JEE Mains · Physics · STD 12 - किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
- JEE Mains 2026
- मध्यम
- MCQ
5 cm फोकस दूरी के एक पतले उत्तल लेंस और 4 cm फोकस दूरी के एक पतले अवतल लेंस को एक-दूसरे से सटाकर रखा जाता है और इस संयोजन का आवर्धन \( m_{1} \) होता है, जब वस्तु को उत्तल लेंस के सामने 10 cm पर रखा जाता है। उत्तल लेंस और वस्तु की स्थितियों को अपरिवर्तित रखते हुए, अवतल लेंस को दूर हटाकर लेंसों के बीच 1 cm का अंतराल रखा जाता है, जिससे कुल लेंस निकाय का आवर्धन \( m_{2} \) हो जाता है।
\(\left|\frac{m_1}{m_2}\right|\) का मान __________ है।
उत्तर जाँचने के लिए एक विकल्प चुनें।
उत्तर और हल
सही उत्तर
(A) \( \frac{5}{6} \)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
Explanation:
आवर्धन के परिमाणों का अनुपात ज्ञात करने के लिए हम दोनों स्थितियों का क्रमिक विश्लेषण करते हैं:
स्थिति 1: जब दोनों लेंस परस्पर संपर्क में हैं (\( d = 0 \))
1. संयोजन की संयुक्त फोकस दूरी:
उत्तल लेंस की फोकस दूरी \( f_1 = +5\text{ cm} \) तथा अवतल लेंस की फोकस दूरी \( f_2 = -4\text{ cm} \) है। संपर्क में रखे दो पतले लेंसों की संयुक्त फोकस दूरी (\( F \)) का सूत्र है:
\( \frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2} \)
\( \frac{1}{F} = \frac{1}{5} + \frac{1}{-4} = \frac{4 - 5}{20} = -\frac{1}{20} \implies F = -20\text{ cm} \)
2. प्रतिबिम्ब की दूरी तथा आवर्धन (\( m_1 \)):
वस्तु की दूरी \( u = -10\text{ cm} \) है। लेंस सूत्र का उपयोग करने पर:
\( \frac{1}{v_1} - \frac{1}{u} = \frac{1}{F} \)
\( \frac{1}{v_1} - \frac{1}{-10} = \frac{1}{-20} \implies \frac{1}{v_1} = -\frac{1}{20} - \frac{1}{10} = -\frac{3}{20} \implies v_1 = -\frac{20}{3}\text{ cm} \)
इस स्थिति के लिए रैखिक आवर्धन \( m_1 \) निम्नलिखित होगा:
\( m_1 = \frac{v_1}{u} = \frac{-20/3}{-10} = \frac{2}{3} \)
स्थिति 2: जब लेंसों के मध्य की दूरी (\( d = 1\text{ cm} \)) हो जाती है
1. प्रथम लेंस (उत्तल लेंस) द्वारा अपवर्तन:
उत्तल लेंस के लिए, वस्तु की दूरी \( u_1 = -10\text{ cm} \) तथा \( f_1 = +5\text{ cm} \) है:
\( \frac{1}{v'_1} - \frac{1}{u_1} = \frac{1}{f_1} \)
\( \frac{1}{v'_1} - \frac{1}{-10} = \frac{1}{5} \implies \frac{1}{v'_1} = \frac{1}{5} - \frac{1}{10} = \frac{1}{10} \implies v'_1 = +10\text{ cm} \)
प्रथम लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन:
\( m'_1 = \frac{v'_1}{u_1} = \frac{10}{-10} = -1 \)
2. द्वितीय लेंस (अवलत लेंस) द्वारा अपवर्तन:
उत्तल लेंस द्वारा \( 10\text{ cm} \) की दूरी पर बनाया गया वास्तविक प्रतिबिम्ब, अवतल लेंस के लिए एक आभासी वस्तु (virtual object) का कार्य करता है। चूंकि अवतल लेंस को \( 1\text{ cm} \) दूर खिसकाया गया है, इसलिए अवतल लेंस से इस आभासी वस्तु की दूरी (\( u_2 \)) होगी:
\( u_2 = +10\text{ cm} - 1\text{ cm} = +9\text{ cm} \)
अवलत लेंस की फोकस दूरी \( f_2 = -4\text{ cm} \) के लिए लेंस सूत्र का अनुप्रयोग करने पर:
\( \frac{1}{v_2} - \frac{1}{u_2} = \frac{1}{f_2} \)
\( \frac{1}{v_2} - \frac{1}{9} = \frac{1}{-4} \implies \frac{1}{v_2} = \frac{1}{9} - \frac{1}{4} = \frac{4 - 9}{36} = -\frac{5}{36} \implies v_2 = -\frac{36}{5}\text{ cm} \)
द्वितीय लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन:
\( m'_2 = \frac{v_2}{u_2} = \frac{-36/5}{9} = -\frac{4}{5} \)
3. कुल समग्र आवर्धन (\( m_2 \)):
प्रणाली का कुल आवर्धन दोनों लेंसों के आवर्धनों का गुणनफल होता है:
