JEE Mains · Physics · STD 12 - स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
- JEE Mains 2024
- कठिन
- संख्यात्मक
\(+\mathrm{q}\) तथा \(-\mathrm{q}\) आवेशों के बीच की दूरी \(2 l\) तथा \(+2 \mathrm{q}\) तथा \(-2 \mathrm{q}\) आवेशों के बीच की दूरी \(4 l\) है। केन्द्र \(\mathrm{O}\) से \(r\) दूरी पर बिन्दु \(P\) पर स्थित विद्युत विभव \(-\alpha\left[\frac{\mathrm{ql}}{\mathrm{r}^2}\right] \times 10^9 \mathrm{~V}\) है, जहाँ \(\alpha\) का मान _______ है। (दिया है \(\frac{1}{4 \pi \varepsilon_0}=9 \times 10^9 \mathrm{Nm}^2 \mathrm{C}^{-2}\) )

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उत्तर और हल
सही उत्तर
(C) \(27\)
चरण-दर-चरण हल
विस्तृत व्याख्या
\(\mathrm{V}=\frac{\mathrm{K} \dot{\mathrm{p}} \cdot \overrightarrow{\mathrm{r}}}{\mathrm{r}^3}=\frac{9 \times 10^9(6 \mathrm{q} \ell)}{\mathrm{r}^2} \cos \left(120^{\circ}\right)\)
\(=-(27)\left(\frac{\mathrm{q} \ell}{\mathrm{r}^2}\right) \times 10^9 \mathrm{Nm}^2 \mathrm{c}^{-2}\)
\(\Rightarrow \alpha=27\)
Physics के और प्रश्न
- दो तारों \(W_{1}\) तथा \(W_{2}\) की समान त्रिज्या \(r\) है तथा घनत्व क्रमशः \(\rho_{1}\) और \(\rho_{2}\) इस प्रकार हैं कि \(\rho_{2}=4 \rho_{1}\) । चित्रानुसार इन तारों को बिन्दु \(O\) पर जोड़ा गया है। इस संयोजन को सोनोमीटर के तार के रूप में प्रयोग करते हैं और इसे तनाव \(T\) पर रखते हैं। बिन्दु \(O\), दोनों सेतुओं के मध्य में हैं। इस संयुक्त तार में एक अप्रगामी तरंग उत्पत्र की जाती हैं तो जोड़ पर निस्पंद (node) बनता है। \(W_{1}\) व \(W_{2}\) तारों में बने प्रस्पंदों (antinode) की संख्या का अनुपात होगा
JEE Mains 2017 मध्यम - एक कण समय \(t =0\) पर मूल बिन्दू से प्रारम्भिक वेग \(3.0 \hat{ i } \,m /\) \(s\) और त्वरण \((6.0 \hat{ i }+4.0 \hat{ j }) \,m / s ^{2}\) से चलना शुरू करते हुए \(x - y\) समतल में चलता है। उस क्षण पर जब इस कण के लिये \(y\) का मान \(32\, m\) हो \(x\) का मान \(D\) meters है। \(D\) का मान होगा।JEE Mains 2020 मध्यम
- निम्नलिखित में से कौन सी समीकरण प्रगामी तरंग का निरूपण करती है?JEE Mains 2021 आसान
- किसी हाइड्रोजन परमाणु की \(n =5\) अवस्था से \(n =1\) अवस्था पर जाने और किसी फोटॉन को उत्सर्जित करने के पश्चात प्रतिक्षेप चाल होगी \(\dots \; m/s\)JEE Mains 2021 कठिन
- एक ऊध्व्वाधर चिकने अर्द्धवृत्तीय पथ के बिन्दु \(X\) से एक कण को इस प्रकार छोड़ा जाता हैं कि \(OX\) ऊध्र्वाधर से कोण \(\theta\) बनाता हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया हैं। कण के ऊपर पथ की अभिलम्ब प्रतिक्रिया बिन्दु \(Y\) पर समाप्त हो जाती हैं जहाँ \(OY\) क्षैतिज से कोण \(\phi\) बनाता है। तब :
JEE Mains 2014 कठिन - त्रिज्या \(R\) की एक लम्बी परिनालिका (solenoid) में \(I ( t )= I _{0} t (1- t )\) मान की समय \((t)\) के साथ बदलती हुई विधुत धारा बह रही है। इसके बीच के हिस्से के पास \(2 R\) त्रिज्या की एक समकक्ष रिंग (ring) रखी हुई है। समय अन्तराल \(0 \leq t \leq 1\) में रिंग में प्रेरित विधुत धारा \(\left( I _{ R }\right)\) व प्रेरित विधुत-वाहक बल \(\left( V _{ R }\right)\) किस प्रकार से बदलते है?JEE Mains 2020 कठिन
JEE Mains के और PYQ
- सूची \(I\) का सूची \(II\) से मिलान करें।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:सूची \(I\) सूची \(II\) \(A\). स्प्रिंग नियतांक \(I\).\(\left(\mathrm{T}^{-1}\right)\) \(B\). कोणीय चाल \(II\).\(\left(\mathrm{MT}^{-2}\right)\) \(C\). कोणीय संवेग \(III\).\(\left(\mathrm{ML}^2\right)\) \(D\).जड़त्वाघूर्ण \(IV\). \(\left(\mathrm{ML}^2 \mathrm{~T}^{-1}\right)\) JEE Mains 2023 मध्यम - चित्र में दिखाये गये एक चक्रीय प्रक्रम \(ABCDA\) के अनुसार \(n\) मोल आदर्श गैस से एक इंजन चलाया जाता है। इंजन की तापीय क्षमता होगी : ( दिया है : \(C _{ v }=1.5 R\), जहाँ \(R\) गैस नियतांक है।)
JEE Mains 2017 कठिन - \(L _1\) तथा \(L _2\) स्वप्रेरकत्व वाली दो कुण्डलियो को श्रेणी क्रम में संयोजित गया है, जहाँ \(M\) कुण्डलियों का अनोन्य प्रेरकत्व है। संयोजन का तुल्य स्वप्रेरकत्व होगा-
JEE Mains 2022 मध्यम - एक प्रक्षेप्य को क्षैतिज से \(\theta\) कोण पर \(25\,m / s\) वेग के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। \(t\) सेकण्ड पश्चात इसका क्षैतिज से झुकाव शून्य हो जाता है। यदि \(R\) प्रक्षेप्य की क्षैतिज परास है तो \(\theta\) का मान ज्ञात कीजिए-: \(\left[ g =10\,m / s ^2\right.\) लें]JEE Mains 2022 मध्यम