JEE Mains · Physics · STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
- JEE Mains 2025
- मध्यम
- MCQ
एक परिमित आकार की वस्तु को एक उत्तल दर्पण से 30 cm की दूरी पर मुख्य अक्ष के लंबवत रखा गया है, जिसकी फोकस दूरी 30 cm है। अब एक समतल दर्पण को इस प्रकार रखा जाता है कि दोनों दर्पणों द्वारा निर्मित प्रतिबिंब एक दूसरे से संपाती हों। दोनों दर्पणों के बीच की दूरी क्या है?
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(B) 7.5 cm
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या

उत्तल दर्पण के लिए
\(\begin{aligned}
& \frac{1}{\mathrm{v}}+\frac{1}{\mathrm{u}}=\frac{1}{\mathrm{f}} \\
& \frac{1}{\mathrm{v}}-\frac{1}{30}=\frac{1}{30} \\
& \frac{1}{\mathrm{v}}=\frac{2}{30}=\frac{1}{15} \Rightarrow \mathrm{v}=15 \mathrm{~cm}
\end{aligned}\)
उत्तल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब वस्तु से 45 cm की दूरी पर है। अतः समतल दर्पण को वस्तु से 22.5 cm की दूरी पर मध्य में रखा जाना चाहिए ताकि उनके दोनों प्रतिबिंब संपाती हो सकें,
अतः दोनों दर्पणों के बीच की दूरी
\(=30-22.5=7.5 \mathrm{~cm}\)
सही उत्तर : विकल्प 2
Physics के और प्रश्न
- एक इलेक्ट्रॉन, जिसकी गतिज ऊर्जा \(5 \mathrm{eV}\) है, \(3 \mu \mathrm{T}\) के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के ऐसे क्षेत्र में प्रवेश करता है जो उसकी दिशा के लंब है। वेग की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत एक विद्युत क्षेत्र \(\mathrm{E}\) लगाया जाता है। इलेक्ट्रॉन उसी पथ पर चले तो \(\mathrm{E}\) का मान _______ \(\mathrm{NC}^{-1}\) है। (दिया है, इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(=9 \times 10^{-31} \mathrm{~kg}\), विद्युत आवेश \(=1.6 \times 10^{-19} \mathrm{C}\) )JEE Mains 2024 कठिन
- जब एक प्रेरक पर \(100 \mathrm{~V}\) की दिष्ट वोल्टता लगाई जाती है, तो \(5 \mathrm{~A}\) की दिष्ट धारा \(1\) से प्रवाहित होती है। जब एक प्रेरक से \(200 \mathrm{~V}\) शिखर मान की प्रत्यावर्ती वोल्टता जोड़ी जाती है, तो उसका प्रेरक प्रतिघात \(20 \sqrt{3} \Omega\) पाया जाता है। परिपथ में व्यय हुई शक्ति _______ \(W\) है।JEE Mains 2024 कठिन
- यहाँ दर्शाये गये परिपथ में, बिन्दु \('C'\) को बिन्दु \('A'\) से तब तक जोड़े रखा जाता है जब तक कि परिपथ में प्रवाहित धारा स्थिर न हो जाए। तत्पश्चात्, अचानक, बिन्दु \('C'\) को बिन्दु \('A^{\prime}\) से हटाकर बिन्दु \('B'\) से \(t=0\) समय पर जोड़ दिया जाता है। \(t=L / R\) पर प्रतिरोध एवं प्रेरकत्व पर वोल्टता अनुपात होगा:
JEE Mains 2014 मध्यम - त्रिज्या \(1 \mathrm{~mm}\) तथा घनत्व \(10.5 \mathrm{~g} / \mathrm{cc}\) वाली एक गोलीय गेंद को \(9.8\) पॉइस श्यानता गुणांक तथा घनत्व \(1.5 \mathrm{~g} / \mathrm{cc}\) वाली ग्लोसरीन में गिराया जाता है व गेंद के नियत वेग प्राप्त करने पर गेंद पर लगने वाला श्यान बल \(3696 \times 10^{-\mathrm{x}} \mathrm{N}\) हो तो \(\mathrm{x}\) का मान ज्ञात कीजिये। (दिया है, \(g=9.8 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^2\) तथा \(\pi=\frac{22}{7}\) )JEE Mains 2023 मध्यम
