JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2023
- मध्यम
- संख्यात्मक
' \(n\) ' ध्रुवक चादरें इस प्रकार व्यवस्थित की गई हैं कि प्रत्येक अपनी पूर्ववर्ती चादर से \(45^{\circ}\) का कोण बनाती है। इस व्यवस्था में एक \(I\) तीव्रता का अध्रुवित प्रकाश आप्रतित होता है। निर्गत तीव्रता \(\frac{I}{64}\) प्राप्त होती है। \(n\) का मान होगा:
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(6\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
After passing through first sheet
\(I_1=\frac{I}{2}\)
After passing through second sheet
\(I_2=I_1 \cos ^2\left(45^{\circ}\right)=\frac{I}{4}\)
After passing through \(n^{\text {th }}\) sheet
\(I_{ n }=\frac{I}{2^{ n }}=\frac{I}{64}\)
\(n=6\)
Physics के और प्रश्न
- यंग द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण पैटर्न प्राप्त करने के लिए \(7000\mathring A\)एवं \(5500 \mathring A\)की दो तरंगदैध्यों का एक प्रकाश पुँज लिया गया है। झिरियों के बीच की दूरी \(2.5 \mathrm{~mm}\) तथा झिरियों के तल से पर्दे तक की दूरी \(150 \mathrm{~cm}\) है। केन्द्रीय फ्रिन्ज से वह न्यूनतम दूरी, जहाँ दोनों तरंगदैध्यों के कारण दीप्त फ्रिन्ज बनती है, \(\mathrm{n} \times 10^{-5} \mathrm{~m}\) है। \(\mathrm{n}\) का मान___________है।JEE Mains 2023 मध्यम
- एक \(10\, V\) विधुत वाहक बल के आदर्श सैल को चित्रानुसार एक परिपथ से जोड़ा गया है। इस परिपथ में प्रत्येक प्रतिरोधक का मान \(2\, \Omega\) है। इस स्थिति में जब संधारित्र पूर्ण रूप से आवेशित हो जाये तो उसके बीच विभवान्तर ( \(V\) में) होगा ....
JEE Mains 2020 कठिन - सुचालकों से बने हुए दो पृथक गोलों \(S _{1}\) तथा \(S _{2}\), जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः \(\frac{2}{3} R\) और \(\frac{1}{3} R\) हैं, पर \(12 \mu C\) तथा \(-3 \mu C\) आवेश हैं। ये गोले एक दूसरे से बहुत दूरी पर हैं। यदि इन गोलों को एक सुचालक तार से जोड़ दिया जाये तो जोड़ने के लम्बे समय के पश्चात् \(S _{1}\) तथा \(S _{2}\) पर आवेशों का मान क्रमशः होगा।JEE Mains 2020 कठिन
- दो ज्ञात प्रतिरोध \(R \Omega\) और \(2 R \Omega\) तथा एक अज्ञात प्रतिरोध \(X \Omega\) चित्र में दर्शाए अनुसार एक परिपथ में जुड़े हैं। यदि परिपथ में बिंदुओं A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध \(X \Omega\) है, तो X का मान _________ \(\Omega\) है।
JEE Mains 2026 कठिन - एकसमान रूप से आवेशित गोलीय कोश की सतह पर स्थिरवैद्युत विभव जिसकी त्रिज्या \(\mathrm{R}=10 \mathrm{~cm}\) है, 120 V है। कोश के केंद्र पर, केंद्र से \(\mathrm{r}=5 \mathrm{~cm}\) की दूरी पर, और कोश के केंद्र से \(\mathrm{r}=15 \mathrm{~cm}\) की दूरी पर विभव क्रमशः कितना है?JEE Mains 2025 आसान
- नीचे दिए गए परिपथ में, जीनर डायोड धारा का अधिकमान \(......mA\) होगा।
JEE Mains 2022 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- यहाँ दर्शाये गये परिपथ में, बिन्दु \('C'\) को बिन्दु \('A'\) से तब तक जोड़े रखा जाता है जब तक कि परिपथ में प्रवाहित धारा स्थिर न हो जाए। तत्पश्चात्, अचानक, बिन्दु \('C'\) को बिन्दु \('A^{\prime}\) से हटाकर बिन्दु \('B'\) से \(t=0\) समय पर जोड़ दिया जाता है। \(t=L / R\) पर प्रतिरोध एवं प्रेरकत्व पर वोल्टता अनुपात होगा:
JEE Mains 2014 मध्यम - एक समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता \(\mathrm{C}=200 \mathrm{pF}\) है। यह \(300\) रेडियन/से. कोणीय आवृत्ति के साथ \(230 \mathrm{~V}\) के प्रत्यावर्ती स्त्रोत से जुड़ा है। परिपथ में संचालित धारा का वर्गमाध्य मूल मान एवं संधारित्र में विस्थापन धारा क्रमशः _______ है।JEE Mains 2024 कठिन
- एक p-प्रकार के अर्धचालक का ग्राही स्तर \(6 \mathrm{eV}\) है। प्रकाश की अधिकतम तरंगदैर्ध्य जो एक विवर उत्पन्न कर सकती है, वो _______ होगी। (दिया है hc \(=1242 \mathrm{eV} \mathrm{nm}\).)JEE Mains 2024 कठिन
- एक नाभिकीय विखण्डन प्रक्रिया में प्रति न्यूक्ल्यॉन \(7.6 \mathrm{MeV}\) बन्धन ऊर्जा का एक उच्च द्रव्यमान न्यूक्लिाइड \((\mathrm{A} \approx 236) 8.6 \mathrm{MeV}\) प्रति न्यूक्लियॉन बन्धन ऊर्जा वाले दो मध्यम द्रव्यमान \((A \approx 118)\) के न्यूक्लिाइड में विखण्डित होता है।इस प्रक्रिया में उत्पन्न ऊर्जा \(\mathrm{MeV}\). . . . . . होगी।JEE Mains 2024 कठिन