JEE Mains · Physics · STD 11 - मात्रक, विमाएँ और मापन
- JEE Mains 2016
- मध्यम
- MCQ
एक छात्र एक सरल-आवर्त-दोलक के \(100\) आवृत्तियों का समय \(4\) बार मापता है और उनको \(90\, s , 91\, s , 95 \,s\) और \(92 \,s\) पाता है। इस्तेमाल की गई घड़ी का न्यूनतम अल्पांश \(1\, s\) है। मापे गये माध्य समय को उसे लिखना चाहिये:
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(A) \(92\pm 2\;s\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\Delta T = \frac{{\left[ {\Delta {T_1}| + |\Delta {T_2}| + |\Delta {T_3}| + |\Delta {T_4}} \right]}}{4}\)
\( = \frac{{2 + 1 + 3 + 0}}{4} = 1.5\)
As the resolutions of measuring clock is \(1.5\) therefore the mean time should be \(92\) pm \(1.5\)
but Least count is \(1\; sec\)
\( = \frac{{2 + 1 + 3 + 0}}{4} = 1.5\)
As the resolutions of measuring clock is \(1.5\) therefore the mean time should be \(92\) pm \(1.5\)
but Least count is \(1\; sec\)
then answer should be \(92\, \pm \,2\;\;sec\)
Physics के और प्रश्न
- द्रव्यमान \(192 \,g\) वाली अज्ञात धातु को \(100^{\circ} C\) तापमान तक गर्म कर \(8.4^{\circ} C\) तापमान वाले \(240 \,g\) जल से भरे हुए \(128 \,gm\) द्रव्यमान के पीतल के केलोरीमीटर में डुबोया जाता है। यदि जल का तापमान \(21.5^{\circ} C\) पर स्थिर हो जाता है तो अज्ञात धातु की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात \(.....\,J kg ^{-1} K ^{-1}\) कीजिये। (पीतल की विशिष्ट ऊष्मा \(394 \,J kg ^{-1} K ^{-1}\) होती है)JEE Mains 2019 मध्यम
- एक शुद्ध प्रेरकीय परिपथ में धारा की समीकरण \(5 \sin \left(49 \pi t -30^{\circ}\right)\) है। यदि प्रेरकत्व \(30\,mH\) है, तो प्रेरक के सिरों पर वोल्टता की समीकरण होगा: (दिया है \(\pi=\frac{22}{7}\))JEE Mains 2022 मध्यम
- निम्नलिखित नाभिकीय अभिक्रियाओं के लिए बंधन ऊर्जा MeV में व्यक्त की गई हैं।
\({ }_2 He ^3+{ }_0 n ^1 \rightarrow{ }_2 He ^4+20 MeV\)
\({ }_2 He ^4+{ }_0 n ^1 \rightarrow{ }_2 He ^5-0.9 MeV\)
यदि \(X _3, X _4, X _5\) क्रमशः \({ }_2 He ^3,{ }_2 He ^4\) और \({ }_2 He ^5\) के स्थायित्व को दर्शाते हैं, तो सही क्रम है:JEE Mains 2026 मध्यम - \(50\,W ,100\,V\) वाला एक लैम्प, \(\frac{50}{\pi \sqrt{ x }} \mu F\) धारिता वाले संधारित्र के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ा है, यह संयोजन \(200\,V , 50\,Hz\) के प्रत्यावर्ती धारा \((AC)\) स्रोत से जोड़ा है। \(x\) का मान \(..........\) होगा।JEE Mains 2022 कठिन
- ऊपर दिये गये परिपथ में प्रत्येक प्रतिरोध में धारा का मान होगा:
JEE Mains 2017 आसान - \(m\) द्रव्यमान का एक छोटा कण इस तरह से गति करता है कि इसकी स्थितिज ऊर्जा \(\mathrm{U}=\frac{1}{2} \mathrm{~m} \omega^2 \mathrm{r}^2\) है, जहाँ \(\omega\) नियतांक है तथा मूल बिन्दु से कण की दूरी \(\mathrm{r}\) है। संवेग का बोहर क्वाण्टमीकरण एवं कक्षा वृत्ताकार मानकर, \(n\) वीं कक्षा की त्रिज्या निम्न में से किसके अनुक्रमानुपाती होगी ?JEE Mains 2023 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- गैस के एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा होती है:JEE Mains 2023 आसान
- किसी स्थिर ड्रॉपर से, रेत \(0.5\,kgs ^{-1}\) की दर से, \(5\,ms ^{-1}\) के वेग से घूमती हुई एक कनवेयर बैल्ट पर गिर रही है। बैल्ट को समान वेग से घूमते हुए रखने के लिए आवश्यक शक्ति का मान \(..............\,W\) होगा:JEE Mains 2022 मध्यम
- धारिता \(C\) तथा \(2 C\) के दो संधारित्रों को क्रमशः \(V\) तथा \(2 V\) विभवान्तर तक आवेशित किया जाता है। तत्पश्चात इन दोनों को इस तरह समांतर क्रम में जोड़ते हैं कि एक का धनात्मक सिरा दूसरे के ऋणात्मक सिरे से जुड़ जाता है। इस विन्यास की अंतिम ऊर्जा होगी। (\(CV^2\) में)JEE Mains 2020 कठिन
- चित्र में द्वि-उत्तल लेंस के उपयोग से वास्तविक बिम्ब के निर्माण को दर्शाया गया है। यदि बिम्ब तथा पर्दे की स्थितियों को परिवर्तित किये किये बिना सम्पूर्ण व्यवस्था को जल में डुबा दिया जाये तो पर्दे पर क्या दिखाई देगा ?
JEE Mains 2019 मध्यम - एक इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(\mathrm{x}\)-अक्ष के अनुदिश गति कर रहा है। यदि गतिमान आवेश पर ऋणात्मक \(\mathrm{z}\)-अक्ष के समान्तर एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र आरोपित किया जाता हैं, तब \(A\). इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(y\)-अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा। \(B\). इलैक्ट्रॉन ॠणात्मक \(\mathrm{y}\)-अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा। \(C\). इलैक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र में किसी बल का अनुभव नही करेगा। \(D\). इलैक्ट्रॉन धनात्मक \(\mathrm{x}\)-अक्ष के अनुदिश लगातार गति करेगा। \(E\). इलैक्ट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र में वृत्ताकार पथ के अनुदिश गति करेगा। नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए:JEE Mains 2023 मध्यम
- \(0.1 \mu m\) व्यास से किसी सुईछित्र द्वारा प्राप्त उस विवर्तन पैटर्न पर विचार कीजिए जो सूर्य के प्रकाश के आपतित होने पर बनता है। यदि इस सुईछित्र के व्यास में थोड़ी वद्धि कर दें तो यह विवर्तन स्वरूप को इस प्रकार प्रभावित करेगा कि विवर्तन स्वरूप के।JEE Mains 2021 कठिन