JEE Mains · Physics · STD 11 - पृष्ठ तनाव
- JEE Mains 2024
- कठिन
- संख्यात्मक
एक साबुन के बुलबुले को \(7 \mathrm{~cm}\) व्यास तक फुलाया जाता है। इसे और फुलाने में \(36960 \mathrm{erg}\) कार्य किया जाता है। यदि साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव \(40 \mathrm{dyne} / \mathrm{cm}\) है, तो नई त्रिज्या ______ \(\mathrm{cm}\) होगी। \(\left(\pi=\frac{22}{7}\right)\) लीजिए।
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(7\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\omega=\Delta \mathrm{U}=\mathrm{S} \Delta \mathrm{A}\)
\(36960\) \(\mathrm{erg}=\frac{40 \text { dyne }}{\mathrm{cm}} 8 \pi\left[(\mathrm{r})^2-\left(\frac{7}{2}\right)^2\right] \mathrm{cm}^2\)
\(\mathrm{r}=7 \mathrm{~cm}\)
Physics के और प्रश्न
- एक त्रिज्या \(R\) तथा द्रव्यमान \(M\) की एकसमान डिस्क केवल अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के लिये स्वतंत्र है। चित्रानुसार इस डिस्क की परिधि पर एक डोरी लपेटकर, डोरी के स्वतंत्र सिरे से एक द्रव्यमान \(m\) को बाँधा गया है। यदि द्रव्यमान को स्थिरावस्था से छोड़ा जाता है तो उसका त्वरण होगा
JEE Mains 2017 कठिन - सूची \(-I\) व सूची \(-II\) का मिलान कीजिये।
निम्न में से सही विकल्प चुनियेList \(I\) List \(II\) \(A\) सूक्ष्मतरंगे \(I\) नाभिक का रेडियोसक्रिय विघटन \(B\) गामा किरणें \(II\) एरियल में इलेक्ट्रॉन का तेज त्वरण व मंदन \(C\) रेडियो तरंगें \(III\) आंतरिक कोश इलेक्ट्रॉन \(D\) \(X\)-किरण \(IV\) क्लाइस्ट्रॉन मान JEE Mains 2023 मध्यम - किसी स्थिर जल में, एक तैराक की चाल \(4 \mathrm{~km} \mathrm{~h}^{-1}\) है। यदि यह तैराक, \(1 \mathrm{~km}\) चौडी नदी में, नदी के बहाव के लम्बवत तैरता है, तो यह दूसरी तरफ पहुँचने तक, बहाव के साथ \(750 \mathrm{~m}\) दूर बिन्दू पर पहुँचता है। नदी के जल की चाल__________ \(\mathrm{km} \mathrm{h}^{-1}\) है।JEE Mains 2023 मध्यम
- माध्य प्रतिरोध (तापमान औसत) \(20\, \Omega\) की एक विधुत केतली में \(20^{\circ} C\) के \(1\, kg\) पानी को उबालते हैं। विधुत आपूर्ति की \(rms\) वोल्टता \(200 \,V\) है। केतली से ऊष्मा हानि को नगण्य मानते हुए, पानी को पूर्णतया वाष्पित होने में लगभग समय \(......\,\)मिनिट लगेगा। [पानी की विशिष्ट ऊष्मा \(=4200 \,J / kg ^{\circ} C\) ), पानी की गुप्त ऊष्मा \(=2260\, kJ / kg ]\)JEE Mains 2019 कठिन
- जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, एक तार, जिसमें विधुत धारा \(I\) बह रही है, से \(ABCDEFA\) आकृति बनायी गयी है। इसमें \(ABCDA\) तथा \(ADEFA\) दो आयत है जो एक दूसरे पर लम्बवत है। यदि इन आयतों का आकार \(a \times b\) हो तो आकृति \(ABCDEFA\) के चुम्बकीय आघूर्ण का परिमाण व दिशा होगी।
JEE Mains 2020 कठिन - त्रिज्या \(R\) एवं द्रव्यमान \(m\) के एक एक समान खोखले बेलन के चारों तरफ एक द्रव्यमानविहीन डोरी से एक द्रव्यमान \('m'\) अवलंबित हैं। यदि डोरी बेलन पर फिसलती नहीं है, तब छोड़े जाने पर द्रव्यमान किस त्वरण से गिरेगा?
JEE Mains 2014 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- यदि चुम्बकीय क्षेत्र \('B '\) के प्रभाव में, समतल में गति करते हुए, \(' m ' \)द्रव्यमान तथा \(' q '\) आवेश के कण पर, बोर मॉडल लागू किया (प्रयोग में लाया) जाय तो, आवेशित कण की \(n\) वीं स्तर में ऊर्जा होगी :JEE Mains 2015 कठिन
- एक ठोस गोले का द्रव्यमान \(M\) तथा त्रिज्या \(R\) है। इससे \(\frac{R}{2}\) त्रिज्या का एक गोलीय भाग, आरेख में दर्शाये गये अनुसार काट लिया जाता है। \(r=\infty\) (अनन्त) पर गुरुत्वीय विभव के मान \(V\) को शून्य \((V=0)\) मानते हुए, इस प्रकार बने कोटर ( कैविटी) के केन्द्र पर, गुरुत्वीय विभव का मान होगा \((G =\) गुरुत्वीय स्थिराँक हैं)
JEE Mains 2015 कठिन - एक परिनालिका की फेरों की संख्या और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल निश्चित है। इसकी लम्बाई को फेरों की बीच की दूरी को समायोजित करके बद्ला जा सकता है इसका स्प्रेरकत्व समानुपाती होगा।JEE Mains 2019 कठिन
- \(100 \Omega\) वाले प्रतिरोध, \(1 \mathrm{H}\) प्रेरकत्व वाले प्रेरक एवं \(6.25 \mu \mathrm{F}\) धारिता वाले संधारित्र का श्रेणीबद्ध संयोजन किसी प्रत्यावर्ती धारा स्रोत से जुड़ा है। परिपथ का गुणवत्ता गुणांक होगा___________.JEE Mains 2023 मध्यम
- \(\phi_{\mathrm{A}}=9 \mathrm{eV}\) एवं \(\phi_{\mathrm{B}}=4.5 \mathrm{eV}\) कार्यफलन वाले दो धात्विक तलों \(\mathrm{A}\) एवं \(\mathrm{B}\) के देहली तरंगदैर्ध्यो का अंतर \(\mathrm{nm}\) में है: (दिया है \(\mathrm{hc}=1242 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\) )JEE Mains 2023 आसान
- नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन \(\mathrm{A}\) और दूसरे को कारण \(\mathrm{R}\) के रूप में अंकित किया गया है। अभिकथन A: पृथ्वी की सतह से अनंत तक m द्रव्यमान के पिंड को प्रक्षेपित करने के लिए आवश्यक गतिज ऊर्जा \(\frac{1}{2} \mathrm{mgR}\) है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है।
कारण \(\mathrm{R}\): जब किसी पिंड को पृथ्वी की सतह से अनंत तक प्रक्षेपित किया जाता है, तो उसकी अधिकतम स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।JEE Mains 2025 आसान