- दो ठोस गोले जिनकी त्रिज्याएँ \(R _{1}=1 \,m\) और \(R _{2}=2 \,m\) है और जिनके द्रव्यमान क्रमश: \(M _{1}\) और \(M _{2}\) है, को संज्ञान में लें। गोले \((1)\) एवं \((2)\) द्वारा जनित गुरूत्वाकर्षण क्षेत्र चित्र में दिखाये गये हैं। तब \(\frac{ M _{1}}{ M _{2}}\) का मान है :
JEE Mains 2020 मध्यम - प्रकाश दो माध्यमों \(M _1\) और \(M _2\) में क्रमश: \(1.5 \times 10^8\,ms ^{-1}\) और \(2.0 \times 10^8\,ms ^{-1}\) को चालों से चलता है। दोना के बीच का क्रान्तिक कोण होगा:JEE Mains 2022 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- \(500 \,g\) द्रव्यमान से जुड़ी एक द्रव्यमान रहित स्प्रिंग \(( k =800\, N / m )\) को \(1 \,kg\) पानी में पूर्णतया डुबाया गया है। स्प्रिंग को \(2 \,cm\) लम्बाई से खींचकर छोड़ने पर दोलन आरम्भ हो जाते है। जब दोलन पूर्णतया रूक जाते हैं तब पानी के तापमान में बदलाव की कोटि होगी: (माना कि पानी के पात्र और स्प्रिंग को मिली ऊष्मा नगण्य है तथा द्रव्यमान की विशिष्ट ऊष्मा \(=400 \,J / kg \,K\), पानी की विशिष्ट ऊष्मा \(=4184 \,J / kg \,K )\)JEE Mains 2019 कठिन
- ' \(n\) ' संख्या के समरूप विद्युत बल्ब हैं, जिनमें से प्रत्येक को मुख्य आपूर्ति से स्वतंत्र रूप से \(p\) शक्ति खींचने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अब उन्हें मुख्य आपूर्ति के साथ श्रेणी क्रम में जोड़ा गया है। संयोजन द्वारा खींची गई कुल शक्ति है:JEE Mains 2025 आसान
- द्रव्यमान \(M\) तथा आवेश \(q\) का एक पिण्ड एक स्प्रिंग नियतांक \(k\) की स्प्रिंग से जुड़ा है। यह पिण्ड \(x-\) दिशा में अपनी साम्यावस्था \(x=0\) के सापेक्ष आयाम \(A\) से दोलन कर रहा है। \(x-\) दिशा में एक विघुत क्षेत्र \(E\) लगाया जाता है। निम्न कथनों में कौन सा कथन सत्य है ?JEE Mains 2018 कठिन
- \(1 H\) प्रेरकत्व एवं \(100 \Omega\) प्रतिरोध वाली एक कुण्डली \(6 V\) की किसी बैटरी (विद्युत स्त्रोत) से जुड़ी है। ज्ञात कीजिए : \((a)\) धारा के अपने स्थिर अवस्था मान के आधे मान को प्राप्त करने से पहले लगे समय का मान। \((b)\) परिपथ की कुंजी चालू करने के बाद \(15 ms\) वें क्षण पर, कुंडली में निहित चुम्बकीय क्षेत्र में संचित ऊर्जा का मान। (दिया है, \(\operatorname{In} 2=0.693\), \(\left.e^{-3 / 2}=0.25\right)\)JEE Mains 2022 कठिन
- द्रव्यमान \(m\) और व्यास \(d\) के तीन ठोस गोलों को इस प्रकार पिचकाया गया है। कि उनके केन्द्रो को जोड़ने वाली रेखाएँ \(d\) लम्बाई की भुजा का एक समबाहु त्रिभुज बनाती है। इस त्रिभुज के केन्द्रक और किसी एक गोले के केन्द्र से होकर जाने वाली तथा त्रिभुज के समतल के लम्बवत् अक्षों के सापेक्ष इस निकाय के जड़त्व आघूर्ण क्रमशः \(I _{0}\) तथा \(I _{ A }\) हैं। तब \(I _{0} / I _{ A }\) का मान है :
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