JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2026
- आसान
- MCQ
एक द्विक झिरी प्रयोग में झिर्रियों के बीच की दूरी 0.1 cm है और पर्दा झिरी समतल से 50 cm की दूरी पर रखा है। जब एक झिरी को एक पारदर्शी शीट से ढका जाता है जिसकी मोटाई \(t\) और अपवर्तनांक \(n (=1.5)\) है, तो केंद्रीय फ्रिंज 0.2 cm से विस्थापित होता है। \(t\) का मान _________ cm है।
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(A) \(8 \times 10^{-4}\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(d \sin \theta=(\mu-1) t\)
\(d \left[\frac{ x }{ D }\right]=(\mu-1) t\)
\(t=\frac{x d}{D(\mu-1)}\)
\(=\frac{(0.2)(0.1)}{50(1.5-1)}\)
\(t =8 \times 10^{-4} cm\)
\(d \left[\frac{ x }{ D }\right]=(\mu-1) t\)
\(t=\frac{x d}{D(\mu-1)}\)
\(=\frac{(0.2)(0.1)}{50(1.5-1)}\)
\(t =8 \times 10^{-4} cm\)
Physics के और प्रश्न
- 5 kg द्रव्यमान और 10 cm त्रिज्या के एक ठोस गोले को 10 kg द्रव्यमान और 20 cm त्रिज्या के एक अन्य ठोस गोले के संपर्क में रखा गया है। संपर्क बिंदु से गुजरने वाली स्पर्श रेखा के परितः इन गोलों के युग्म का जड़त्व आघूर्ण __________ \( kg.m^{2} \) है।JEE Mains 2026 आसान
- एक नाभिकीय विखण्डन प्रक्रिया में प्रति न्यूक्ल्यॉन \(7.6 \mathrm{MeV}\) बन्धन ऊर्जा का एक उच्च द्रव्यमान न्यूक्लिाइड \((\mathrm{A} \approx 236) 8.6 \mathrm{MeV}\) प्रति न्यूक्लियॉन बन्धन ऊर्जा वाले दो मध्यम द्रव्यमान \((A \approx 118)\) के न्यूक्लिाइड में विखण्डित होता है।इस प्रक्रिया में उत्पन्न ऊर्जा \(\mathrm{MeV}\). . . . . . होगी।JEE Mains 2024 कठिन
- दिए गए परिपथ में धारा \(I _{ L }........ \) \(mA\) होगी। (जब \(\left.R _{ L }= lk \Omega\right)\)
JEE Mains 2022 आसान - प्रदर्शित चित्र में प्रक्रम \(\mathrm{A}\) व \(\mathrm{B}\) के लिए सही कथन चुनिए।
JEE Mains 2024 कठिन - ' \(m\) ' द्रव्यमान का एक गोलक ' \(L\) ' लंबाई की एक हल्की डोरी से लटका है। इसे निचले बिंदु \(\mathrm{A}\) पर इतना न्यूनतम क्षैतिज वेग दिया जाता है। कि वह अर्द्धवृत्त पूर्ण कर उच्चतम शिखर स्थिति \(B\) तक पहुँचता है। गतिज ऊर्जाओं का अनुपात \(\frac{(\text { K.E. })_{\mathrm{A}}}{(\text { K.E. })_{\mathrm{B}}}\) _______ है।
JEE Mains 2024 कठिन - एक प्रत्यावर्ती धारा जनित्र में प्रत्येक \(14 \times 10^{-2} \mathrm{~m}^2\) क्षेत्रफल वाले \(100\) घेरो से बनी एक आयताकार कुण्डली को \(3.0 \mathrm{~T}\) परिमाण के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् अक्ष के सापेक्ष \(360\) चक्कर / मिनिट से घुमाया जाता है। उत्पन्न विधुत वाहक बल का अधिकतम मान \(\mathrm{V}\) होगा। \(\left(\pi=\frac{22}{7}\right)\)JEE Mains 2023 आसान
JEE Mains के और PYQ
- आवर्धन \(6\) के सूक्ष्मदर्शी लेंस का उपयोग करके निकट बिन्दु की दूरी \(25\, cm\) से किसी बिम्ब को देखने पर अविभेदित प्रतिबिम्ब प्राप्त होता है। \(0.6\, m\) लम्बाई की नलिका और कोई अभिदश्यक लेंस उपयोग करके अनन्त पर पहले से कुल दोगुने आवर्धन का विभेदित प्रतिबिम्ब देखा जाता है। इसके लिए अभिदश्यक लेंस की फोकस दूरी \(......\,cm\) होगी।JEE Mains 2021 कठिन
- \(0.1 \mu m\) व्यास से किसी सुईछित्र द्वारा प्राप्त उस विवर्तन पैटर्न पर विचार कीजिए जो सूर्य के प्रकाश के आपतित होने पर बनता है। यदि इस सुईछित्र के व्यास में थोड़ी वद्धि कर दें तो यह विवर्तन स्वरूप को इस प्रकार प्रभावित करेगा कि विवर्तन स्वरूप के।JEE Mains 2021 कठिन
- एक कार \('\alpha'\) की नियत दर से कुछ समय के लिए विरामावस्था से त्वरित होती है। कुछ समय पश्चात् कार \('\beta'\) की नियत दर से मंदित होती हुई विराम अवस्था में आ जाती है। यदि कुल लगा समय \('t'\) सेकण्ड है, तो चली गई कुल दूरी होगी।JEE Mains 2021 कठिन