आ जाता है।
अतः, द्रव्यमान केंद्र का कुल ऊर्ध्वाधर विस्थापन \( \Delta h = \frac{L}{6} \) है, जिससे स्थितिज ऊर्जा में हानि होगी:
\( \Delta \text{PE} = Mg\Delta h = Mg\left(\frac{L}{6}\right) \)
4. ऊर्जा संरक्षण का नियम लागू करना:
स्थितिज ऊर्जा में होने वाली यह हानि पूरी तरह से घूर्णन गतिज ऊर्जा (\( \frac{1}{2}I\omega^2 \)) में परिवर्तित हो जाती है:
\( \frac{1}{2}I\omega^2 = \Delta \text{PE} \)
\( \frac{1}{2}\left(\frac{1}{9}ML^2\right)\omega^2 = Mg\left(\frac{L}{6}\right) \)
\( \frac{1}{18}ML^2\omega^2 = \frac{1}{6}MgL \)
समीकरण को सरल करके \( \omega \) का मान निकालने पर:
\( \omega^2 = \frac{18}{6}\frac{g}{L} = \frac{3g}{L} \)
\( \omega = \sqrt{\frac{3g}{L}} \)
इस प्रकार, गणितीय गणना से स्पष्ट है कि दी गई उत्तर कुंजी पूरी तरह से सही है।
अतः, विकल्प D सही उत्तर है।
मेज की सतह से टकराते समय छड़ का सही कोणीय वेग ज्ञात करने के लिए, यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम का चरण-दर-चरण अनुप्रयोग निम्नलिखित है:
1. द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass) की स्थिति निर्धारित करना:
\( L \) लंबाई की एकसमान छड़ का द्रव्यमान केंद्र उसके ज्यामितीय केंद्र पर स्थित होता है, जो किसी भी सिरे से \( \frac{L}{2} \) की दूरी पर होता है।
चित्र के अनुसार, कीलक (pivot) निचले सिरे से \( \frac{L}{3} \) की दूरी पर है। इसलिए, कीलक और द्रव्यमान केंद्र के बीच की दूरी (\( d \)) होगी:
\( d = \frac{L}{2} - \frac{L}{3} = \frac{L}{6} \)
2. कीलक के परितः जड़त्व आघूर्ण (\( I \)) की गणना:
समांतर अक्ष प्रमेयानुसार (\( I = I_{\text{cm}} + Md^2 \)):
\( I = \frac{1}{12}ML^2 + M\left(\frac{L}{6}\right)^2 \)
\( I = \frac{1}{12}ML^2 + \frac{1}{36}ML^2 = \frac{3 + 1}{36}ML^2 = \frac{4}{36}ML^2 = \frac{1}{9}ML^2 \)
3. स्थितिज ऊर्जा में हानि (\( \Delta \text{PE} \)) की गणना:
- प्रारंभ में ऊर्ध्वाधर स्थिति में, द्रव्यमान केंद्र कीलक बिंदु (मेज के स्तर) से ठीक \( \frac{L}{6} \) की ऊँचाई पर ऊपर होता है।
- अंतिम क्षैतिज स्थिति में, पूरी छड़ मेज पर सपाट लेट जाती है, जिसका अर्थ है कि इसका द्रव्यमान केंद्र कीलक के वास्तविक स्तर पर आ जाता है।
अतः, द्रव्यमान केंद्र का कुल ऊर्ध्वाधर विस्थापन \( \Delta h = \frac{L}{6} \) है, जिससे स्थितिज ऊर्जा में हानि होगी:
\( \Delta \text{PE} = Mg\Delta h = Mg\left(\frac{L}{6}\right) \)
4. ऊर्जा संरक्षण का नियम लागू करना:
स्थितिज ऊर्जा में होने वाली यह हानि पूरी तरह से घूर्णन गतिज ऊर्जा (\( \frac{1}{2}I\omega^2 \)) में परिवर्तित हो जाती है:
\( \frac{1}{2}I\omega^2 = \Delta \text{PE} \)
\( \frac{1}{2}\left(\frac{1}{9}ML^2\right)\omega^2 = Mg\left(\frac{L}{6}\right) \)
\( \frac{1}{18}ML^2\omega^2 = \frac{1}{6}MgL \)
समीकरण को सरल करके \( \omega \) का मान निकालने पर:
\( \omega^2 = \frac{18}{6}\frac{g}{L} = \frac{3g}{L} \)
\( \omega = \sqrt{\frac{3g}{L}} \)
इस प्रकार, गणितीय गणना से स्पष्ट है कि दी गई उत्तर कुंजी पूरी तरह से सही है।
अतः, विकल्प D सही उत्तर है।
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