JEE Mains · Physics · STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
- JEE Mains 2026
- कठिन
- संख्यात्मक
एक सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक की फोकस दूरी \(f_0=2 cm\) और नेत्रिका की फोकस दूरी \(f_{ e }=4 cm\) है। नली की लम्बाई 32 cm है। सामान्य समायोजन के लिए इस सूक्ष्मदर्शी द्वारा उत्पन्न आवर्धन _________ है।
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) 100
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
स्पष्टीकरण:
आइए एनसीईआरटी कक्षा 12 भौतिकी के 'किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र' अध्याय के सिद्धांतों के आधार पर इस भ्रम को चरण-दर-चरण दूर करें:
चरण 1: "सामान्य समायोजन" (Normal Adjustment) का अर्थ समझें
प्रकाशिक यंत्रों में सामान्य समायोजन का सीधा अर्थ यह होता है कि अंतिम प्रतिबिंब अनंत (infinity) पर बन रहा है, जिससे दर्शक की आँखें पूरी तरह शांत या तनावमुक्त स्थिति में होती हैं।
चरण 2: सामान्य समायोजन का सही सूत्र लागू करें
जब अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है, तब संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता \(m\) का सूत्र होता है:
\(m = \frac{L}{f_o} \times \frac{D}{f_e}\)
जहाँ स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी \(D = 25\text{ cm}\) ली जाती है।
चरण 3: मान रखकर गणना करना
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\(m = \frac{32}{2} \times \frac{25}{4}\)
\(m = 16 \times 6.25 = 100\)
यहाँ 116 उत्तर क्यों गलत है:
हस्तलिखित हल में \(m = \frac{L}{f_o}\left(1 + \frac{D}{f_e}\right)\) सूत्र का उपयोग किया गया है, जो कि तब लगाया जाता है जब प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (\(D = 25\text{ cm}\)) पर बने। चूंकि प्रश्न में स्पष्ट रूप से 'सामान्य समायोजन' (प्रतिबिंब अनंत पर) लिखा है, इसलिए 116 उत्तर गलत है और ऐप में दिया गया हल 100 बिल्कुल सही है।
अतः विकल्प B सही उत्तर है।
आइए एनसीईआरटी कक्षा 12 भौतिकी के 'किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र' अध्याय के सिद्धांतों के आधार पर इस भ्रम को चरण-दर-चरण दूर करें:
चरण 1: "सामान्य समायोजन" (Normal Adjustment) का अर्थ समझें
प्रकाशिक यंत्रों में सामान्य समायोजन का सीधा अर्थ यह होता है कि अंतिम प्रतिबिंब अनंत (infinity) पर बन रहा है, जिससे दर्शक की आँखें पूरी तरह शांत या तनावमुक्त स्थिति में होती हैं।
चरण 2: सामान्य समायोजन का सही सूत्र लागू करें
जब अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर बनता है, तब संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता \(m\) का सूत्र होता है:
\(m = \frac{L}{f_o} \times \frac{D}{f_e}\)
जहाँ स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी \(D = 25\text{ cm}\) ली जाती है।
चरण 3: मान रखकर गणना करना
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\(m = \frac{32}{2} \times \frac{25}{4}\)
\(m = 16 \times 6.25 = 100\)
यहाँ 116 उत्तर क्यों गलत है:
हस्तलिखित हल में \(m = \frac{L}{f_o}\left(1 + \frac{D}{f_e}\right)\) सूत्र का उपयोग किया गया है, जो कि तब लगाया जाता है जब प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (\(D = 25\text{ cm}\)) पर बने। चूंकि प्रश्न में स्पष्ट रूप से 'सामान्य समायोजन' (प्रतिबिंब अनंत पर) लिखा है, इसलिए 116 उत्तर गलत है और ऐप में दिया गया हल 100 बिल्कुल सही है।
अतः विकल्प B सही उत्तर है।
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