\( m_2 = m'_1 \times m'_2 = (-1) \times \left(-\frac{4}{5}\right) = \frac{4}{5} \)
अनुपात का मान ज्ञात करना:
दोनों आवर्धनों के मानों की तुलना करने पर:
\( \left|\frac{m_1}{m_2}\right| = \frac{2/3}{4/5} = \frac{2}{3} \times \frac{5}{4} = \frac{5}{6} \)
अतः, विकल्प A सही उत्तर है।
आवर्धन के परिमाणों का अनुपात ज्ञात करने के लिए हम दोनों स्थितियों का क्रमिक विश्लेषण करते हैं:
स्थिति 1: जब दोनों लेंस परस्पर संपर्क में हैं (\( d = 0 \))
1. संयोजन की संयुक्त फोकस दूरी:
उत्तल लेंस की फोकस दूरी \( f_1 = +5\text{ cm} \) तथा अवतल लेंस की फोकस दूरी \( f_2 = -4\text{ cm} \) है। संपर्क में रखे दो पतले लेंसों की संयुक्त फोकस दूरी (\( F \)) का सूत्र है:
\( \frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2} \)
\( \frac{1}{F} = \frac{1}{5} + \frac{1}{-4} = \frac{4 - 5}{20} = -\frac{1}{20} \implies F = -20\text{ cm} \)
2. प्रतिबिम्ब की दूरी तथा आवर्धन (\( m_1 \)):
वस्तु की दूरी \( u = -10\text{ cm} \) है। लेंस सूत्र का उपयोग करने पर:
\( \frac{1}{v_1} - \frac{1}{u} = \frac{1}{F} \)
\( \frac{1}{v_1} - \frac{1}{-10} = \frac{1}{-20} \implies \frac{1}{v_1} = -\frac{1}{20} - \frac{1}{10} = -\frac{3}{20} \implies v_1 = -\frac{20}{3}\text{ cm} \)
इस स्थिति के लिए रैखिक आवर्धन \( m_1 \) निम्नलिखित होगा:
\( m_1 = \frac{v_1}{u} = \frac{-20/3}{-10} = \frac{2}{3} \)
स्थिति 2: जब लेंसों के मध्य की दूरी (\( d = 1\text{ cm} \)) हो जाती है
1. प्रथम लेंस (उत्तल लेंस) द्वारा अपवर्तन:
उत्तल लेंस के लिए, वस्तु की दूरी \( u_1 = -10\text{ cm} \) तथा \( f_1 = +5\text{ cm} \) है:
\( \frac{1}{v'_1} - \frac{1}{u_1} = \frac{1}{f_1} \)
\( \frac{1}{v'_1} - \frac{1}{-10} = \frac{1}{5} \implies \frac{1}{v'_1} = \frac{1}{5} - \frac{1}{10} = \frac{1}{10} \implies v'_1 = +10\text{ cm} \)
प्रथम लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन:
\( m'_1 = \frac{v'_1}{u_1} = \frac{10}{-10} = -1 \)
2. द्वितीय लेंस (अवलत लेंस) द्वारा अपवर्तन:
उत्तल लेंस द्वारा \( 10\text{ cm} \) की दूरी पर बनाया गया वास्तविक प्रतिबिम्ब, अवतल लेंस के लिए एक आभासी वस्तु (virtual object) का कार्य करता है। चूंकि अवतल लेंस को \( 1\text{ cm} \) दूर खिसकाया गया है, इसलिए अवतल लेंस से इस आभासी वस्तु की दूरी (\( u_2 \)) होगी:
\( u_2 = +10\text{ cm} - 1\text{ cm} = +9\text{ cm} \)
अवलत लेंस की फोकस दूरी \( f_2 = -4\text{ cm} \) के लिए लेंस सूत्र का अनुप्रयोग करने पर:
\( \frac{1}{v_2} - \frac{1}{u_2} = \frac{1}{f_2} \)
\( \frac{1}{v_2} - \frac{1}{9} = \frac{1}{-4} \implies \frac{1}{v_2} = \frac{1}{9} - \frac{1}{4} = \frac{4 - 9}{36} = -\frac{5}{36} \implies v_2 = -\frac{36}{5}\text{ cm} \)
द्वितीय लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन:
\( m'_2 = \frac{v_2}{u_2} = \frac{-36/5}{9} = -\frac{4}{5} \)
3. कुल समग्र आवर्धन (\( m_2 \)):
प्रणाली का कुल आवर्धन दोनों लेंसों के आवर्धनों का गुणनफल होता है:
\( m_2 = m'_1 \times m'_2 = (-1) \times \left(-\frac{4}{5}\right) = \frac{4}{5} \)
अनुपात का मान ज्ञात करना:
दोनों आवर्धनों के मानों की तुलना करने पर:
\( \left|\frac{m_1}{m_2}\right| = \frac{2/3}{4/5} = \frac{2}{3} \times \frac{5}{4} = \frac{5}{6} \)
अतः, विकल्प A सही उत्तर है।
Physics के और प्रश्न
- वायु में कोई रैखिकत : ध्रुवित विधुत चुम्बकीय तरंग \(E =3.1 \cos \left[(1.8) z -\left(5.4 \times 10^{6}\right) t \right] \hat{ i } \,N / C\) \(z = a\) पर स्थित किसी आदर्श परावर्ती दीवार पर अभिलम्बवत आपतन करती है। सही विकल्प चुनिए।JEE Mains 2021 मध्यम
