JEE Mains · Physics · STD 12 - तरंग-प्रकाशिकी
- JEE Mains 2020
- मध्यम
- संख्यात्मक
एक टेलीस्कोप के द्वारक का व्यास \(5 \,m\) है। पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की दूरी \(4 \times 10^{5}\, km\) है। यदि प्रकाश का तरंगदैर्ध्य \(5500 \,\mathring A\) लिया जाय तो चन्द्रमा पर दो वस्तुओं की बीच की न्यूनतम दूरी लगभग कितनी होगी जिससे उनमें विभेदन करा जा सके। (\(m\) में)
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(C) \(60\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
Let distance is \(x\) then
\(\mathrm{d} \theta=\frac{1.22 \lambda}{\mathrm{D}}(\mathrm{D}=\text { diameter })\)
\(\frac{\mathrm{x}}{\mathrm{d}}=\frac{1.22 \lambda}{\mathrm{D}}(\mathrm{d}=\text { distance between earth }\;and\; \text { moon })\)
\(\mathrm{x}=\frac{1.22 \times\left(5500 \times 10^{-10}\right) \times\left(4 \times 10^{8}\right)}{5}=53.68 \mathrm{m}\)
most appropriate is \(60 \mathrm{m}\)
Physics के और प्रश्न
- समरूप लंबाई तथा अनुप्रस्थ काट की तीन छड़े, भिन्न-भिन्न पदार्थो की बनी है जिनकी उष्मा चालकतायें क्रमशः \(K_{1}, K_{2}\), तथा \(K_{3}\) हैं। इनको चित्र के अनुसार एक लंबी छड़ के रूप में जोड़ दिया गया है। इस लंबी छड़ के एक सिरे को \(100^{\circ} C\) तथा दूसरे सिरे को \(0^{\circ} C\) पर रखते है (चित्र देखिये)। साम्यावस्था में छड़ को संधियों के तापमान \(70^{\circ} C\) और \(20^{\circ} C\) हैं। यदि छड़ की सतहों से उष्मा का क्षय नही होता है, तो \(K _{1}, K _{2}\) तथा \(K _{3}\) के बीच सही सबंध होगा -
JEE Mains 2020 कठिन - दो डोरियाँ (A, B) जिनके रेखीय घनत्व \(\mu_{ A }=2 \times 10^{-4} kg / m\) तथा \(\mu_{ B }=4 \times 10^{-4} kg / m\) और लंबाइयाँ \(L _{ A }=2.5 m\) तथा \(L _{ B }=1.5 m\) क्रमशः हैं, उसको आपस मे जोड़ी जाती हैं। A और B के मुक्त सिरे क्रमशः दो दृढ़ आधारों C और D से बाँधे गए हैं, जिससे तार में 500 N का तनाव उत्पन्न होता है। C और D सिरों से भेजे गए दो समरूप स्पंद जोड़ तक पहुँचने में क्रमशः \(t_1\) और \(t_2\) समय लेते हैं। अनुपात \(t_1 / t_2\) है :JEE Mains 2026 मध्यम
- नीचे दिए गए चित्र को देखें, टर्मिनलों \(A\) और \(B\) के बीच धारा _____ A है।
JEE Mains 2026 कठिन - एक पारदर्शी ब्लॉक A जिसका अपवर्तनांक \(\mu=1.25\) है, एक अन्य माध्यम से घिरा हुआ है जिसका अपवर्तनांक \(\mu=1.0\) है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। एक प्रकाश किरण ब्लॉक की समतल सतह पर आपतन कोण \(\theta\) पर आपतित होती है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। \(\theta\) का अधिकतम मान क्या है जिसके लिए प्रकाश ब्लॉक की ऊपरी सतह पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन से गुजरता है?
JEE Mains 2025 मध्यम - एक हाइड्रोजन परमाणु को मूल अवस्था में \(10.2 \mathrm{eV}\) ऊर्जा दी जाती है। इलेक्ट्रॉनों के संक्रमण के कारण कितनी स्पेक्ट्रमी रेखाएँ उत्सर्जित होंगी?JEE Mains 2024 मध्यम
- किसी एकपरमाणुक आदर्श गैस के \(2\) मोल, \(27^{\circ} C\) तापमान पर \(V\) आयतन घेरते है। गैस का आयतन रूद्वोष्म प्रक्रम द्वारा फैल कर \(2\, V\) हो जाता है। गैस के \((A)\) अंतिम तापमान का मान एवं \((B)\) उसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन का मान होगाJEE Mains 2018 मध्यम
JEE Mains के और PYQ
- 1 m लंबाई और 4 cm त्रिज्या की एक बेलनाकार छड़ को ऊर्ध्वाधर रूप से स्थापित किया गया है। इसके ऊपरी सिरे पर \(10^5 \mathrm{~N}\) का अपरूपण बल लगाया जाता है। ऊपरी किनारे में अत्यंत अल्प विस्थापन पर विचार करते हुए, छड़ की अक्ष का उसकी मूल स्थिति से कोणीय विस्थापन \(\theta\) कितना होगा? (अपरूपण गुणांक, \(\left.\mathrm{G}=10^{10} \mathrm{~N} / \mathrm{m}^2\right)\)JEE Mains 2025 मध्यम
- नीचे दिए गए कथनों में से :
\((A)\) \(n\)वीं कक्षा में एक इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग \(h\) का एक पूर्णांक गुणज होता है।
\((B)\) नाभिकीय बल व्युत्क्रम वर्ग नियम का पालन नहीं करते हैं।
\((C)\) नाभिकीय बल स्पिन-निर्भर होते हैं।
\((D)\) नाभिकीय बल केंद्रीय और आवेश-स्वतंत्र होते हैं।
\((E)\) नाभिक की स्थिरता संकुलन गुणांक के मान के व्युत्क्रमानुपाती होती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:JEE Mains 2024 कठिन - एक प्रेरक कुण्डली \(64 \,J\) चुम्बकीय क्षेत्र ऊर्जा एकत्रित करती है तथा \(640\) वाट की दर से ऊर्जा क्षय करती है जब इससे \(8\) एम्पियर की धारा प्रवाहित होती है। यदि कुण्डली को आदर्श बैटरी से जोड़ दिया जाए, तो परिपथ का समय नियतांक सेकण्ड में ज्ञात कीजिए।JEE Mains 2021 कठिन
- नीचे दो कथन दिये है कथन \(I :\) हाइड्रोजन परमाणु में जब इलेक्ट्रॉन निम्न ऊर्जा स्तर \(\left( E _1\right)\) से उच्च ऊर्जा स्तर \(\left( E _2\right)\) में जाता है तब उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति \(hf = E _1- E _2\) होती है । कथन\(-II:\) जब इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर \(\left( E _2\right)\) से निम्न ऊर्जा स्तर \(\left( E _1\right)\) में जाता है तब उत्सर्जित विकिरण की आवृति \(f =\left( E _2- E _1\right) / h\) होती है। यह बोहर की आवृत्ति की शर्त है। उपरोक्त कथनों के आधार पर सही विकल्प चुनियेJEE Mains 2022 मध्यम