JEE Mains · Physics · STD 11 - 6.कणो के निकाय तथा घूर्णी गति
- JEE Mains 2020
- कठिन
- MCQ
लम्बाई \('l'\) की एक एकसमान छड़ नगण्य त्रिज्या के एक ऊर्ध्वाधर डण्डे पर कीलकित (pivoted) है। जब यह डण्डा कोणीय गति \(\omega\) से घूमता है तो छड़ इससे \(\theta\) कोण बनाती है (चित्र देखें)। \(\theta\) का मान ज्ञात करने के लिये हम छड़ के द्रव्यमान केन्द्र \((CM)\) के सापेक्ष इसके कोणीय संवेग में होने वाले परिवर्तन (जिसका मान \(\frac{ m \ell^{2}}{12} \omega^{2} \sin \theta \cos \theta\) है और जिसकी दिशा इस तल के अन्दर की ओर है) को इस पर लगने वाले क्षैतिज \(F _{ H }\) व ऊर्ध्वाधर \(F _{ V }\) बलों के \(CM\) के सापेक्ष आघूर्ण के बराबर लेते हैं। तब \(\theta\) का मान ऐसा होगा कि ......।

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उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) \(\cos \theta=\frac{3 g}{2 \ell \omega^{2}}\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(F_{V}=m g\)
\(F_{H}=m \omega^{2} \frac{\ell}{2} \sin \theta\)
\(mg \frac{\ell}{2} \sin \theta- m \omega^{2} \frac{\ell}{2} \sin \theta \frac{\ell}{2} \cos \theta=\frac{ m \ell^{2}}{12} \omega^{2} \sin \theta \cos \theta\)
\(\cos \theta=\frac{3}{2} \frac{g}{\omega^{2} \ell}\) \(....(ii)\)
Physics के और प्रश्न
- जैसा कि आरेख में दर्शाया गया है, जब आपतित किरण प्रिज्म के आधार के समानांतर होती है, तो निर्गत किरण दूसरी सतह को स्पर्श करते हुए निकलती है।

यदि प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक \(\sqrt{2}\) है, तो प्रिज्म का कोण \(\theta\) है।JEE Mains 2026 मध्यम - 200 m चौड़ाई वाली एक नदी पश्चिम से पूर्व की ओर \(18 km / h\) की चाल से बह रही है। एक नाव, जो शांत जल में \(36 km / h\) की चाल से चल रही है, नदी के एक तट से दूसरे तट तक एक पूरा चक्कर (आना और जाना) लगाती है। इस यात्रा के लिए नाव द्वारा लिया गया न्यूनतम समय और नदी के किनारे के अनुदिश विस्थापन क्रमशः _________ और _________ हैं।JEE Mains 2026 मध्यम
- 5 kg द्रव्यमान का एक गुटका एक नत समतल पर गति कर रहा है जो क्षैतिज के साथ \(30^{\circ}\) का कोण बनाता है। गुटके और नत समतल की सतह के बीच घर्षण गुणांक \(\frac{\sqrt{3}}{2}\) है। गुटके पर लगाया जाने वाला बल ताकि गुटका बिना त्वरण के नीचे की ओर गति करे ___________ N है।JEE Mains 2026 मध्यम
- निम्नलिखित वस्तुओं को ऊपर की और किसी वक्र समतल पर (बिना फिसले) लुढ़काया जाता है \((i)\) एक त्रिज्या \(R\) का रिंग \((ii)\) एक त्रिज्या \(\frac{R}{2}\) का बेलन \((iii)\) त्रिज्या \(\frac{R}{4}\) का एक ठोस गोला सभी परिस्थितियों में द्रव्यमान केन्द्र की चाल गति वक्र समतल के तल पर समान है। उनकी द्वारा तय की गई ऊँचाई का अनुपात होगा।JEE Mains 2019 कठिन
- नीचे दो कथन दिए गए हैं, इनमें से एक अभिकथन \(A\) द्वारा निरूपित है, एवं दूसरा कारण \(R\) द्वारा निरूपित है। अभिकथन \(A\) : कॉनसटैन्टन एवं मैगनिन जैसी धातुऐं मानक प्रतिरोध कुंडली बनाने में प्रयुक्त होती है। कारण \(R\) : कॉनसटैन्टन एवं मैंगनिन के प्रतिरोध ताप गुणांक का मान बहुत कम होता है। उपरोक्त कथनों के आधार पर, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।JEE Mains 2022 मध्यम
- दिए गये परिपथ में \(A\) तथा \(B\) सिरों के बीच तुल्य प्रतिरोध \(.....\,\Omega\) होगा।
JEE Mains 2021 कठिन
JEE Mains के और PYQ
- कोई निकाय दो प्रकार की गैसों के अणुओं, \(A\) और \(B\), जिनकी घनत्व संख्या समान, \(2 \times 10^{25} /\, m ^{3}\) है, से मिलकर बना है। \(A\) और \(B\) के व्यास क्रमशः \(10\, \mathring A\) और \(5 \, \mathring A\) है। ये कक्ष ताप पर संघट्ट करते हैं। दो क्रमागत संघट्टों के बीच \(A\) के अणुओं द्वारा तय की गयी औसत दूरी और \(B\) के अणुओं द्वारा तय की गयी औसत दूरी का अनुपात \(......\,\times 10^{-2}\) है।JEE Mains 2021 मध्यम
- तापमान \(\mathrm{T}\) पर \(10\) अदृढ़ द्विपरमाणुक अणुओं की ऊर्जा _______ है।JEE Mains 2024 कठिन
- एक वर्षण की नोजल से पानी की बूँदे जमीन पर \(9.8\) मी. ऊँचाई से लगातार समय अन्तराल पर गिरती है। जब किसी क्षण प्रथम बूँद जमीन पर टकराती है, तो उसी क्षण तीसरी बूँद गिरना प्रारम्भ करती है। जब प्रथम बूँद जमीन से टकराती है, तो दूसरी बूँद की स्थिति बताइए। (मी में)JEE Mains 2021 कठिन
- \(2 \mathrm{~F}\) धारिता वाले एक समानान्तर पट्टिका संधारित्र को \(\mathrm{V}\) विभव पर आवेशित किया जाता है। संधारित्र में संचित ऊर्जा का मान \(\mathrm{E}_1\) है। अब इस संधारित्र को किसी दूसरे समरुप अनावेशित संधारित्र के साथ समानान्तर क्रम में जोड़ा जाता है। संयोजन में संचित ऊर्जा का मान \(\mathrm{E}_2\) है। अनुपात \(\mathrm{E}_2 / \mathrm{E}_1\) है:JEE Mains 2023 मध्यम
- द्रव्यमान ' \(m\) ' का एक पिंड एक द्रव्यमानहीन और अवितान्य डोरी से जुड़ा हुआ, गुरुत्व \(g\) के अधीन ' \(R\) ' त्रिज्या के एक ऊर्ध्वाधर वृत्त में गति करता है। डोरी का दूसरा सिरा वृत्त के केंद्र पर स्थिर है। यदि वृत्तीय पथ के उच्चतम बिंदु पर वेग \(n \sqrt{g R}\) है, जहाँ, \(n \geqslant 1\), तो पिंड की वृत्त के निम्नतम बिंदु पर गतिज ऊर्जा का उच्चतम बिंदु पर गतिज ऊर्जा से अनुपात हैJEE Mains 2025 कठिन