JEE Mains · Physics · STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
- JEE Mains 2023
- कठिन
- संख्यात्मक
दिखाए गए चित्र के अनुसार, अनन्त पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाने के लिए एक पतले समअवतलीय लेंस व एक पतले सम उत्तलीय लैंस के संयोजन का उपयोग किया गया है। दोनों लैंसो की वक्रता की त्रिज्या \(30 \mathrm{~cm}\) एवं दोनों लैंसो के पदार्थो का अपवर्तनांक \(1.75\) है। दोनों लैंस एक दूसरे से \(40 \mathrm{~cm}\) की दूरी पर स्थित हैं। संयोजन के द्वारा, वस्तु का प्रतिबिम्ब अवतल लेंस से \(x =..........cm\) बनता है।

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उत्तर और हल
सही उत्तर
(A) \(120\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\frac{1}{ f _1}=(1.75-1)\left(-\frac{1}{30}\right)\)
\(\Rightarrow f _1=-40\,cm\)
\(\frac{1}{ f _2}=(1.75-1)\left(\frac{1}{30}\right) \Rightarrow f _2=40\,cm\)
Image from \(L_1\) will be virtual and on the left of \(L_1\) at focal length \(40 \,cm\). So the object for \(L_2\) will be \(80\,cm\) from \(L _2\) which is \(2 f\). Final image is formed at \(80\,cm\) from \(L _2\) on the right. So \(x=120\)
Physics के और प्रश्न
- प्रत्येक \(100\; W\) के चार बल्ब \(B _{1}, B _{2}, B _{3}\) एवं \(B _{4}\) \(220\; V\) मेन्स से जोड़े गये है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया हैं। एक आदर्श धारामापी में मापन होगा :
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- एक \(M =4\,kg\) द्रव्यमान तथा त्रिज्या \(R =10\,cm\) की चकती एक स्थिर क्षैतिज एक्सेल पर लगी हुई है तथा द्रव्यमान \(m =2\,kg\) का ब्लॉक द्रव्यमानहीन धागे से लटकाया गया है। धागा चकती की रिम पर लपेटा हुआ है। ब्लॉक के गिरने के दौरान धागा फिसलता नहीं है तथा एक्सेल पर घर्पण भी अनुपस्थित है तो धागे में तनाव \(N\) में ज्ञात कीजिये । \(( g =10 ms ^{-2}\) लें। )
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- नीचे दो कथन दिये गये है: एक को अभिकथन \(\mathrm{A}\) तथा दूसरे को कारण \(\mathrm{R}\) से चिन्हित किया गया है। अभिकथन \(\mathrm{A}\) : जब आप ट्यूब के एक सिरे को दबाते हैं तो इसके दूसरे सिरे से टूथपेस्ट बाहर आता है। पास्कल के नियम का आंकलन होता है। कारण \(R\): एक बन्द असंपीड्य द्रव पर आरोपित दाब में एक परिवर्तन द्रव के प्रत्येक भाग एवं बर्तन की अपनी दीवारों को बिना कम किये पारगमित हो जाता है। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:JEE Mains 2023 मध्यम
- हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था में एक इलेक्ट्रॉन की कक्षीय त्रिज्या \(5.3 \times 10^{-11} \mathrm{~m}\) है जबकि तीसरी उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन के लिए यह \(8.48 \times 10^{-10} \mathrm{~m}\) है। उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य का मूल अवस्था में इलेक्ट्रॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य से अनुपात _______ है।JEE Mains 2025 आसान
JEE Mains के और PYQ
- \(l\) भुजा वाला, तार का एक छोटा वगोकार घेरा, \(L\) भुजा वाले, तार के एक बड़े वर्गाकार घेरे के अन्दर रखा है, यहाँ \(( L \gg l)\) है। चित्र में दर्शाये अनुसार, दोनों घेरे एक ही तल में रखे हैं, एवं दोनों के केन्द्र बिन्दु \(O\) पर सम्पाती हैं। निकाय का पारस्परिक प्रेरकत्व होगा :
JEE Mains 2022 कठिन - दिए गए श्रेणी \(LCR\) परिपथ में यह पाया गया है कि परिवर्तनीय धारिता का मान \(2.5 \mathrm{nF}\) होने पर अधिकतम धारा प्रवाहित होती है। यदि दिए गए परिपथ में \(200 \Omega\) का प्रतिरोध और \(100 \mathrm{mH}\) प्रेरक का उपयोग किया जा रहा है। प्रत्यावर्ती धारा स्रोत की आवृत्ति _______ \(\times 10^3 \mathrm{~Hz}\) है। (दिया गया है \(\pi^2=10\) )JEE Mains 2024 कठिन
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