JEE Mains · Physics · STD 11 - 6.कणो के निकाय तथा घूर्णी गति
- JEE Mains 2021
- मध्यम
- संख्यात्मक
\(600\, rpm\) की चाल से घूर्णन करते हुए पिण्ड को \(10\,s\) में \(1800 \,rpm\) तक एकसमान रूप से त्वरित किया गया है। इस प्रक्रिया में होने वाले घूर्णनों की संख्या \(.....\) होगी।
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(D) \(200\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\omega_{r}=\omega_{0}+\alpha t\)
\(\alpha=\frac{1200}{10} \times 60 {rev} / {min}^{2}=1200 \times 6\)
\(\theta=\omega_{0} t+\frac{1}{2} \alpha t^{2}\)
\(=600 \times \frac{10}{60}+\frac{1}{2} \times 1200 \times 6 \times \frac{1}{36}\,({rev})\)
\(\theta=200\)
Physics के और प्रश्न
- किसी वियुक्त निकाय में किसी गैस के अणुओं द्वारा किया गया कार्य \(W =\alpha \beta^{2} e ^{-\frac{x^{2}}{\alpha kT }}\) द्वारा निरूपित किया गया है, यहाँ \(x\) विस्थापन, \(k\)-बोल्ट्ज़मान नियतांक तथा \(T\) ताप है। \(\alpha\) और \(\beta\) स्थिरांक हैं। \(\beta\) की विमा होंगी।JEE Mains 2021 कठिन
- नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : यंग के द्वि-झिरी प्रयोग में, लाल प्रकाश द्वारा निर्मित फ्रिंज नीले प्रकाश द्वारा निर्मित फ्रिंजों की तुलना में करीब होते हैं।
कारण (R): फ्रिंज चौड़ाई प्रकाश की तरंगदैर्घ्य के सीधे आनुपातिक होती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।JEE Mains 2025 आसान - त्रिज्या \(R\) एवं द्रव्यमान \(m\) के एक एक समान खोखले बेलन के चारों तरफ एक द्रव्यमानविहीन डोरी से एक द्रव्यमान \('m'\) अवलंबित हैं। यदि डोरी बेलन पर फिसलती नहीं है, तब छोड़े जाने पर द्रव्यमान किस त्वरण से गिरेगा?
JEE Mains 2014 मध्यम - निम्नलिखित को तरंगदैर्घ्य के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए : \((A)\) गामा किरणें \(\left(\lambda_1\right)\) \((B)\) X-किरण \(\left(\lambda_2\right)\) \((C)\) अवरक्त तरंगें \(\left(\lambda_3\right)\) \((D)\) सूक्ष्म तरंगें \(\left(\lambda_4\right)\) नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए :JEE Mains 2024 कठिन
- यदि तीन हीलियम नाभिक मिलकर एक कार्बन नाभिक बनाते हैं तो इस अभिक्रिया में मुक्त ऊर्जा _______ \(\times 10^{-2} \mathrm{MeV}\) है। (दिया है \(1 \mathrm{u}=931 \mathrm{MeV} / \mathrm{c}^2\), हीलियम का परमाणु द्रव्यमान \(=4.002603 \mathrm{u}\) )JEE Mains 2024 कठिन
- प्रकाश \(S\), का कोई बिन्दुकित स्त्रोत दीवार पर ऊर्ध्वाधर लटके \(50 \,cm\) चौड़ाई के किसी समतल दर्पण के केन्द्र के समाने \(60\, cm\) दूरी पर स्थित है। आरेख में दिए अनुसार इस दर्पण के सामने \(1.2\, m\) दूरी पर खड़ा कोई व्यक्ति इस दर्पण के समान्तर एक रेखा के अनुदिश गमन करता है। उन चरम बिन्दुओं के बीच की दूरी, जहाँ तक यह व्यक्ति प्रकाश स्त्रोत के प्रतिबिम्ब को देख सकता है, \(........\) से.मी. होगी।
JEE Mains 2021 कठिन
JEE Mains के और PYQ
- \(40 \mathrm{~cm}\) वक्रता त्रिज्या वाले एक अवतल दर्पण के सामने \(\mathrm{A}\) व \(\mathrm{B}\) दो वस्तुएँ ध्रुव से क्रमशः \(15 \mathrm{~cm}\) व \(25 \mathrm{~cm}\) पर रखी है। दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्बों के बीच की दूरी\(...........\,cm\) है:JEE Mains 2023 मध्यम
- सूची-(I) का सूची-(II) से मिलान कीजिए :-
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:सूची - \(I\) (विद्युतचुंबकीय तरंग) सूची - \(II\) (तरंगदैर्ध्य) (श्रेणी) \((A)\) अवरक्त \((i)\) \(<10^{-3} \mathrm{~nm}\) \((B)\) पराबैंगनी \((ii)\) \(400 \mathrm{~nm}\) to \(1 \mathrm{~nm}\) \((C)\) एक्स-किरणें \((iii)\) \(1 \mathrm{~mm}\) to \(700 \mathrm{~nm}\) \((D)\) गामा किरणें \((iv)\) \(1 \mathrm{~nm}\) to \(10^{-3} \mathrm{~nm}\) JEE Mains 2024 कठिन - \(5 \,g\) द्रव्यमान के कण की प्रक्षेप गति को चित्र द्वारा दर्शाया गया है: वायु के प्रतिरोध को उपेक्षणीय मानते हुए, कण का प्रारम्भिक वेग \(5 \sqrt{2}\, ms ^{-1}\) है। बिन्दुओं \(A\) और \(B\) के मध्य संवेग के परिमाण में हुए, परिवर्तन का मान \(x \times 10^{-2} \,kgms ^{-1}\) है। \(x\) का मान निकटतम पूर्णांक में \(.........\) है ।
JEE Mains 2021 कठिन - एक कार \(\mathrm{V}_1\) चाल से ' \(\mathrm{x}\) ' दूरी तय करती है, फिर उसी दिशा में \(\mathrm{V}_2\) चाल से ' \(\mathrm{x}\) ' दूरी तय करती है। कार की औसत चाल है :JEE Mains 2023 मध्यम
- पृथ्वी की सतह से ऊपर किसी बिन्दु \(P\) की ऊँचाई, पृथ्वी के व्यास के बराबर है। बिन्दु \(P\) पर गुरूत्वीय त्वरण का मान होगा: (दिया गया है :\(g =\) पृथ्वी की सतह पर गुरूत्वीय त्वरण)JEE Mains 2022 मध्यम
- नीचे दो कथन दिए गए है: इनमें से एक को अभिकथन \(\mathrm{A}\) से निरूपित किया गया है, एवं दूसरे को कारण \(R\) से निरूपित किया गया है। अभिकथन \(A\) : इलेक्ट्रान पुंज तरंग प्रवृत्ति प्रदर्शित करते हैं, एवं इनका व्यतिकरण एवं विवर्तन होता है। कारण \(R\) : डेविसन एवं जर्मर प्रयोग ने यह सिद्ध किया था कि इलेक्ट्रॉन तरंग प्रवृत्ति भी प्रदर्शित कर सकते हैं। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधित उपयुक्त उत्तर चुनें।JEE Mains 2023 मध्यम