- अनुनाद प्रयोग में, 100 cm और 120 cm लंबाई के दो वायु-स्तंभ (एक सिरे पर बंद), जब प्रत्येक अपनी मूल विधाओं में ध्वनि उत्पन्न करता है, तो 15 विस्पंद प्रति सेकंड देते हैं। वायु-स्तंभ में ध्वनि का वेग कितना है?JEE Mains 2025 मध्यम
- एक वृतीय गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल के मापन में सापेक्ष त्रुटि \(\alpha\) पायी गयी। उसी गोले के आयतन के मापन मं सापेक्ष त्रुटि होगीJEE Mains 2018 कठिन
- समुद्र के तल से वह गहराई जिस पर रबड़ की गेंद को ले जाने से उसका आयतन \(0.02 \%\) कम हो जाता है वो _______ \(\mathrm{m}\) है। (दिया है, समुद्री जल का घनत्व \(=10^3 \mathrm{kgm}^{-3}\), रबड़ का आयतन प्रत्यास्था गुणांक \(=9 \times 10^8 \mathrm{Nm}^{-2}\) तथा \(\left.\mathrm{g}=10 \mathrm{~ms}^{-2}\right)\)JEE Mains 2024 कठिन
- नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक अभिकथन \(A\) है और दूसरा कारण \(R\). अभिकथन \(A\) : कोई इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी, प्रकाशिक सूक्ष्मदर्शी की तुलना में बेहतर विभेदन क्षमता प्राप्त कर सकता है। कारण \(R\) : किसी इलेक्ट्रॉन प्रक्षेपी द्वारा उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की दे ब्राग्ली तरंगदैर्ध्य, दश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में बहुत कम होती है। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए।JEE Mains 2021 मध्यम
- \(1000\) फेरे एवं \(4 \;cm ^{2}\) फलक क्षेत्रफल वाली एक वृत्तीय अनुप्रस्थ काट की कुंडली को इसके अक्ष के समान्तर एक चुम्बकीय क्षेत्र में रखा गया है जो कि \(10^{-2} \;Wb m ^{-2} \; 0.01 \;s\) में घट जाता है। कुंण्डली में प्रेरित विद्युत वाहक बल हैJEE Mains 2014 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- समान द्रव्यमान के दो पिण्ड A और B, क्रमशः \(k_1\) और \(k_2\) स्प्रिंग नियतांकों वाली दो द्रव्यमानहीन स्प्रिंगों से निलंबित हैं। यदि पिण्ड ऊर्ध्वाधर दोलन करते हैं तथा उनके आयाम समान हैं, तो \(A\) के अधिकतम वेग का \(B\) के अधिकतम वेग से अनुपात _______ है।JEE Mains 2025 आसान
- एक विभवमापी परिपथ में, \(1.20\,V\) विदयुतवाहक बल \((emf)\) वाले सैल के लिए संतुलन बिंदू तार की \(36\,cm\) की लम्बाई पर मिलता है। अब इस सैल की जगह, \(1.80\,V\,emf\) वाला एक दूसरा सैल लगाया जाता है। उपरोक्त स्थितियों में, विभवमापी के तार की संतुलित लम्बाईयों में आए अंतर का मान \(...........cm\) होगा।JEE Mains 2022 कठिन
- दो कारें \(X\) तथा \(Y\) क्रमश: \(36\) किसी/घंटा तथा \(72\) किमी/घंटा से एक दूसरे की ओर चलती है। कार \(X\) के यात्री द्वारा उत्पन्न सीटी की आवत्ति, कार \(Y\) के यात्री द्वारा \(1320\) हर्ज प्रेक्षित होती है। यदि वायु में ध्वनि का वेग \(340\) मी/से है, सीटी की आवाज की वास्तविक उत्पन्न आवत्ति \(\dots\) हर्त्ज होती है।JEE Mains 2021 आसान
- निम्न प्रति क्वांटम वैध्युत -चुम्बकीय विकिरणों को उनकी ऊर्जा के बढते हुए क्रम में लगायें: \(A:\) नीला प्रकाश \(B:\) पीला प्रकाश \(C: X-\)किरणें \(D\) : रेडियो तरंगJEE Mains 2016 मध्यम
- \(\mathrm{Z}=4\) वाले एक हाइड्रोजन सदृश्य परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन चौथी ऊर्जा स्तर से दूसरी ऊर्जा स्तर में कूदता है। इस प्रक्रिया में उत्सर्जित ऊर्जा \(.........eV\) होगी (दिया है, \(\mathrm{Rch}=13.6 \mathrm{eV}\) ) जहाँ \(\mathrm{R}=\) रिडबर्ग नियतांक \(\mathrm{c}=\) प्रकाश की निर्वात में चाल \(\mathrm{h}=\) प्लांक नियतांकJEE Mains 2023 मध्यम