JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2021
- कठिन
- संख्यात्मक
कोई आकाश गंगा \(286\; kms ^{-1}\) की चाल से पथ्वी से दूर जा रही है। लाल लाइन में \(630\; nm\) पर, तंरगदैर्ध्य में विस्थापन \(x \times 10^{-10}\; m\) है । \(x\) का मान निकटतम पूर्णांक में होगा। [प्रकाश की चाल \(c =3 \times 10^{8} \;ms ^{-1}\) लीजिए]
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(D) \(6\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\frac{\Delta \lambda}{\lambda} c=v\)
\(\Delta \lambda=\frac{v}{c} \times \lambda=\frac{286}{3 \times 10^{5}} \times 630 \times 10^{-9}=6 \times 10^{-10}\)
Physics के और प्रश्न
- दी गई आकृति में \(R_1=10 \Omega, R_2=8 \Omega, R_3=4 \Omega\) और \(R_4=8 \Omega\) हैं। बैटरी आदर्श है जिसका विद्युत वाहक बल \(12 \mathrm{~V}\) है। परिपथ का तुल्य प्रतिरोध और बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई धारा क्रमशः _______ हैं।
JEE Mains 2024 कठिन - एक \(2 \,mW\) लेजर की तरंगदैर्ध्य \(500\, nm\) है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी। [दिया है, प्लांक नियतांक \(h =6.6 \times 10^{-34} \,Js\), प्रकाश की चाल \(c =3.0 \times 10^{8} \,m / s\) ]JEE Mains 2019 कठिन
- चुम्बकीय फलक्स के बदलने से \(100\, \Omega\) प्रतिरोध की कुण्डली में प्रेरित धारा को चित्र में दर्शाया गया है। कुण्डली से गुजरने वाले फ्लक्स में बदलाव का परिमाण ......\(Wb\) होगा:
JEE Mains 2017 मध्यम - एक उत्तल लेंस (फोकस दूरी \(20\, cm\) ) तथा एक अवतल दर्पण, जिनके मुख्य अक्ष एक ही रेखा में हैं, को एक दूसरे से \(80 \,cm\) की दूरी पर रखा गया है; अवतल दर्पण उत्तल लेंस के दाहिनी तरफ रखा है। जब एक वस्तु उत्तल लेंस के बाँयी तरफ \(30 \,cm\) की दूरी पर रखी जाती है, तो उसका प्रतिबिंब उसी स्थान पर ही रहता है, भले ही अवतल दर्पण को उसकी स्थिति से हटा दिया जाये। वस्तु की अधिकतम दूरी, जिसके लिए वह अवतल दर्पण खुद से ही आभासी प्रतिबिंब बनाये, होगी। (\(cm\) में)JEE Mains 2019 कठिन
- \(50 \%\) दक्षता वाला एक कार्नो इंजन \(600 \mathrm{~K}\) पर एक स्त्रोत से ऊष्मा लेता है। सिंक (अभिगम) का तापमान समान रखते हुए, दक्षता को \(70 \%\) तक बढ़ाने के लिए, स्त्रोत का नया तापमान होगा :JEE Mains 2023 मध्यम
- क्षैतिज से \(30^{\circ}\) एवं \(60^{\circ}\) के कोणों पर दो प्रक्षेप्य समान चालों से प्रक्षेपित किए जाते हैं। क्रमशः प्रक्षेप्यों द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाइयों का अनुपात है:JEE Mains 2023 आसान
JEE Mains के और PYQ
- तीव्रता \(I_o\) का एक अध्रुवित प्रकाश एक ध्रुवक से गुजरता है और फिर एक निश्चित प्रकाशिक रूप से सक्रिय विलयन से और अंत में यह विश्लेषक तक पहुँचता है। यदि विश्लेषक और ध्रुवक के बीच का कोण \(0°\) है और विश्लेषक से निकलने वाले प्रकाश की तीव्रता \(\dfrac{3}{8}I_o\) है, तो विश्लेषक के सापेक्ष विलयन द्वारा प्रकाश के घूर्णन का कोण _______ डिग्री है।JEE Mains 2026 मध्यम
- सूची - I का सूची - II से मिलान कीजिए।
नीचे\(\text{ }\)दिए\(\text{ }\)गए\(\text{ }\)विकल्पों\(\text{ }\)में\(\text{ }\)से\(\text{ }\)सही\(\text{ }\)उत्तर\(\text{ }\)चुनिए\(\text{ }\):सूची - I सूची - II (A) निर्वात की चुंबकशीलता (I) \(\left[\mathrm{M} \mathrm{~L}^2 \mathrm{~T}^{-2}\right]\) (B) चुंबकीय क्षेत्र (II) \(\left[\mathrm{M} \mathrm{~T}^{-2} \mathrm{~A}^{-1}\right]\) (C) चुंबकीय आघूर्ण (III) \(\left[\mathrm{M} \mathrm{~L} \mathrm{~T}^{-2} \mathrm{~A}^{-2}\right]\) (D) मरोड़ी नियतांक (IV) \(\left[\mathrm{L}^2 \mathrm{~A}\right]\) JEE Mains 2025 आसान - क्षैतिज से \(42^{\circ}\) तथा \(48^{\circ}\) पर समान प्रारम्भिक वेग से प्रक्षेपित दो प्रक्षेप्यों का परास तथा ऊँचाई क्रमशः \(R _{1}, R _{2}\) तथा \(H _{1}, H _{2}\) हैं। सत्य विकल्प चुनिये।JEE Mains 2021 मध्यम