JEE Mains · Physics · STD 11 - समतल में गति
- JEE Mains 2025
- कठिन
- संख्यात्मक
1 m लंबाई की एक नली 2 M द्रव्यमान के एक आदर्श द्रव से पूरी तरह भरी हुई है और दोनों सिरों पर बंद है। नली को इसके एक सिरे के परितः क्षैतिज तल में एकसमान रूप से घुमाया जाता है। यदि दूसरे सिरे पर द्रव द्वारा लगाया गया बल F है तो नली का कोणीय वेग SI मात्रक में \(\sqrt{\frac{\mathrm{F}}{\alpha \mathrm{M}}}\) है। \(\alpha\) का मान __________ है।
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उत्तर और हल
सही उत्तर
(D) 1
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
स्पष्टीकरण:
आइए सतत द्रव स्तंभ द्वारा लगाए गए कुल अपकेंद्रीय बल (centrifugal force) की गणना समाकलन (integration) पद्धति से चरण-दर-चरण करें:
1. समाकलन अवयव (Element) का चयन:
मान लीजिए ट्यूब की कुल लम्बाई \( L = 1\text{ m} \) है और द्रव का कुल द्रव्यमान \( m = 2M \) है। घूर्णन अक्ष से \( x \) दूरी पर स्थित \( dx \) चौड़ाई के द्रव के एक छोटे से हिस्से (element) पर विचार करें।
इस छोटे हिस्से का द्रव्यमान होगा:
\( dm = \frac{m}{L} dx \)
2. कुल अपकेंद्रीय बल की गणना:
घूर्णन के कारण इस छोटे से हिस्से द्वारा बाहर की ओर लगने वाला बल निम्नलिखित है:
\( dF = (dm) \omega^2 x = \left(\frac{m}{L} dx\right) \omega^2 x \)
बाहरी सिरे पर लगने वाले कुल बल \( F \) को ज्ञात करने के लिए, हम इसका \( x = 0 \) से \( x = L \) तक समाकलन करते हैं:
\( F = \int_{0}^{L} \frac{m}{L} \omega^2 x dx = \frac{m}{L} \omega^2 \left[ \frac{x^2}{2} \right]_{0}^{L} \)
\( F = \frac{m}{L} \omega^2 \frac{L^2}{2} = \frac{1}{2} m \omega^2 L \)
(यह द्रव्यमान केंद्र के सूत्र \( F = m \omega^2 r_{cm} \) के समान है, जहाँ \( r_{cm} = \frac{L}{2} = 0.5\text{ m} \) है। द्रव्यमान पूरे ट्यूब में फैला होने के कारण सीधे \( R = 1\text{ m} \) नहीं लिया जा सकता।)
3. दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करना:
अब समीकरण में \( L = 1\text{ m} \) और \( m = 2M \) का मान रखने पर:
\( F = \frac{1}{2} (2M) \omega^2 (1) = M \omega^2 \)
कोणीय वेग \( \omega \) के लिए हल करने पर:
\( \omega^2 = \frac{F}{M} \implies \omega = \sqrt{\frac{F}{M}} \)
इस परिणाम की तुलना प्रश्न में दिए गए व्यंजक \( \omega = \sqrt{\frac{F}{\alpha M}} \) से करने पर हमें प्राप्त होता है कि \( \alpha = 1 \) है।
अतः विकल्प D सही उत्तर है।
आइए सतत द्रव स्तंभ द्वारा लगाए गए कुल अपकेंद्रीय बल (centrifugal force) की गणना समाकलन (integration) पद्धति से चरण-दर-चरण करें:
1. समाकलन अवयव (Element) का चयन:
मान लीजिए ट्यूब की कुल लम्बाई \( L = 1\text{ m} \) है और द्रव का कुल द्रव्यमान \( m = 2M \) है। घूर्णन अक्ष से \( x \) दूरी पर स्थित \( dx \) चौड़ाई के द्रव के एक छोटे से हिस्से (element) पर विचार करें।
इस छोटे हिस्से का द्रव्यमान होगा:
\( dm = \frac{m}{L} dx \)
2. कुल अपकेंद्रीय बल की गणना:
घूर्णन के कारण इस छोटे से हिस्से द्वारा बाहर की ओर लगने वाला बल निम्नलिखित है:
\( dF = (dm) \omega^2 x = \left(\frac{m}{L} dx\right) \omega^2 x \)
बाहरी सिरे पर लगने वाले कुल बल \( F \) को ज्ञात करने के लिए, हम इसका \( x = 0 \) से \( x = L \) तक समाकलन करते हैं:
\( F = \int_{0}^{L} \frac{m}{L} \omega^2 x dx = \frac{m}{L} \omega^2 \left[ \frac{x^2}{2} \right]_{0}^{L} \)
\( F = \frac{m}{L} \omega^2 \frac{L^2}{2} = \frac{1}{2} m \omega^2 L \)
(यह द्रव्यमान केंद्र के सूत्र \( F = m \omega^2 r_{cm} \) के समान है, जहाँ \( r_{cm} = \frac{L}{2} = 0.5\text{ m} \) है। द्रव्यमान पूरे ट्यूब में फैला होने के कारण सीधे \( R = 1\text{ m} \) नहीं लिया जा सकता।)
3. दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करना:
अब समीकरण में \( L = 1\text{ m} \) और \( m = 2M \) का मान रखने पर:
\( F = \frac{1}{2} (2M) \omega^2 (1) = M \omega^2 \)
कोणीय वेग \( \omega \) के लिए हल करने पर:
\( \omega^2 = \frac{F}{M} \implies \omega = \sqrt{\frac{F}{M}} \)
इस परिणाम की तुलना प्रश्न में दिए गए व्यंजक \( \omega = \sqrt{\frac{F}{\alpha M}} \) से करने पर हमें प्राप्त होता है कि \( \alpha = 1 \) है।
अतः विकल्प D सही उत्तर है।
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