JEE Mains · Physics · STD 12 - गतिमान आवेश और चुंबकत्व
- JEE Mains 2023
- मध्यम
- संख्यात्मक
\(40 \mathrm{~g}\) द्रव्यमान तथा \(50 \mathrm{~cm}\) लम्बाई का एक सीधा तार \(\mathrm{AB}\) को लचीले तार द्वारा \(0.40 \mathrm{~T}\) परिमाण के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में प्रदर्शित चित्र अनुसार लटकाया गया है। आधार से लगी लीडों का तनाव खत्म करने के लिए तार में आवश्यक धारा का परिमाण_____________\(\mathrm{A}\) होगा (दिया है \(\mathrm{g}=10 \mathrm{~ms}^{-2}\) ).

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उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(2\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
For equilibrium
\(Mg = I \ell B\)
\(I =\frac{ mg }{\ell B }=\frac{40 \times 10^{-3} \times 10}{50 \times 10^{-2} \times 0.4}=2\,A\)
Physics के और प्रश्न
- चित्र में प्रदर्शित संधारित्र में स्थायी अवस्था में संचित आवेश का मान \(\ldots \ldots \times 10^{-6} C\) होगा।
JEE Mains 2022 कठिन - \(2 \mathrm{~kg}\) द्रव्यमान का एक पिंड \(\overrightarrow{\mathrm{F}}=\left(6 \mathrm{t} \hat{\mathrm{i}}+6 \mathrm{t}^2 \hat{\mathrm{j}}\right) \mathrm{N}\) द्वारा दिए गए समय-निर्भर बल के प्रभाव में गति करना प्रारंभ करता है। समय \(t\) पर बल द्वारा विकसित शक्ति _______ द्वारा दी जाती है।JEE Mains 2024 कठिन
- धारिता \(12\, pF\) वाले एक समान्तर पट्ट संधारित्र को इसकी प्लेटों के मध्य \(10\, V\) विभवान्तर उत्पन्न करने के लिए एक बैटरी द्वारा आवेशित किया जाता है। अब आवेशन बैटरी को हटा दिया जाता है तथा प्लेटों के मध्य \(6.5\) परावैधुतांक वाली पोर्सिलेन पट्टिका लगाई जाती है तो पट्टिका पर संधारित्र द्वारा किया गया कार्य ......\(pJ\) है।JEE Mains 2019 कठिन
- किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ के कुछ नाभिकों का रेडियोएक्टिव क्षय हो रहा है। उन क्षणों के बीच का समय अन्तराल, जिनमें \(1 / 4\) (चौथाई) नाभिकों का क्षय हो गया है और \(1 / 2\) (आध) नाभिकों का क्षय हो गया है, होगा। (यहाँ \(\lambda\) क्षयांक है।)JEE Mains 2021 कठिन
- किसी वृत्ताकार कुण्डली के अक्ष पर इसके केन्द्र से \(0.05\, m\) और \(0.2 \,m\) की दूरी पर स्थित दो बिन्दुओं पर चुम्बकीय क्षेत्रों का अनुपात \(8: 1\) है। इस कुण्डली की त्रिज्या \(.....\,m\) है।JEE Mains 2021 कठिन
- एक कण सरल आवर्त गति करता है और समय \(t _{ o ^{\prime}} 2 t _{ o }\) तथा \(3 t _{ o }\) पर उसकी स्थिति क्रमश: \(x= a , b\) तथा \(C\) है। उसके दोलन की आवृत्ति होगीJEE Mains 2018 कठिन
JEE Mains के और PYQ
- कोई वस्तु ' \(o\) ' किसी अवतल दर्पण के समक्ष चित्र में दिखाए अनुसार रखी है, जिसके वक्र की त्रिज्या \(200\,cm\) है। वस्तु, दर्पण की तरफ \(2\,cm / s\) की चाल से चलना शुरू करती है। \(10\,s\) बाद, प्रतिबिम्ब की स्थिति दर्पण से \(.......\,cm\) दूर होगी।
JEE Mains 2022 कठिन - एक स्क्रूगेज में वृत्ताकार पैमाने पर \(100\) भाग हैं तथा वृत्ताकार पैमाने के एक पूर्ण घूर्णन पर मुख्य पैमाना \(0.5 \mathrm{~mm}\) खिसक जाता है। जब दोनों जबड़े एक दूसरे के संपर्क में आते है, तो वृत्ताकार पैमाने का शून्य अंशाकन रेखा के नीचे \(6\) भाग पर आ जाता है। जबड़ो के मध्य एक तार को रखने पर रेखिक पैमाने के \(4\) भाग स्पष्ट रूप से दिखाई देते है जबकि वृत्ताकार पैमाने का \(46\) वाँ भाग, संदर्भ रेखा के संपाती होता है। तार का व्यास \(..........\times 10^{-2}\,mm\) है।JEE Mains 2023 कठिन
- \(100 \,cm\) ऊँचाई का कोई लघु बिम्ब \(40 \,cm\) निरपेक्ष फोकस दूरी \(|f|\) वाले किसी गोलीय दर्पण के सामने उसकी केन्द्रीय अक्ष पर स्थित है। इस दर्पण द्वारा बने बिम्ब के प्रतिबिम्ब की ऊँचाई \(25\, cm\) है तथा उसका अभिविन्यास बिम्ब के अभिविन्यास के समान है। इस सूचना के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि :JEE Mains 2021 कठिन
- एक त्रिज्या \(R\) तथा द्रव्यमान \(M\) की एकसमान डिस्क केवल अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के लिये स्वतंत्र है। चित्रानुसार इस डिस्क की परिधि पर एक डोरी लपेटकर, डोरी के स्वतंत्र सिरे से एक द्रव्यमान \(m\) को बाँधा गया है। यदि द्रव्यमान को स्थिरावस्था से छोड़ा जाता है तो उसका त्वरण होगा
JEE Mains 2017 कठिन - एक सरल आवर्त दोलक का आवर्तकाल \(T =2 \pi \sqrt{\frac{ k }{ m }}\) है। वस्तु के द्रव्यमान (m) का मापा गया मान 10 g है जिसमें 10 mg की यथार्थता है, और स्प्रिंग के 50 दोलनों के लिए समय 2 s विभेदन वाली घड़ी का उपयोग करके 60 s पाया गया। स्प्रिंग नियतांक (\(k\)) के निर्धारण में प्रतिशत त्रुटि ___________ % है।JEE Mains 2026 मध्यम