JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2020
- मध्यम
- MCQ
यंग के द्विझिरी प्रयोग में दो झिरियों के बीच की दूरी \(0.15 \,mm\) है। यदि इसमें \(589\, nm\) तरंगदैर्ध्य का प्रकाश प्रयोग में लाया जाये और बनने वाले व्यतिकरण पैटर्न को \(1.5\) मीटर दूर रखे एक पर्दे पर देखा जाये तो पर्दे पर दो उत्तरोत्तर फ्रिंजों के बीच की दूरी .....\(mm\) होगी।
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(5.9\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
Finge width, \(\beta=\frac{\mathrm{D} \lambda}{\mathrm{d}}=\frac{1.5 \times 589 \times 10^{-9}}{0.15 \times 10^{-3}}\)
\(=5.9 \times 10^{-3} \mathrm{m}\)
\(=5.9 \mathrm{mm}\)
Physics के और प्रश्न
- एक कण चाल \(v= b \sqrt{ x }\) से धनात्मक \(x\)-अक्ष की दिशा में चल रहा है। समय \(t =\tau\) पर कण की चाल होगी। (माना कि \(t =0\) पर कण मूल बिन्दु पर है।)JEE Mains 2019 कठिन
- एक गोलाकार पिंड जिसकी त्रिज्या \(r\) और घनत्व \(\sigma\) है, एक श्यान द्रव से होकर स्वतंत्र रूप से गिरता है जिसका घनत्व \(\rho\) और श्यानता \(\eta\) है और सीमांत वेग \(v _0\) प्राप्त करता है। राशि \(\eta\) में अनुमानित अधिकतम त्रुटि है: ( \(\sigma, \rho\) और g (गुरुत्वीय त्वरण) से संबंधित त्रुटियों को अनदेखा करें)JEE Mains 2026 कठिन
-

दिए गए \(\mathrm{P}-\mathrm{V}\) आरेख का उपयोग करके, पथ ABCD के अनुदिश एक आदर्श गैस द्वारा किया गया कार्य है :JEE Mains 2025 आसान - दर्शाये गए संयोजन की तुल्य धारिता है:
JEE Mains 2023 मध्यम - दो ग्रहों ' \(\mathrm{A}\) ' और ' \(\mathrm{B}\) ' की त्रिज्याएँ ' \(\mathrm{R}\) ' एवं ' \(4 \mathrm{R}\) ' है, एवं उनके घनत्व क्रमशः \(\rho\) एवं \(\rho / 3\) हैं। उनके धरातलों पर गुरूत्वीय त्वरणों का अनुपात \(\left(\mathrm{g}_{\mathrm{A}}: \mathrm{g}_{\mathrm{B}}\right)\) होगा:JEE Mains 2023 मध्यम
- एक माध्यम को, एक विशेष तंरगदैर्घ्य के लिये सापेक्ष विधुतशीलता \(3\) है और सापेक्ष चुंबकशीलता \(\frac{4}{3}\) है। इस तरंगदैर्घ्य के लिये माध्यम के क्रांतिक कोण का मान है।JEE Mains 2020 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- एक ऊष्मागतिकी निकाय को उसकी वास्तविक अवस्था \(D\) से माध्यमिक अवस्था \(E\) तक चित्र में दर्शाये अनुसार रेखीय प्रक्रम से ले जाया जाता है। फिर इसका आयतन इसके वास्तविक आयतन को \(E\) से \(F\) तक समदाबीय प्रक्रम के दौरान घटाया जाता है। गैस द्वारा \(D\) से \(E\) से \(F\) तक किया गया कुल कार्य \(...........J\) होगा :
JEE Mains 2022 मध्यम - दिये गये ग्राफ में एक पतले लेंस के आवर्धन \(m\) को प्रतिबिम्ब की दूरी \(V\) के साथ दर्शाया गया है। इस लेंस की फोकस दूरी क्या होगी?
JEE Mains 2019 मध्यम - एक कुण्डली समय परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र में रखी है। यदि कुण्डली में फेरों की संख्या को आधी तथा तार की त्रिज्या को दुगुनी किया जाता है, तो कुण्डली में प्रेरित धारा के कारण विद्युत शक्ति हास हो जाऐगा (माना कुण्डली को लघुपथित किया जाता है।)JEE Mains 2022 मध्यम
- जब एक प्रेरक पर \(100 \mathrm{~V}\) की दिष्ट वोल्टता लगाई जाती है, तो \(5 \mathrm{~A}\) की दिष्ट धारा \(1\) से प्रवाहित होती है। जब एक प्रेरक से \(200 \mathrm{~V}\) शिखर मान की प्रत्यावर्ती वोल्टता जोड़ी जाती है, तो उसका प्रेरक प्रतिघात \(20 \sqrt{3} \Omega\) पाया जाता है। परिपथ में व्यय हुई शक्ति _______ \(W\) है।JEE Mains 2024 कठिन
- \(\frac{10}{\sqrt{\pi}} \mathrm{cm}\) त्रिज्या के वृत्ताकार चालक लूप को \(0.5 \mathrm{~T}\) के एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में इसके लम्बवत् रखा है। चुम्बकीय क्षेत्र एक स्थिर दर से \(0.5 \mathrm{~s}\) में घटकर शून्य हो जाता है। वृत्ताकार लूप में \(0.25 \mathrm{~s}\) पर प्रेरित विद्युत वाहक बल \((\mathrm{emf})\) है:JEE Mains 2023 मध्यम
- माना पृथ्वी एक समान घनत्व वाला एक ठोस गोला है, एवं उसके व्यास के अनुदिश पृथ्वी के आर-पार एक सुरंग खोदी जाती है। यह पाया जाता है कि जब कोई कण इस सुरंग में छोड़ा जाता है तो वह सरल आवर्त गति करता है। यदि कण का द्रव्यमान \(100 \mathrm{~g}\) है तो कण की गति का आवर्तकाल लगभग होगा (यदि \(\mathrm{g}=10 \mathrm{~ms}^{-2}\), पृथ्वी की त्रिज्या \(=6400 \mathrm{~km}\) )JEE Mains 2023 मध्यम